अजिंक्य रहाणे के संन्यास पर याद करें करियर की 5 ऐतिहासिक पारियाँ — लॉर्ड्स से मेलबर्न तक
सारांश
मुख्य बातें
अजिंक्य रहाणे ने 30 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की, जिससे भारतीय टेस्ट क्रिकेट के एक समर्पित अध्याय का अंत हुआ। मध्यक्रम के इस भरोसेमंद बल्लेबाज ने अपने करियर में कई ऐसी पारियाँ खेलीं जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हैं। यहाँ उनके करियर की 5 सबसे बड़ी उपलब्धियाँ जो उन्हें हमेशा अमर रखेंगी।
मेलबर्न में 147 रनों की दमदार पारी (2014)
2014 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध रहाणे ने मिचेल जॉनसन, रयान हैरिस, जोश हेजलवुड और शेन वॉटसन जैसे खतरनाक तेज गेंदबाजों का डटकर सामना करते हुए 147 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने विराट कोहली के साथ मिलकर 262 रनों की अहम साझेदारी निभाई, जिसकी बदौलत भारतीय टीम यह टेस्ट मैच ड्रॉ कराने में सफल रही।
लॉर्ड्स पर 28 साल बाद जीत का सूत्रधार (2014)
लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ जब भारतीय टीम 145 रन पर 7 विकेट गँवाकर संकट में थी, तब रहाणे ने एक छोर थामे रखा। उन्होंने स्विंग होती गेंदों के बीच 154 गेंदों में 103 रन की दृढ़ पारी खेलते हुए भारत को 295 रन के स्कोर तक पहुँचाया। भारत ने वह टेस्ट 95 रनों से जीता — और रहाणे की इस पारी के दम पर भारत ने 28 साल बाद लॉर्ड्स पर विजय पताका फहराई।
मेलबर्न टेस्ट 2020-21: कप्तान और बल्लेबाज दोनों रूपों में नायक
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2020-21 में एडिलेड टेस्ट में भारत 36 रनों पर ऑलआउट होकर शर्मनाक हार झेल चुका था। नियमित कप्तान विराट कोहली के शिशु के जन्म के कारण स्वदेश लौटने के बाद रहाणे ने सीरीज की कमान संभाली। मेलबर्न में दूसरे टेस्ट में उन्होंने बतौर कप्तान शानदार रणनीति के साथ-साथ बल्ले से 112 रनों की निर्णायक पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई। रहाणे की प्रेरक कप्तानी में भारत ने जबरदस्त वापसी करते हुए वह सीरीज 2-1 से जीती — जिसे भारतीय क्रिकेट की सबसे ऐतिहासिक श्रृंखला जीतों में गिना जाता है।
एक ही टेस्ट की दोनों पारियों में शतक — दुर्लभ रिकॉर्ड (2015)
2015 में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध एक टेस्ट मैच में रहाणे ने दोनों पारियों में शतक लगाने का दुर्लभ कारनामा किया। पहली पारी में उन्होंने 127 रन बनाए, जिससे भारत 334 रन के स्कोर तक पहुँचा। दूसरी पारी में वे 100 रन नाबाद रहे। विशेष रूप से, रहाणे नंबर पाँच या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए एक ही टेस्ट की दोनों पारियों में शतक जड़ने वाले एकमात्र भारतीय बल्लेबाज हैं।
कप्तानी में अजेय — 6 टेस्ट, 4 जीत, 2 ड्रॉ
बतौर टेस्ट कप्तान रहाणे का रिकॉर्ड असाधारण रहा। उन्होंने 6 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम की अगुवाई की, जिनमें 4 जीत और 2 ड्रॉ रहे। उल्लेखनीय तथ्य यह है कि रहाणे की कप्तानी में भारत ने एक भी टेस्ट नहीं गँवाया — यह उपलब्धि उन्हें भारत के सबसे सफल अंशकालिक कप्तानों में शुमार करती है। रहाणे के संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट ने एक ऐसे खिलाड़ी को विदाई दी जो संकट में सबसे ज्यादा चमका।