वर्ल्ड स्क्वैश चैंपियनशिप: अभय सिंह की अगुवाई में भारतीय चौकड़ी मिस्र में 8-16 मई को मैदान में

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वर्ल्ड स्क्वैश चैंपियनशिप: अभय सिंह की अगुवाई में भारतीय चौकड़ी मिस्र में 8-16 मई को मैदान में

सारांश

भारत की स्क्वैश चौकड़ी मिस्र में मुश्किल दौर से गुज़रने को तैयार है। अभय सिंह (रैंकिंग 22) से लेकर वेलावन सेंथिलकुमार तक, सभी को पहले ही राउंड में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों का सामना करना होगा। 2028 ओलंपिक से पहले, भारत की वर्ल्ड चैंपियनशिप में पहली एकल पदक जीतने की खोज जारी है।

मुख्य बातें

भारत की पुरुष स्क्वैश टीम 8-16 मई को मिस्र के गीजा में वर्ल्ड स्क्वैश चैंपियनशिप में भाग लेगी।
अभय सिंह (विश्व रैंकिंग 22) भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे; वीर चोटरानी, रमित टंडन, वेलावन सेंथिलकुमार भी शामिल हैं।
अभय को पहले ही राउंड में अपने ही साथी वीर चोटरानी का सामना करना होगा।
वेलावन को विक्टर क्रूइन (विश्व रैंकिंग 5) के विरुद्ध खेलना होगा, जो एक कठिन चुनौती है।
भारत अभी तक वर्ल्ड स्क्वैश चैंपियनशिप में सिंगल्स कैटेगरी में अपना पहला मेडल नहीं जीत पाया है।
2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में स्क्वैश की शुरुआत से पहले यह टूर्नामेंट महत्वपूर्ण है।

भारत का चार सदस्यों वाला पुरुष दल 8 से 16 मई तक मिस्र के गीजा में आयोजित होने वाली वर्ल्ड स्क्वैश चैंपियनशिप में अपनी दावेदारी साबित करने के लिए तैयार है। प्रोफेशनल स्क्वैश एसोसिएशन (PSA) द्वारा संचालित इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अभय सिंह भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगे, जबकि वीर चोटरानी, रमित टंडन और वेलावन सेंथिलकुमार उनके साथ देश की सेवा करेंगे। यह चैंपियनशिप पाम हिल्स क्लब और पीजीसी गोल्फ सेंट्रल मॉल में आयोजित होगी, जहाँ दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी भाग लेंगे।

भारतीय खिलाड़ियों के सामने चुनौतियाँ

भारत के शीर्ष खिलाड़ी अभय सिंह (विश्व रैंकिंग में 22वें स्थान पर) को पहले ही राउंड में अपने ही देश के सहयोगी वीर चोटरानी का सामना करना होगा — एक ऐसी स्थिति जो दोनों के लिए समान रूप से चुनौतीपूर्ण है। यदि अभय आगे बढ़ते हैं, तो उन्हें दूसरे राउंड में डिफेंडिंग चैंपियन मुस्तफा असल (वर्तमान नंबर एक पुरुष खिलाड़ी) या जर्मनी के राफेल कंदरा जैसे दिग्गजों का सामना करना पड़ सकता है।

वेलावन सेंथिलकुमार को भी कठिन प्रारंभिक चुनौती मिली है — वह फ्रांस के विक्टर क्रूइन (विश्व रैंकिंग में 5वें, छठे सीड) के विरुद्ध खेलेंगे। इसी बीच, रमित टंडन (विश्व रैंकिंग में 40वें) अपना अभियान मिस्र के करीम एल टॉर्की के खिलाफ शुरू करेंगे, जो उनसे उच्च रैंक वाले प्रतिद्वंद्वी हैं।

पिछले वर्ष की विफलता से सीख

भारत को पिछली चैंपियनशिप में निराशाजनक परिणाम का सामना करना पड़ा था। शिकागो में आयोजित पिछले संस्करण में भारतीय दल दूसरे राउंड में ही बाहर हो गया था। अभय सिंह, वीर चोटरानी और रमित टंडन सभी कड़े मुकाबलों में हार गए, जबकि वेलावन सेंथिलकुमार को पेरू के डिएगो एलियास ने पहले ही राउंड में बाहर कर दिया। यह बार भारतीय दल बेहतर प्रदर्शन की आशा लगाए हुए है।

महिला दल की अनुपस्थिति

इस बार की प्रतियोगिता में भारत की होनहार युवा महिला खिलाड़ी अनाहत सिंह भाग नहीं ले रहीं, जो भारतीय महिला स्क्वैश का एक बड़ा नुकसान है। गौरतलब है कि भारत अभी तक वर्ल्ड स्क्वैश चैंपियनशिप की सिंगल्स कैटेगरी में अपना पहला मेडल हासिल नहीं कर पाया है।

ओलंपिक डेब्यू से पहले मेडल की खोज

भारत के लिए यह चैंपियनशिप विशेष महत्व रखती है, क्योंकि स्क्वैश 2028 लॉस एंजिल्स समर ओलंपिक में अपनी शुरुआत करने वाला है। ओलंपिक से पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप में सफलता हासिल करना भारत के लिए एक महत्वपूर्ण लक्ष्य बन गया है। देश की इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में पहली बार एकल श्रेणी में पदक जीतने की आशा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक पैटर्न का संकेत है। अभय सिंह (रैंकिंग 22) वैश्विक शीर्ष 15 में प्रवेश से दूर हैं, जबकि वेलावन को दुनिया के पाँचवें सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के विरुद्ध खेलना होगा। 2028 के ओलंपिक डेब्यू से पहले, भारत को न केवल पदक की ज़रूरत है, बल्कि एक संरचनात्मक बदलाव की भी ज़रूरत है — बेहतर अकादमियाँ, अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण, और युवा प्रतिभा का पोषण। अनाहत सिंह की अनुपस्थिति भी बताती है कि भारतीय महिला स्क्वैश अभी भी विश्व मानचित्र पर अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहा है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वर्ल्ड स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 कब और कहाँ है?
चैंपियनशिप 8 से 16 मई 2026 तक मिस्र के गीजा में आयोजित होगी। इसमें पाम हिल्स क्लब और पीजीसी गोल्फ सेंट्रल मॉल होंगे।
भारतीय स्क्वैश टीम में कौन-कौन खिलाड़ी हैं?
भारतीय पुरुष दल में अभय सिंह (विश्व रैंकिंग 22), वीर चोटरानी , रमित टंडन (विश्व रैंकिंग 40), और वेलावन सेंथिलकुमार शामिल हैं।
अभय सिंह का पहला मुकाबला किसके विरुद्ध है?
अभय सिंह को पहले ही राउंड में अपने ही देश के खिलाड़ी वीर चोटरानी का सामना करना होगा, जो एक आंतरिक चुनौती है।
वेलावन सेंथिलकुमार को किस खिलाड़ी के विरुद्ध खेलना होगा?
वेलावन को फ्रांस के विक्टर क्रूइन (विश्व रैंकिंग 5, छठे सीड) के विरुद्ध खेलना होगा, जो एक बहुत ही कठिन प्रारंभिक मुकाबला है।
भारत को वर्ल्ड स्क्वैश चैंपियनशिप में पहला मेडल क्यों नहीं मिला है?
भारत अभी तक इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप की सिंगल्स कैटेगरी में अपना पहला मेडल नहीं जीत पाया है। खिलाड़ियों की विश्व रैंकिंग, प्रशिक्षण संसाधन, और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में भारत के पास अभी भी अंतर है।
राष्ट्र प्रेस
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