ब्रेंडन टेलर ने तोड़ा सचिन तेंदुलकर का वनडे रिकॉर्ड, 22 साल 146 दिन खेलकर बने इतिहास के सबसे लंबे करियर वाले खिलाड़ी
सारांश
मुख्य बातें
हरारे स्पोर्ट्स क्लब के मैदान पर 15 सितंबर 2026 को जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहले वनडे मुकाबले में जिम्बाब्वे के विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रेंडन टेलर ने भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का सबसे लंबे वनडे करियर का ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ दिया। मैदान पर उतरते ही टेलर 22 साल और 146 दिन तक वनडे क्रिकेट खेलने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए।
कौन सा रिकॉर्ड टूटा
अब तक यह रिकॉर्ड भारत के सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने 1989 से 2012 तक 22 साल और 91 दिनों का शानदार वनडे करियर जिया। टेलर ने 2004 में अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में कदम रखा था और आज उन्होंने तेंदुलकर के इस बेमिसाल कीर्तिमान को पीछे छोड़ दिया। गौरतलब है कि यह वह रिकॉर्ड है जिसे क्रिकेट की दुनिया में अभेद्य माना जा रहा था।
टेलर का असाधारण करियर सफर
ब्रेंडन टेलर जिम्बाब्वे क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। वनडे करियर में वे अब तक 205 पारियों में 6,704 रन बना चुके हैं। जिम्बाब्वे की ओर से सर्वाधिक रन बनाने की सूची में वह दूसरे स्थान पर हैं — उनसे आगे केवल एंडी फ्लावर हैं, जिन्होंने 208 पारियों में 6,786 रन बनाए।
टेलर ने तीनों प्रारूपों — टेस्ट, वनडे और टी20 — में जिम्बाब्वे की कप्तानी भी की है। वनडे विश्व कप 2015 में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दो शतक जड़े, जिनमें से एक भारत के खिलाफ आया था।
संन्यास, निलंबन और वापसी
विश्व कप 2015 में भारत के खिलाफ मैच के बाद टेलर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के काउंटी क्लब नॉटिंघमशायर के साथ तीन साल का 'कोलपैक' करार किया, हालाँकि वे इस अनुबंध को पूर्ण नहीं कर सके और अपने आखिरी सीजन के दौरान ही क्लब छोड़ दिया।
इसके बाद दो साल से अधिक समय तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद टेलर ने जिम्बाब्वे टीम में वापसी की। फिर आईसीसी के साढ़े तीन साल के निलंबन ने उनके करियर को एक और बड़ा झटका दिया। इन तमाम चुनौतियों से पार पाते हुए टेलर ने 2025 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोबारा वापसी की, और आज वे इतिहास रच चुके हैं।
मैच का संदर्भ
इस ऐतिहासिक मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हरारे स्पोर्ट्स क्लब का मैदान एक बार फिर क्रिकेट के इतिहास का गवाह बना — इस बार एक ऐसे खिलाड़ी के लिए जिसने अनगिनत बाधाओं के बावजूद अपना खेल जारी रखा।
क्या होगा आगे
टेलर का यह रिकॉर्ड उन्हें क्रिकेट इतिहास में अमर कर देता है। यह ऐसे समय में आया है जब जिम्बाब्वे क्रिकेट अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान को दोबारा मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है। टेलर की उपस्थिति और अनुभव जिम्बाब्वे की युवा टीम के लिए एक प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।