भारत-श्रीलंका टेस्ट में सर्वाधिक विकेट: मुरलीधरन शीर्ष पर, चार भारतीय गेंदबाज़ भी सूची में
सारांश
मुख्य बातें
भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ से पहले, क्रिकेट प्रेमियों की नज़रें उन गेंदबाज़ों पर टिकी हैं जिन्होंने इस प्रतिद्वंद्विता में सबसे अधिक विकेट चटकाए हैं। शुभमन गिल की कप्तानी में उतरने वाली भारतीय टीम श्रीलंका के खिलाफ अपने ऐतिहासिक दबदबे को बनाए रखने के इरादे से मैदान में आएगी। आँकड़ों की नज़र से देखें तो इस टेस्ट प्रतिद्वंद्विता में पाँच गेंदबाज़ों का प्रदर्शन बाकियों से कहीं ऊपर रहा है — और इनमें से चार भारतीय हैं।
मुथैया मुरलीधरन — शीर्ष पर अकेले
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 800 विकेट लेने वाले एकमात्र गेंदबाज़ मुथैया मुरलीधरन भारत-श्रीलंका टेस्ट मुकाबलों में भी सबसे ऊपर हैं। उन्होंने भारत के खिलाफ खेले 22 टेस्ट में कुल 105 विकेट झटके और 7 बार एक ही पारी में पाँच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया। यह आँकड़ा उन्हें इस द्विपक्षीय प्रतिद्वंद्विता का सबसे घातक गेंदबाज़ साबित करता है।
अनिल कुंबले — भारत की ओर से सर्वोच्च
भारत की तरफ से श्रीलंका के खिलाफ सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड अनिल कुंबले के नाम दर्ज है। कुंबले ने 18 टेस्ट मैचों में 74 विकेट लिए और 4 बार एक पारी में पाँच विकेट हॉल पूरा किया। उनका इस प्रतिद्वंद्विता में गेंदबाज़ी औसत 31.20 रहा, जो उनकी निरंतरता को दर्शाता है।
आर. अश्विन — तीसरे स्थान पर मज़बूत दावेदार
सूची में तीसरे नंबर पर रविचंद्रन अश्विन हैं, जिन्होंने 11 टेस्ट मुकाबलों में श्रीलंका के खिलाफ 62 विकेट लिए। उन्होंने 3 बार पारी में पाँच विकेट लिए और श्रीलंका के खिलाफ उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 46 रन देकर 6 विकेट रहा। कम मैचों में इतने विकेट लेना अश्विन की श्रीलंका के खिलाफ विशेष प्रभावशीलता को उजागर करता है।
हरभजन सिंह — चौथे स्थान पर 'टर्बनेटर'
हरभजन सिंह ने श्रीलंका के खिलाफ 16 टेस्ट मैचों में 53 विकेट लेकर इस सूची में चौथा स्थान हासिल किया। उनका गेंदबाज़ी औसत 39.77 रहा और उन्होंने 2 बार एक पारी में पाँच विकेट झटके। श्रीलंका के खिलाफ उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 62 रन देकर 7 विकेट रहा।
कपिल देव — पाँचवें स्थान पर महान ऑलराउंडर
भारत को 1983 विश्व कप दिलाने वाले कप्तान कपिल देव इस सूची में पाँचवें स्थान पर हैं। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 14 टेस्ट मुकाबलों में 26.55 की बेहतरीन औसत से 45 विकेट लिए। 110 रन देकर 5 विकेट उनका इस प्रतिद्वंद्विता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। गौरतलब है कि कपिल का औसत इस सूची में सबसे बेहतर है, जो तेज़ गेंदबाज़ी की पिचों पर उनकी कुशलता को रेखांकित करता है।
15 अगस्त से शुरू होने वाली इस सीरीज़ में भारत के मौजूदा गेंदबाज़ों के पास इन दिग्गजों की विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर होगा।