क्या सचिन तेंदुलकर खेल रत्न पुरस्कार पाने वाले पहले क्रिकेटर बने?

सारांश
Key Takeaways
- सचिन तेंदुलकर पहले क्रिकेटर हैं जिन्होंने खेल रत्न पुरस्कार प्राप्त किया।
- उन्होंने 100 शतक बनाकर एक अनोखा रिकॉर्ड स्थापित किया।
- उनके पास भारत रत्न जैसे सर्वोच्च पुरस्कार हैं।
- सचिन ने 200 टेस्ट और 463 वनडे खेले हैं।
- उनके नाम 15,921 टेस्ट और 18,426 वनडे रन हैं।
नई दिल्ली, 28 जून (राष्ट्र प्रेस)। सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट इतिहास का सर्वकालिक महान बल्लेबाज माना जाता है, और उन्हें क्रिकेट का भगवान भी कहा जाता है। एक क्रिकेटर के रूप में, उन्होंने जो उपलब्धियां और सम्मान प्राप्त किए हैं, वह अन्य क्रिकेटरों के लिए एक सपना है। भारत में खेल रत्न पुरस्कार खेल जगत का सर्वोच्च सम्मान है, और सचिन इस सम्मान को प्राप्त करने वाले पहले क्रिकेटर बने।
सचिन तेंदुलकर को 1997 में उनके असाधारण प्रदर्शन के लिए खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनके पहले, किसी भी क्रिकेटर को यह सम्मान नहीं मिला था। सचिन को 29 अगस्त 1998 को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर 'खेल रत्न' का पुरस्कार प्रदान किया गया था।
सचिन के बाद, एमएस धोनी, विराट कोहली, और रोहित शर्मा को भी खेल रत्न से सम्मानित किया गया है। महिलाओं में मिताली राज को यह सम्मान प्राप्त हुआ है।
सचिन की झोली पुरस्कारों से भरी हुई है। क्रिकेट क्षेत्र में उनकी अद्वितीय उपलब्धियों के लिए, भारत सरकार ने उन्हें 2014 में 'भारत रत्न' से सम्मानित किया था, जो कि भारत का सर्वोच्च पुरस्कार है।
उन्हें अर्जुन पुरस्कार, पद्मश्री, और पद्म विभूषण से भी नवाजा गया है।
सचिन को ऑस्ट्रेलिया सरकार से ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया सम्मान भी प्राप्त हुआ है।
सचिन दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक बनाए हैं। वनडे और टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। 1989 से लेकर 2013 तक के अंतर्राष्ट्रीय करियर में, सचिन ने 200 टेस्ट मैचों में 51 शतक बनाते हुए 15,921 रन और 463 वनडे में 49 शतक बनाते हुए 18,426 रन बनाए हैं। वनडे का पहला दोहरा शतक सचिन ने ही लगाया था। वनडे में 154 और टेस्ट में 46 विकेट भी उनके नाम हैं। 1 टी20 में 10 रन और 1 विकेट भी उनके नाम हैं।