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क्या 25 अगस्त को भारत ने पोलो में दो बार विश्व चैंपियन बनने का ऐतिहासिक कारनामा किया?

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क्या 25 अगस्त को भारत ने पोलो में दो बार विश्व चैंपियन बनने का ऐतिहासिक कारनामा किया?

सारांश

25 अगस्त का दिन भारतीय पोलो इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस दिन भारत ने 1957 और 1975 में पोलो वर्ल्ड कप जीते। जानिए इस अद्वितीय उपलब्धि के बारे में।

मुख्य बातें

25 अगस्त भारतीय पोलो के लिए ऐतिहासिक दिन है।
भारत ने 1957 और 1975 में वर्ल्ड कप जीते।
पोलो का जन्मस्थान मणिपुर है।
भारतीय पोलो संघ की स्थापना 1892 में हुई।
भारतीय सेना ने पोलो को एक खेल के रूप में अपनाया।

नई दिल्ली, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय खेल इतिहास में 25 अगस्त की तिथि बेहद महत्वपूर्ण है। इस दिन भारत ने 1957 और 1975 में पोलो वर्ल्ड कप जीतकर एक अद्वितीय उपलब्धि हासिल की। एक ही दिन दो बार यह सफलता हासिल करके भारत ने इस खेल में अपनी ताकत को साबित किया है।

भारतीय राज्य मणिपुर को आधुनिक पोलो का जन्मस्थान माना जाता है, जहां इसे सागोल कांगजेई के नाम से जाना जाता है। जब इस खेल को ब्रिटिश अधिकारियों ने देखा, तब यह पश्चिम में भी फैल गया और आधुनिक पोलो का विकास हुआ।

पोलो एक ऐसा खेल है जिसमें खिलाड़ी घोड़े पर बैठकर प्रतिद्वंदी टीम के खिलाफ गोल दागते हैं। इसे अक्सर अमीरों का खेल कहा जाता है।

1800 के दशक से लेकर 1910 के दशक तक, भारतीय रियासतों की कई टीमों ने अंतरराष्ट्रीय पोलो में अपनी छाप छोड़ी।

भारतीय पोलो संघ (आईपीए) की स्थापना 1892 में हुई थी। द्वितीय विश्व युद्ध और घुड़सवार सेना के मशीनीकरण के कारण खेल में कुछ समय के लिए विराम लगा। लगभग 17 वर्षों बाद, 1956 में भारतीय पोलो चैंपियनशिप को पुनः प्रारंभ किया गया।

भारत की पोलो टीम ने 1957 में फ्रांस में विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लेकर टूर्नामेंट अपने नाम किया। उस समय टीम में जयपुर के महाराज सवाई मान सिंह, मेजर कृष्ण सिंह और राव राजा सिंह शामिल थे।

भारत ने इंग्लैंड, अर्जेंटीना और स्पेन जैसी शक्तिशाली टीमों को हराकर यह खिताब जीता। इसके बाद, 1975 में पुनः उसी दिन भारत ने पोलो में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

भारतीय सेना ने आधिकारिक तौर पर पोलो को एक खेल के रूप में अपनाया, जिससे भारत में इस खेल का महत्व और बढ़ गया। इस शाही खेल में विभिन्न वर्गों के खिलाड़ियों ने देश का नाम रोशन किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि एक शाही खेल है, ने भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। यह उपलब्धि केवल खेलों में ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सामर्थ्य का प्रतीक भी है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने पोलो वर्ल्ड कप कब जीते?
भारत ने पोलो वर्ल्ड कप 1957 और 1975 में जीते।
पोलो का जन्मस्थान कौन सा राज्य है?
पोलो का जन्मस्थान मणिपुर राज्य है।
भारतीय पोलो संघ कब स्थापित हुआ?
भारतीय पोलो संघ की स्थापना 1892 में हुई थी।
भारत की पोलो टीम में कौन-कौन से खिलाड़ी थे?
भारत की पोलो टीम में महाराज सवाई मान सिंह, मेजर कृष्ण सिंह और राव राजा सिंह शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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