बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने मंजरुल इस्लाम पर यौन उत्पीड़न के आरोपों के चलते लगाया बैन
सारांश
Key Takeaways
- मंजरुल इस्लाम पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं।
- बीसीबी ने स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया था।
- दो आरोपों की पुष्टि की गई है।
- महिला बांग्लादेश प्रीमियर लीग 4 अप्रैल से शुरू होगी।
- गाजी अशरफ हुसैन का कार्यकाल एक महीने के लिए बढ़ा दिया गया है।
नई दिल्ली, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने बुरे आचरण के आरोपों के संदर्भ में पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मंजरुल इस्लाम को अपनी क्रिकेट गतिविधियों में किसी भी प्रकार से शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया है। यह निर्णय रविवार को शेर-ए-बांग्ला राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित बोर्ड की बैठक में लिया गया। उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान जहानारा आलम ने मंजरुल पर 2022 विश्व कप के दौरान यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
बीसीबी के अनुसार, जहानारा द्वारा लगाए गए 4 आरोपों की जांच की गई, जिनमें से दो आरोपों को अपर्याप्त साक्ष्यों के कारण खारिज कर दिया गया। वहीं, अन्य दो आरोपों में अनुचित आचरण के प्रमाण पाए गए हैं।
पूर्व में महिला टीम के चयनकर्ता और प्रबंधक के रूप में कार्यरत मंजरुल का कार्यकाल पिछले साल जून में समाप्त हुआ था। जांच में समिति ने पाया कि उनका व्यवहार पेशेवर मानकों के अनुरूप नहीं था और यह संबंधित सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के तहत दुर्व्यवहार और उत्पीड़न की परिभाषा में आता है।
बीसीबी ने आरोपों की पुष्टि करते हुए कहा, "बांग्लादेश महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान जहानारा आलम द्वारा दिए गए शिकायत की जांच के लिए बीसीबी ने स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया था। समिति के निष्कर्षों के आधार पर, बोर्ड ने मंजरुल इस्लाम पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी क्रिकेट गतिविधि में शामिल होने से प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।"
इसके साथ ही, बीसीबी ने चयन समिति के अध्यक्ष गाजी अशरफ हुसैन के कार्यकाल को एक महीने के लिए बढ़ाने की भी घोषणा की है। अशरफ का कार्यकाल 28 फरवरी को समाप्त होने वाला था। बीसीबी ने महिला बांग्लादेश प्रीमियर लीग के पहले सीजन के कार्यक्रम को भी मंजूरी दे दी है। टूर्नामेंट की शुरुआत 4 अप्रैल से होगी और फाइनल मुकाबला 14 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा।