फ्रेंच ओपन 2026: हिप इंजरी से मैटेओ बेरेटिनी क्वार्टर फाइनल से बाहर, अर्नाल्डी सेमीफाइनल में
सारांश
मुख्य बातें
इटली के स्टार टेनिस खिलाड़ी मैटेओ बेरेटिनी का फ्रेंच ओपन 2026 का सफर 4 जून को पेरिस में हिप इंजरी (कूल्हे की चोट) के कारण क्वार्टर फाइनल में ही थम गया। मुकाबले के दौरान चोट गंभीर होने पर उन्हें रिटायर होना पड़ा, जिससे हमवतन मैटेओ अर्नाल्डी ने सेमीफाइनल में जगह बना ली।
मुकाबले का घटनाक्रम
क्वार्टर फाइनल में अर्नाल्डी 5-7, 2-5 से पीछे चल रहे थे, और बेरेटिनी मैच में पकड़ बनाए हुए थे। पहले सेट में बेरेटिनी ने लगभग 76 मिनट तक संघर्ष किया, लेकिन दूसरे सेट में दर्द बढ़ता चला गया।
उन्होंने मेडिकल टाइमआउट लिया और कुछ देर के लिए कोर्ट से बाहर भी गए। वापसी के बाद कुछ देर खेलने की कोशिश की, परन्तु बढ़ते दर्द ने उन्हें मैच छोड़ने पर मजबूर कर दिया।
अर्नाल्डी के नाम दुर्लभ रिकॉर्ड
इस जीत के साथ विश्व रैंकिंग में 104वें स्थान पर मौजूद अर्नाल्डी ने एक दुर्लभ उपलब्धि अपने नाम की। आँकड़ों के अनुसार, वह आधुनिक युग में महज़ दूसरे ऐसे खिलाड़ी बने हैं, जिन्होंने किसी ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल में विपक्षी के चोट के कारण रिटायर होने से जीत दर्ज की है।
बेरेटिनी का बयान
मैच के बाद भावुक बेरेटिनी ने कहा, ‘मैं आखिरी इंसान हूं जो रिटायर होना चाहता है। मैं इससे बहुत थक गया हूं। मैं बस ऐसा नहीं करना चाहता, लेकिन कभी-कभी आपको ऐसा करना पड़ता है। बहुत से खिलाड़ियों ने पहले ऐसा किया है और यह अब तक का सबसे बुरा एहसास है, लेकिन यह करना सही है, क्योंकि यह मेरी जिंदगी का आखिरी टूर्नामेंट नहीं है और मुझे अपने भविष्य के बारे में सोचना है। मुझे अपनी रिकवरी के बारे में सोचना है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘उम्मीद है कि यह बहुत बुरा नहीं होगा। मैं जाहिर तौर पर निराश हूं, लेकिन मुझे लगता है कि अगर मैं खेलता रहता, तो मेरा प्रदर्शन और भी बुरा होता और शायद ठीक होने में ज्यादा समय लगता। दुर्भाग्य से मेरे पास रिटायर होने के अलावा कोई और रास्ता नहीं था।’
करियर के लिए क्यों अहम है यह क्षण
विश्व के पूर्व नंबर 6 रह चुके बेरेटिनी चोटों से लंबे समय से जूझते रहे हैं। गौरतलब है कि वह 2022 के यूएस ओपन के बाद पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे थे, जिससे इस वापसी के बीच आई चोट और चुभने वाली हो जाती है।
आगे क्या
बेरेटिनी ने उम्मीद जताई है कि चोट उतनी गंभीर नहीं होगी। उनके स्कैन रिपोर्ट से ही चोट की वास्तविक स्थिति और रिकवरी की समयसीमा स्पष्ट हो पाएगी, जिस पर अब टेनिस जगत की निगाहें टिकी हैं।