एशियन पैरा गेम्स 2026: यौन उत्पीड़न के आरोप में भारतीय तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख वापस स्वदेश
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख को जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 के दौरान होटल की एक महिला कर्मचारी के साथ कथित छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के आरोप में भारत वापस भेज दिया गया है। पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) ने यह निर्णय घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से लिया। शेख को बुधवार को 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक इवेंट में भाग लेना था, लेकिन घटना के बाद उनकी प्रतिस्पर्धा में भागीदारी संभव नहीं हो सकी।
घटनाक्रम: क्या हुआ होटल में
सोमवार को फोर पॉइंट्स बाय शेरेटन होटल में यह घटना सामने आई। नेपाली मूल की एक महिला हाउसकीपिंग स्टाफ ने शिकायत दर्ज कराई कि शेख ने उन्हें गलत तरीके से छूने और टटोलने की कोशिश की। महिला तुरंत कमरे से बाहर निकलीं और अपने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। इसके तत्काल बाद जापान पुलिस ने शेख को हिरासत में ले लिया।
PCI की प्रतिक्रिया और संभावित प्रतिबंध
घटना की जानकारी मिलते ही पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) ने शेख को प्रतिनिधिमंडल से हटाकर स्वदेश भेजने का फैसला किया। रिपोर्टों के अनुसार, PCI अब 40 वर्षीय इस तैराक पर आजीवन प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है, जो उनके खेल करियर का पूर्ण अंत हो सकता है। गौरतलब है कि कोई औपचारिक निर्णय लेने से पहले PCI मोहम्मद शम्स आलम शेख का पक्ष सुनेगी। खेलों के समाप्त होने के बाद मामले की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
होटल और जापानी अधिकारियों का रुख
जानकारी के अनुसार, होटल प्रबंधन और एशियन पैरा गेम्स के आयोजकों ने भारतीय अधिकारियों से शेख के विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी माँगी है। शेख को मिलने वाली सज़ा के आधार पर जापान के अधिकारी और होटल प्रबंधन अपने स्तर पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेंगे। यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खेल प्रतिनिधिमंडल की छवि के लिए भी संवेदनशील माना जा रहा है।
शेख का खेल करियर और उपलब्धियाँ
बिहार के मूल निवासी मोहम्मद शम्स आलम शेख पुरुषों की 100 मीटर बटरफ्लाई (S5) और 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक (SB4) स्पर्धाओं में पूर्व विश्व नंबर-1 का दर्जा हासिल कर चुके हैं। उन्होंने 2018 जकार्ता एशियन पैरा गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 200 मीटर और 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते थे। इसके अतिरिक्त, 2025 में रेक्याविक इंटरनेशनल गेम्स में भी उन्होंने 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय पैरा खेल समुदाय अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान मजबूत करने में जुटा है।
आगे क्या होगा
PCI के अनुसार, एशियन पैरा गेम्स 2026 समाप्त होने के बाद मामले की विधिवत समीक्षा की जाएगी और शेख को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। यदि आजीवन प्रतिबंध लगाया गया, तो यह भारतीय पैरा खेलों में अनुशासन संबंधी अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाइयों में गिनी जाएगी। जापानी अधिकारियों की प्रतिक्रिया भी भारत द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगी।