भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल टिकट की कालाबाजारी: आरोपी गिरफ्तार, कीमत 25 हजार रुपये
सारांश
Key Takeaways
- कालाबाजारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूरी है।
- खेल प्रेमियों का हक छीनना सही नहीं।
- पुलिस की सतर्कता से आरोपी पकड़ा गया।
- महंगे टिकटों की बिक्री पर नियंत्रण आवश्यक।
- आरोपी का गिरोह की जांच चल रही है।
मुंबई, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच से पहले टिकटों की कालाबाजारी का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, आरोपी आईसीसी द्वारा निर्धारित मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर टिकट बेच रहा था। वह एक टिकट को 25 हजार रुपये में बेच रहा था। आरोपी के पास से भारत-इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल मैच के 10 टिकट और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह व्यक्ति डोंगरी का निवासी है और क्रिकेट का बहुत बड़ा प्रशंसक है। वह अपने दोस्तों के साथ स्टेडियम में बैठकर सेमीफाइनल मैच का आनंद लेना चाहता था। टिकट की खोज के दौरान उसे जहीर कमालुद्दीन बामने नामक एक व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली, जो महंगे दाम पर टिकट बेच रहा था।
आरोपी ने बताया कि टिकट की कीमत प्रतिदिन बदलती है और यह आईसीसी के निर्धारित रेट से अधिक होगी। 4 मार्च को दोनों के बीच फिर बातचीत हुई, तब आरोपी ने एक टिकट के लिए 25 हजार रुपये मांगे और पैसे लेकर डॉकयार्ड रोड के एक रेस्टोरेंट के पास मिलने के लिए कहा। इस बीच शख्स ने इसकी जानकारी क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी को दी। क्राइम ब्रांच ने आरोपी को पकड़ने के लिए योजना तैयार की।
क्राइम ब्रांच की टीम डॉकयार्ड रोड स्थित नवाब हयात मस्जिद के पास गनी बिल्डिंग के समीप पहुंची। कुछ समय बाद आरोपी जहीर कमालुद्दीन बामने (51) वहां आया, तब सादे कपड़ों में उपस्थित क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और वानखेड़े स्टेडियम के विभिन्न पवेलियन के 10 टिकट मिले। क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके पास ये टिकट कहां से आए और क्या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है?