ब्रिटिश ओपन स्क्वैश 2026: अभय सिंह और वीर चोटरानी दूसरे राउंड में हारे, भारत का अभियान समाप्त
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिटिश ओपन स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 के पुरुष एकल वर्ग में भारत की चुनौती मंगलवार, 2 जून को बर्मिंघम में समाप्त हो गई, जब अभय सिंह और वीर चोटरानी दोनों को दूसरे राउंड में अपने से ऊँची रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वियों के हाथों हार का सामना करना पड़ा। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने पहले दौर में प्रभावशाली जीत दर्ज की थी, लेकिन अगले चरण में उन्हें अनुभवी विरोधियों ने रोक दिया।
अभय सिंह बनाम मोहम्मद जकारिया: चार गेम का कड़ा मुकाबला
विश्व रैंकिंग में 24वें स्थान पर काबिज अभय सिंह का सामना मिस्र के विश्व नंबर 8 खिलाड़ी मोहम्मद जकारिया से हुआ। यह मुकाबला चार गेम तक खिंचा और स्कोर रहा 9-11, 4-11, 11-7, 10-12 — अभय की हार के साथ।
अभय ने पहले दो गेम गँवाए, लेकिन तीसरे गेम में 11-7 से दमदार वापसी कर मुकाबले को रोचक बना दिया। चौथे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। अभय ने मैच को निर्णायक पाँचवें गेम तक ले जाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन निर्णायक क्षणों में जकारिया ने बेहतर खेल दिखाते हुए 12-10 से गेम और मैच अपने नाम किया।
गौरतलब है कि अभय ने पहले राउंड में कोलंबिया के मटियास नुडसेन को सीधे गेम में 11-8, 11-5, 11-4 से हराकर टूर्नामेंट में शानदार आगाज़ किया था।
वीर चोटरानी बनाम जोएल माकिन: अनुभव के आगे नहीं टिके
वीर चोटरानी का दूसरे राउंड में सामना विश्व नंबर 6 और वेल्स के अनुभवी खिलाड़ी जोएल माकिन से हुआ। चोटरानी ने शुरुआती दो गेम में कड़ी टक्कर दी, लेकिन अंततः 10-12, 9-11, 3-11 से हार गए।
चोटरानी ने पहले राउंड में पाकिस्तान के नूर जमान को 1-8, 12-14, 11-6, 11-7 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई थी। माकिन की लगातार ऊँचे स्तर पर खेलने की क्षमता और अनुभव निर्णायक साबित हुआ और वे अंतिम 16 में पहुँच गए।
भारत के लिए आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी विश्व के शीर्ष टूर्नामेंटों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं। अभय और चोटरानी दोनों ने दिखाया कि वे शीर्ष-10 खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं, हालाँकि निर्णायक मौकों पर अनुभव की कमी उन्हें महँगी पड़ी। आने वाले टूर्नामेंटों में इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन भारतीय स्क्वैश के भविष्य के लिए अहम रहेगा।