फीफा वर्ल्ड कप 2026: ऑस्ट्रेलिया ने तुर्की को 2-0 से रौंदा, इरानकुंडा बने सबसे युवा गोलस्कोरर
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप डी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने 14 जून को वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में तुर्की को 2-0 से हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। नेस्टोरी इरानकुंडा और कॉनर मेटकाफ के गोलों की बदौलत यह 2006 के बाद फीफा वर्ल्ड कप के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया की पहली जीत है।
मुख्य घटनाक्रम
मैच की शुरुआत से ही ऑस्ट्रेलिया का दबदबा साफ नज़र आया। टीम ने लगातार आक्रामक खेल दिखाते हुए तुर्की के डिफेंस को परेशान किया। 27वें मिनट में पॉल ओकॉन-एंगस्टलर के बेहतरीन पास पर नेस्टोरी इरानकुंडा ने डिफेंडर को छकाते हुए गेंद गोलपोस्ट में पहुँचाई और ऑस्ट्रेलिया को 1-0 की बढ़त दिला दी। पहले हाफ के अंत तक यही स्कोर बना रहा।
इरानकुंडा का ऐतिहासिक गोल
20 वर्षीय इरानकुंडा इस गोल के साथ फीफा वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया की ओर से गोल दागने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। यह उपलब्धि ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है। गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया को इस टूर्नामेंट में अंडरडॉग माना जा रहा था, लेकिन युवा खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी काबिलियत साबित की।
गोलकीपर पैट्रिक बीच का शानदार डेब्यू
युवा गोलकीपर पैट्रिक बीच ने अपने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर उम्दा प्रदर्शन किया। 56वें मिनट में तुर्की के स्टार खिलाड़ी अर्दा गुलेर के खतरनाक शॉट को बीच ने डाइव लगाकर बचाया। इससे पहले 53वें मिनट में हैरी साउटर के हेडर को तुर्की के गोलकीपर उगुरकान काकिर ने विफल किया था।
मेटकाफ ने किया जीत पक्की
75वें मिनट में कॉनर मेटकाफ ने दूसरा गोल दागकर ऑस्ट्रेलिया की बढ़त 2-0 कर दी और जीत को अटल बना दिया। इसके बाद तुर्की ने कई प्रयास किए, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस और गोलकीपर की दीवार को भेद नहीं पाई।
आगे क्या
इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ग्रुप डी में मज़बूत स्थिति में आ गई है। यह नतीजा तुर्की के लिए झटका है, जो अब अगले मैचों में दबाव में होगी। ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल टीम का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि 2006 के जर्मनी वर्ल्ड कप के बाद एक नई पीढ़ी मैदान पर दस्तक दे रही है।