एशियन गेम्स 2026: मिक्स्ड 4x100 मीटर रिले में भारत का ब्रॉन्ज और नेशनल रिकॉर्ड 41.06 सेकंड
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मिक्स्ड 4x100 मीटर रिले टीम ने 29 सितंबर को नागोया में 41.06 सेकंड का नया नेशनल रिकॉर्ड बनाते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता। गुरिंदरवीर सिंह, स्नेहा सत्यनारायण, अनिमेष कुजूर और हरिता भद्रा की चौकड़ी ने यह उपलब्धि हासिल की। यह भारतीय ट्रैक एंड फील्ड के लिए उसी दिन का दूसरा बड़ा पदक था।
रेस का हालचाल और पदक तालिका
चीन ने 40.78 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि थाईलैंड 40.87 सेकंड के साथ दूसरे स्थान पर रहा। भारत तीसरे स्थान पर रहा और चैंपियन चीन से केवल 0.28 सेकंड पीछे था — एक अत्यंत प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन।
गौरतलब है कि भारतीय चौकड़ी ने इससे पहले गैबोरोन में आयोजित वर्ल्ड रिले 2026 में राहुल कुमार, नित्या गांधे, अनिमेष कुजूर और स्नेहा सत्यनारायण द्वारा बनाए गए 41.35 सेकंड के पुराने नेशनल रिकॉर्ड में सुधार किया।
हरिता भद्रा का ऐतिहासिक दोहरा पदक
हरिता भद्रा के लिए यह एशियन गेम्स 2026 में दूसरा पदक था। इससे पहले महाराष्ट्र की इस 23 वर्षीय स्प्रिंटर ने महिलाओं की 200 मीटर फाइनल में 23.20 सेकंड का समय लेकर ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
वह 2018 में दुती चंद के बाद एशियन गेम्स में 200 मीटर इवेंट में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। हरिता ने इन गेम्स से पहले नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 23.14 सेकंड का पर्सनल बेस्ट बनाया था।
महिलाओं की 4x400 मीटर रिले में भारत का स्वर्ण
उसी दिन महिलाओं की 4x400 मीटर रिले में भारत ने गोल्ड मेडल जीता। किरण पहल, एमआर पूवम्मा, प्राची और विथ्या की टीम ने 3:29.69 मिनट के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया — यह भारतीय महिला एथलेटिक्स के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
अन्य उल्लेखनीय प्रदर्शन
अनिमेष कुजूर पुरुषों की 200 मीटर फाइनल में 20.80 सेकंड के समय के साथ पाँचवें स्थान पर रहे। वहीं गुरिंदरवीर सिंह, जो पुरुषों की 100 मीटर के नेशनल रिकॉर्ड होल्डर भी हैं, ने इस वर्ष मई में 10.09 सेकंड का समय लेकर 100 मीटर दौड़ 10.10 सेकंड से कम में पूरी करने वाले पहले भारतीय पुरुष बनने का रिकॉर्ड दर्ज किया था।
यह प्रदर्शन दर्शाता है कि भारतीय स्प्रिंट एथलेटिक्स एक नई पीढ़ी के नेतृत्व में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है — और नागोया में मिली इस सफलता से आने वाले विश्व चैंपियनशिप अभियानों में भारतीय उम्मीदें और मजबूत होंगी।