ब्रिटिश ओपन स्क्वैश 2026: अभय सिंह और चोटरानी दूसरे राउंड में, अनाहत सिंह बाहर
सारांश
मुख्य बातें
बर्मिंघम में जारी ब्रिटिश ओपन स्क्वैश 2026 (PSA डायमंड इवेंट) में भारत के अभय सिंह (विश्व रैंकिंग: 24) और वीर चोटरानी (विश्व रैंकिंग: 44) ने पहले राउंड में जीत दर्ज कर दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया है। वहीं, भारत की नंबर 1 महिला खिलाड़ी अनाहत सिंह और रमित टंडन इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं।
अभय और चोटरानी की जीत
अभय सिंह ने कोलंबिया के मटियास नुडसेन को एकतरफा मुकाबले में 11-8, 11-5, 11-4 से हराकर अगले दौर में जगह पक्की की। उनका अगला मुकाबला सातवीं वरीयता प्राप्त मिस्र के मोहम्मद जकारिया से होगा।
वीर चोटरानी ने पाकिस्तान के विश्व के 29वें नंबर के खिलाड़ी नूर जमान को 11-8, 12-14, 11-6, 11-7 से हराकर रोमांचक जीत हासिल की। दूसरे गेम में नूर जमान ने वापसी की, लेकिन चोटरानी ने तीसरे और चौथे गेम में दबदबा बनाए रखा। अब उनका सामना पाँचवीं वरीयता प्राप्त वेल्श खिलाड़ी जोएल माकिन से होगा।
रमित टंडन का रिटायरमेंट
रमित टंडन फ्रांस के ऑगस्टे डूसॉर्ड के खिलाफ मैच के दौरान रिटायर हो गए। उस समय स्कोर 14-12 और 4-7 था। टंडन के रिटायरमेंट का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।
अनाहत सिंह का सफर यहीं रुका
महिला वर्ग में भारत की नंबर 1 खिलाड़ी अनाहत सिंह को मिस्र की 22 वर्षीया नार्डिन गैरास (विश्व रैंकिंग: 36) ने 11-8, 8-11, 11-8, 11-9 से हराकर उलटफेर किया। गैरास ने पहला गेम 11-8 से जीता, दूसरा 8-11 से गँवाया, लेकिन तीसरे और चौथे गेम में दृढ़ता से वापसी करते हुए मैच अपने नाम किया।
अपनी जीत के बाद गैरास ने कहा, 'मैं आज जिस तरह से खेली, उससे बहुत खुश हूँ। मैंने अपना सब कुछ दिया — यह इस सीज़न का आखिरी टूर्नामेंट था और मैं पूरी तरह से खेलना चाहती थी। ग्लास कोर्ट पर अगला मैच खेलने को लेकर मैं बेहद उत्साहित हूँ।' अब गैरास का अगला मुकाबला बर्मिंघम के ग्लास कोर्ट पर आठवीं वरीयता प्राप्त टिने गिलिस से होगा।
अन्य उल्लेखनीय परिणाम
साइमन हर्बर्ट ने 2018 के चैंपियन मिगुएल रोड्रिगेज को 15-13, 11-8, 11-4 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। वहीं, सैम टॉड ने फारेस डेसौकी के खिलाफ 54 मिनट के कड़े मुकाबले में 3-1 से जीत दर्ज कर अंतिम 32 में प्रवेश किया।
आगे क्या
भारतीय चुनौती अब अभय सिंह और चोटरानी के कंधों पर टिकी है। चोटरानी का पाँचवीं वरीयता प्राप्त माकिन से मुकाबला कठिन होगा, जबकि अभय के लिए जकारिया के खिलाफ जीत भारतीय स्क्वैश के लिए एक बड़ा कदम होगी।