भारत-श्रीलंका टेस्ट: वो 3 गेंदबाज़ जिन्होंने एक ही मैच में झटके 11 विकेट, मुरलीधरन ने 2 बार किया कमाल
सारांश
मुख्य बातें
भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट क्रिकेट इतिहास में अब तक 46 मुकाबले खेले जा चुके हैं, और इनमें से 4 ऐसे टेस्ट रहे हैं जिनमें किसी एक गेंदबाज़ ने अकेले दम पर 11 विकेट अपने नाम किए। खास बात यह है कि श्रीलंका के महान ऑफ-स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने यह असाधारण उपलब्धि 2 बार हासिल की है — जो इस सूची में उन्हें अद्वितीय बनाती है।
अनिल कुंबले — लखनऊ, जनवरी 1994
भारतीय लेग-स्पिनर अनिल कुंबले ने जनवरी 1994 में लखनऊ में श्रीलंका के विरुद्ध खेले गए टेस्ट में 11 विकेट का कारनामा किया। भारत ने पहली पारी में 511 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 218 रन पर सिमट गई। इस पारी में कुंबले ने 37 ओवरों में 69 रन देकर 4 विकेट लिए।
फॉलो-ऑन के लिए मजबूर हुई श्रीलंकाई टीम दूसरी पारी में भी 174 रन पर ढेर हो गई, जिसमें कुंबले ने 27.3 ओवर में 59 रन देकर 7 विकेट झटके। टीम इंडिया ने यह मुकाबला पारी और 119 रन से जीता।
वेंकटपति राजू — अहमदाबाद, फरवरी 1994
बाएं हाथ के स्पिनर वेंकटपति राजू ने फरवरी 1994 में अहमदाबाद टेस्ट में शानदार गेंदबाज़ी का प्रदर्शन किया। पहली पारी में उन्होंने 23.5 ओवर में 38 रन देकर 5 विकेट लिए और श्रीलंका को महज़ 119 रन पर समेट दिया।
भारत ने अपनी पारी में 358 रन बनाकर 239 रन की बढ़त हासिल की। दूसरी पारी में राजू ने 32.3 ओवर में 87 रन देकर 6 विकेट लिए और श्रीलंका 222 रन पर ऑलआउट हो गया। भारत ने यह मैच पारी और 17 रन से जीता।
मुरलीधरन का पहला 11-विकेट — कोलंबो, अगस्त-सितंबर 2001
29 अगस्त से 2 सितंबर 2001 के बीच कोलंबो में खेले गए टेस्ट में मुथैया मुरलीधरन ने पहली पारी में 34.1 ओवर में 87 रन देकर 8 विकेट लिए और भारत को 234 रन पर समेट दिया। श्रीलंका ने जवाब में 610/6 के स्कोर पर पारी घोषित की।
दूसरी पारी में मुरलीधरन ने 46.5 ओवर में 109 रन देकर 3 विकेट और लिए। भारत 299 रन पर ऑलआउट हुआ और श्रीलंका ने यह मैच पारी और 77 रन से जीता।
मुरलीधरन का दूसरा 11-विकेट — कोलंबो, जुलाई 2008
जुलाई 2008 के कोलंबो टेस्ट में श्रीलंका ने पहली पारी 600/6 पर घोषित की। जवाब में भारत 223 रन पर ढेर हो गया, जिसमें मुरलीधरन ने 29 ओवर में 84 रन देकर 5 विकेट लिए।
फॉलो-ऑन में भारत की स्थिति और खराब हो गई — टीम 138 रन पर सिमट गई। मुरलीधरन ने 13 ओवर में महज़ 26 रन देकर 6 विकेट झटके। श्रीलंका ने यह मुकाबला पारी और 239 रन के विशाल अंतर से जीता — जो इस सूची की सबसे बड़ी जीत है। मुरलीधरन का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि वे भारत-श्रीलंका टेस्ट श्रृंखला के सबसे प्रभावशाली गेंदबाज़ रहे हैं।