अजिंक्य रहाणे के संन्यास पर विराट कोहली बोले — 'मेरे पसंदीदा टेस्ट बल्लेबाजी जोड़ीदार'
सारांश
मुख्य बातें
अजिंक्य रहाणे ने 30 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की, जिसके बाद भारतीय क्रिकेट जगत से भावपूर्ण प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया। पूर्व कप्तान विराट कोहली ने रहाणे को अपना 'पसंदीदा टेस्ट बल्लेबाजी जोड़ीदार' बताते हुए उनके शानदार करियर को सलाम किया।
कोहली का भावभीना संदेश
विराट कोहली ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'जिंक्स, शानदार करियर के लिए बधाई, दोस्त। तुमने भारतीय क्रिकेट के लिए कमाल किया है। तुम्हें अपने सफर पर बहुत गर्व हो सकता है। स्लिप में सबसे सेफ जोड़ी और मेरे पसंदीदा टेस्ट बल्लेबाजी जोड़ीदार। हमेशा तुम्हारे अच्छे की कामना। भगवान तुम्हें हमेशा खुश रखे।' गौरतलब है कि क्रिकेट की दुनिया में रहाणे को स्नेह से 'जिंक्स' कहा जाता है।
साथी खिलाड़ियों की प्रतिक्रियाएँ
युवराज सिंह ने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'जिंक्स, शानदार करियर के लिए बधाई। इस पीढ़ी के सबसे अच्छे खिलाड़ियों में से एक, जिन्होंने सभी फॉर्मेट में देश का प्रतिनिधित्व किया। कुछ सबसे बड़े मैचों में सफलतापूर्वक नेतृत्व भी किया। आपने हर मौके पर अच्छा किया और आगे जो भी होगा, उसके लिए आपको गुड लक।'
पूर्व ऑफ-स्पिनर हरभजन सिंह ने रहाणे को 'शांत दिमाग वाले और खेल पर बहुत गर्व करने वाले टॉप-क्वालिटी क्रिकेटर' बताया। उनके अनुसार रहाणे की सबसे बड़ी विरासत 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया में उस ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत तक भारत को ले जाना रहेगी।
सूर्यकुमार यादव ने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'आपके साथ मैदान और ड्रेसिंग रूम शेयर करना सम्मान की बात थी। खेल के प्रति आपकी शांति, हिम्मत और प्रतिबद्धता ने हममें से बहुतों को प्रेरित किया है।' उल्लेखनीय है कि सूर्यकुमार और रहाणे लंबे समय तक मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट में एक साथ खेले हैं।
रहाणे का करियर: आँकड़ों में
38 वर्षीय रहाणे ने 2011 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। उन्होंने 85 टेस्ट मैचों में 12 शतक और 26 अर्धशतक की मदद से 5,077 रन बनाए। 90 वनडे में 3 शतक और 24 अर्धशतक के साथ 2,962 रन, तथा 20 टी20 मैचों में 375 रन उनके नाम दर्ज हैं।
ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत
रहाणे की कप्तानी में भारत ने 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टेस्ट सीरीज जीती थी — यह उपलब्धि उनके करियर का सबसे चमकदार अध्याय मानी जाती है। उस दौरे पर कई युवा और अनुभवहीन खिलाड़ियों के साथ उन्होंने जिस नेतृत्व कौशल का परिचय दिया, उसे भारतीय क्रिकेट इतिहास में मील का पत्थर माना जाता है। यह ऐसे समय में आया था जब भारतीय टीम चोटों और अनुपलब्धताओं से जूझ रही थी।
रहाणे के संन्यास के साथ भारतीय टेस्ट क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण युग का अंत हुआ है। उनके भविष्य के कदम — कोचिंग, मेंटरशिप या अन्य भूमिका — पर क्रिकेट प्रेमियों की नज़रें टिकी रहेंगी।