बादल बिस्वाल का खुलासा: जडेजा हैं मेरे आदर्श, विटोरी से सीखी स्पिन की बारीकियाँ
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा टी20 लीग-सीएम में भुवनेश्वर टाइगर्स के लिए दमदार प्रदर्शन कर रहे युवा बाएं हाथ के स्पिनर बादल बिस्वाल ने 22 सितंबर 2026 को कटक में टीम की जीत के बाद खुलासा किया कि भारतीय स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा उनके क्रिकेटिंग आदर्श हैं, और न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान एवं ऑलराउंडर डेनियल विटोरी को भी वे बेहद करीब से फॉलो करते हैं। मात्र 12 वर्ष की आयु से क्रिकेट खेल रहे बिस्वाल अब हर मौके को अपने खेल को निखारने के अवसर के रूप में देख रहे हैं।
टीम का सकारात्मक माहौल रहा जीत की बुनियाद
भुवनेश्वर टाइगर्स की जीत के बाद बिस्वाल ने कहा, 'टीम में हर कोई बहुत सहयोगी स्वभाव का रहा है और माहौल शुरू से ही बहुत सकारात्मक रहा है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि कोच, कप्तान, सहयोगी स्टाफ और मालिकों ने सभी खिलाड़ियों को भरपूर आत्मविश्वास दिया और यह एहसास दिलाया कि पूरी टीम एकजुट होकर मैदान में उतरती है। 'परिणाम की परवाह किए बिना उन्होंने हमारा साथ दिया है — इसी भरोसे से हमें मैदान में खुद को एक्सप्रेस करने की आज़ादी मिलती है।'
डॉट बॉल से दबाव बनाना रही बिस्वाल की रणनीति
बाराबती स्टेडियम, कटक में अपने स्पेल के दौरान बिस्वाल का फोकस अधिकाधिक डॉट बॉल डालकर विपक्षी बल्लेबाज़ों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने पर रहा। उन्होंने कहा, 'टी20 क्रिकेट में कभी-कभी छक्का खाना खेल का हिस्सा है, लेकिन एक बाउंड्री को आत्मविश्वास पर हावी नहीं होने दे सकते।' बिस्वाल का मानना है कि सही लेंथ और अपने प्लान पर भरोसा ही सफलता की कुंजी है।
टार्गेट डिफेंड करते वक्त शांति और फोकस रहा अहम
जब टीम को स्कोर डिफेंड करना था, तब बिस्वाल ने कहा कि टीम ने एक-दूसरे पर पूरा भरोसा किया और तय योजना से नहीं भटके। 'हम जानते थे कि गेम जल्दी बदल सकता है, लेकिन शांत और फोकस्ड रहना ज़रूरी था।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भुवनेश्वर टाइगर्स का लक्ष्य यह पूरा टूर्नामेंट जीतना है और हर मैच उस लक्ष्य की तरफ एक कदम है।
जडेजा और विटोरी से प्रेरणा, दिल्ली से ओडिशा तक का सफर
बिस्वाल का जन्म और प्रारंभिक पालन-पोषण दिल्ली में हुआ, इसके बाद वे ओडिशा आ गए और लगभग 12 साल की उम्र से क्रिकेट खेल रहे हैं। एक बाएं हाथ के स्पिनर और ऑलराउंडर के तौर पर वे रवींद्र जडेजा की मेहनत और निरंतरता से प्रेरणा लेते हैं। साथ ही, डेनियल विटोरी की बाएं हाथ की स्पिन कला को उन्होंने करीब से आत्मसात किया है — दोनों ही खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सर्वोच्च स्तर पर वर्षों तक लगातार प्रदर्शन किया है।
आगे का लक्ष्य: हर विभाग में बेहतरी
बिस्वाल ने कहा कि वे एक सच्चे ऑलराउंडर के रूप में बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी और फील्डिंग — तीनों विभागों में खुद को बेहतर बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं हर मौके से सीखना चाहता हूं और कड़ी मेहनत करना जारी रखना चाहता हूं।' यह सफर अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन बिस्वाल की सोच और अनुशासन उन्हें आगे ले जाने की क्षमता रखती है।