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अभियंता दिवस पर CM मोहन यादव बोले: भारत की स्थापत्य परंपरा सदियों से समृद्ध, एलोरा-मंदसौर के मंदिर प्रमाण

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अभियंता दिवस पर CM मोहन यादव बोले: भारत की स्थापत्य परंपरा सदियों से समृद्ध, एलोरा-मंदसौर के मंदिर प्रमाण

सारांश

अभियंता दिवस पर CM मोहन यादव ने एलोरा और मंदसौर के प्राचीन मंदिरों को भारत की तकनीकी श्रेष्ठता का प्रतीक बताया। साथ ही MP लोक निर्माण विभाग और CSIR-AMPRI के बीच टिकाऊ अधोसंरचना निर्माण के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 15 सितंबर 2026 को भोपाल में अभियंता दिवस समारोह को संबोधित किया।
एलोरा के कैलाश मंदिर और मंदसौर के धर्मराजेश्वर मंदिर को प्राचीन तकनीकी दक्षता के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया गया।
मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग और सीएसआईआर-एम्प्री भोपाल के बीच टिकाऊ अधोसंरचना निर्माण के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।
उत्कृष्ट अभियंताओं, अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को 5 श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नई परियोजना केवल निर्माण नहीं, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक-सामाजिक विकास का द्वार है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 15 सितंबर 2026 को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित अभियंता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की स्थापत्य परंपरा प्राचीन काल से ही अत्यंत समृद्ध रही है। उन्होंने एलोरा के कैलाश मंदिर और मंदसौर के धर्मराजेश्वर मंदिर को तत्कालीन अभियंताओं व शिल्पकारों की असाधारण तकनीकी दक्षता के जीवंत प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु

यादव ने कहा कि अभियंता उपलब्ध संसाधनों, ज्ञान और अपनी योग्यता का समन्वय कर क्षमता को कई गुना बढ़ा देते हैं। उनके अनुसार, प्रकृति के पंचतत्वों और आधुनिक तकनीक के संतुलित उपयोग से वे समाज के लिए ऐसी स्थायी संरचनाओं का निर्माण करते हैं जो पीढ़ियों तक उपयोगी बनी रहती हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मध्य प्रदेश की प्राचीन स्थापत्य विरासत ने देश के लोकतांत्रिक भवनों की वास्तुकला को भी प्रेरणा दी है।

अभियंताओं की भूमिका और आर्थिक विकास

मुख्यमंत्री ने अभियंताओं के योगदान को केवल तकनीकी दृष्टि से नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक परिप्रेक्ष्य में भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि किसी नए मार्ग का निर्माण केवल आवागमन की सुविधा नहीं देता, बल्कि वह उस पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास का नया द्वार खोलता है। उनके शब्दों में, अभियंताओं द्वारा तैयार की जाने वाली प्रत्येक परियोजना और डिज़ाइन में प्रदेश के भविष्य की आर्थिक संरचना की परिकल्पना निहित होती है।

पुरस्कार वितरण और एमओयू

समारोह में मुख्यमंत्री यादव ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अभियंताओं, अधिकारियों, संयुक्त दलों और निर्माण एजेंसियों को 5 श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त, इस अवसर पर मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग और सीएसआईआर-एम्प्री भोपाल के बीच टिकाऊ अधोसंरचना निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर भी हुए। यह करार राज्य में निर्माण क्षेत्र में वैज्ञानिक संस्थाओं की भागीदारी को औपचारिक रूप देता है।

विरासत से प्रेरणा, भविष्य की दिशा

यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में बुनियादी ढाँचे के विस्तार पर व्यापक ज़ोर दिया जा रहा है। गौरतलब है कि प्राचीन भारतीय स्थापत्य शैली — विशेषकर पत्थर को काटकर बनाई गई एकाश्म संरचनाएँ — आज के इंजीनियरों के लिए संरचनात्मक नवाचार का स्रोत बनती जा रही हैं। मुख्यमंत्री यादव का यह संदेश अभियंता दिवस पर प्रदेश के तकनीकी समुदाय को परंपरा और आधुनिकता के बीच सेतु की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली सवाल यह है कि क्या मध्य प्रदेश में आज के इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट — सड़कें, पुल, जल-संरचनाएँ — उस गुणवत्ता मानक पर खरे उतरते हैं जिसका दावा किया जाता है। CSIR-AMPRI के साथ एमओयू एक सकारात्मक कदम है, लेकिन ऐसे समझौतों का क्रियान्वयन ऐतिहासिक रूप से धीमा रहा है। अभियंता दिवस पर पुरस्कार देने की रस्म से आगे जाकर, राज्य सरकार को सार्वजनिक निर्माण परियोजनाओं में गुणवत्ता-जाँच के पारदर्शी तंत्र की ज़रूरत है।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अभियंता दिवस पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 15 सितंबर 2026 को भोपाल में कहा कि भारत की स्थापत्य परंपरा प्राचीन काल से समृद्ध रही है और एलोरा का कैलाश मंदिर व मंदसौर का धर्मराजेश्वर मंदिर इसके प्रमाण हैं। उन्होंने अभियंताओं को आधुनिक तकनीक के साथ नए प्रयोग करने की प्रेरणा दी।
अभियंता दिवस 2026 समारोह में कौन-सा एमओयू हुआ?
मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग और सीएसआईआर-एम्प्री भोपाल के बीच टिकाऊ अधोसंरचना निर्माण के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। यह करार राज्य में निर्माण क्षेत्र में वैज्ञानिक संस्थाओं की भागीदारी को औपचारिक आधार देता है।
एलोरा का कैलाश मंदिर भारतीय स्थापत्य का प्रतीक क्यों है?
एलोरा का कैलाश मंदिर एक पत्थर को काटकर बनाई गई एकाश्म संरचना है, जिसे बिना आधुनिक यंत्रों के तत्कालीन शिल्पकारों ने निर्मित किया था। इसे भारत की प्राचीन इंजीनियरिंग क्षमता का सबसे उल्लेखनीय उदाहरण माना जाता है।
अभियंता दिवस पर किसे पुरस्कार दिए गए?
समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अभियंताओं, अधिकारियों, संयुक्त दलों और निर्माण एजेंसियों को 5 श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए। पुरस्कार स्वयं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वितरित किए।
मध्य प्रदेश की स्थापत्य विरासत का लोकतांत्रिक भवनों से क्या संबंध है?
मुख्यमंत्री यादव के अनुसार, मध्य प्रदेश की प्राचीन स्थापत्य विरासत ने देश के लोकतांत्रिक भवनों की वास्तुकला को प्रेरणा दी है। यह परंपरा आज के अभियंताओं को आधुनिक तकनीक के साथ नए प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
राष्ट्र प्रेस
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