30 जुलाई 2026
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अजिंक्य रहाणे के संन्यास पर बीसीसीआई अध्यक्ष मन्हास और सचिव सैकिया ने की भावभीनी सराहना

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अजिंक्य रहाणे के संन्यास पर बीसीसीआई अध्यक्ष मन्हास और सचिव सैकिया ने की भावभीनी सराहना

सारांश

अजिंक्य रहाणे का संन्यास सिर्फ एक खिलाड़ी की विदाई नहीं — यह उस पीढ़ी के जाने का प्रतीक है जिसने विपरीत परिस्थितियों में गाबा जैसी ऐतिहासिक जीत से भारतीय क्रिकेट को नई पहचान दी। बीसीसीआई ने उनके रनों से परे उनके नेतृत्व और चरित्र को सच्ची विरासत बताया।

मुख्य बातें

अजिंक्य रहाणे ने 30 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की।
बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास और सचिव देवजीत सैकिया ने उनके करियर की सराहना की।
रहाणे ने 85 टेस्ट में 5,077 रन , 90 वनडे में 2,962 रन और 20 टी20 मैचों में 375 रन बनाए।
2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में उनकी कप्तानी में भारत ने गाबा में ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
सैकिया ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में रहाणे का योगदान उनके बनाए रनों से कहीं अधिक था।

अजिंक्य रहाणे ने 30 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की, जिसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष मिथुन मन्हास और सचिव देवजीत सैकिया ने उनके शानदार करियर की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं। 38 वर्षीय रहाणे ने 2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था और तीनों प्रारूपों में देश का प्रतिनिधित्व किया।

मन्हास ने क्या कहा

बीसीसीआई की ओर से जारी आधिकारिक बयान में अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने कहा, 'अजिंक्य रहाणे का करियर इस बात का एक अच्छा उदाहरण है कि टीम को सबसे पहले रखने का क्या मतलब है। उन्होंने विश्व क्रिकेट की कुछ सबसे मुश्किल परिस्थितियों में अपने प्रदर्शन से नाम कमाया और विदेशों में भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक बन गए।'

मन्हास ने 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में रहाणे की कप्तानी को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए कहा, 'पहले टेस्ट के बाद कमान संभालने के बाद, उन्होंने मुश्किल हालात में एक युवा टीम को लीड किया और मशहूर सीरीज जीत दिलाई, जिसका नतीजा गाबा में ऐतिहासिक जीत के रूप में सामने आया। यह अध्याय हमेशा भारतीय क्रिकेट के अहम अध्यायों में से एक रहेगा।'

सैकिया ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने रहाणे के मानवीय गुणों और ड्रेसिंग रूम में उनके योगदान को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा, 'अजिंक्य, जिस तरह से आपने भारत का नेतृत्व किया और जिस तरह से यह शानदार खेल खेला, उस पर आपको बहुत गर्व हो सकता है। आपने पूरी ईमानदारी के साथ क्रिकेट खेला। ये वो खूबियां हैं जिनका ड्रेसिंग रूम में कद्र होता है।'

सैकिया ने आगे कहा, 'जरूरी पारियों, सोच-समझकर नेतृत्व और युवा खिलाड़ियों के लिए आपके द्वारा पेश किए गए उदाहरण के जरिए, आपने जिस भी टीम का प्रतिनिधित्व किया, उसे और मजबूत बनाया। भारतीय क्रिकेट में आपका योगदान आपके बनाए रनों से कहीं ज्यादा था।'

करियर के आँकड़े एक नज़र में

रहाणे ने 85 टेस्ट मैचों में 12 शतक और 26 अर्धशतक की मदद से 5,077 रन बनाए। 90 वनडे मैचों में उनके बल्ले से 3 शतक और 24 अर्धशतक के साथ 2,962 रन निकले, जबकि 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्होंने 375 रन का योगदान दिया। विदेशी धरती पर उनकी बल्लेबाजी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जिसने उन्हें भारत के सबसे विश्वसनीय विदेशी-दौरा बल्लेबाजों की श्रेणी में स्थापित किया।

गाबा विजय — करियर का स्वर्णिम अध्याय

2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में मेलबर्न टेस्ट के बाद कप्तानी की जिम्मेदारी संभालते हुए रहाणे ने चोटों से जूझती एक युवा भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक सीरीज जीत दिलाई। गाबा में 32 वर्षों में ऑस्ट्रेलिया की पहली टेस्ट हार भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार क्षणों में से एक मानी जाती है। यह जीत केवल स्कोरकार्ड पर नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की मानसिक दृढ़ता के प्रतीक के रूप में दर्ज है।

आगे क्या

रहाणे के संन्यास के साथ भारतीय टेस्ट क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण युग का अंत होता है। गौरतलब है कि वह घरेलू क्रिकेट में सक्रिय रह सकते हैं। बीसीसीआई ने संकेत दिया है कि उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता का उपयोग भविष्य में भारतीय क्रिकेट के विकास में किया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसका श्रेय बड़े हिस्से में रहाणे की शांत लेकिन दृढ़ कप्तानी को जाता है। बीसीसीआई का यह बयान कि उनका योगदान 'रनों से कहीं ज्यादा' था, एक महत्वपूर्ण स्वीकृति है — लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या भारतीय चयन प्रणाली ने उनके अंतिम वर्षों में उन्हें वह निरंतरता और समर्थन दिया जिसके वे हकदार थे।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास कब लिया?
अजिंक्य रहाणे ने 30 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। उन्होंने 2011 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था और करीब डेढ़ दशक तक तीनों प्रारूपों में देश का प्रतिनिधित्व किया।
अजिंक्य रहाणे के टेस्ट करियर के आँकड़े क्या हैं?
रहाणे ने 85 टेस्ट मैचों में 12 शतक और 26 अर्धशतक की मदद से 5,077 रन बनाए। इसके अलावा 90 वनडे में 2,962 रन और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 375 रन उनके नाम हैं।
2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में रहाणे की कप्तानी क्यों ऐतिहासिक मानी जाती है?
पहले टेस्ट के बाद कप्तानी संभालते हुए रहाणे ने चोटों से जूझती युवा भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीत दिलाई। गाबा में 32 वर्षों में ऑस्ट्रेलिया की पहली टेस्ट हार भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार क्षणों में से एक मानी जाती है।
बीसीसीआई ने रहाणे के संन्यास पर क्या कहा?
बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने कहा कि रहाणे का करियर 'टीम को पहले रखने' का आदर्श उदाहरण है। सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में उनका योगदान उनके बनाए रनों से कहीं अधिक था।
रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण कब किया था?
अजिंक्य रहाणे ने 2011 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। 38 वर्ष की आयु में संन्यास लेने तक उन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20 — तीनों प्रारूपों में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
राष्ट्र प्रेस
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