चांग बिंग्यू ने वुहान ओपन स्नूकर में पहला रैंकिंग खिताब जीता, झाओ शिनटोंग को 10-7 से हराया
सारांश
मुख्य बातें
चीन के चांग बिंग्यू ने 30 अगस्त को वुहान में आयोजित वर्ल्ड स्नूकर वुहान ओपन के फाइनल में विश्व के नए नंबर-1 खिलाड़ी झाओ शिनटोंग को 10-7 से पराजित कर अपना पहला रैंकिंग इवेंट खिताब अपने नाम किया। यह मुकाबला एक ऑल-चाइनीज फाइनल था, जिसने चीनी स्नूकर की बढ़ती वैश्विक ताकत को एक बार फिर रेखांकित किया।
चांग की भावनात्मक जीत और संघर्ष की कहानी
24 वर्षीय चांग के लिए यह खिताब केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि एक लंबे संघर्ष का परिणाम है। जीत के बाद उन्होंने कहा, 'यह खिताब मेरे लिए बहुत मायने रखता है। एक समय ऐसा भी था जब मैं मैचों में हिस्सा नहीं ले पाता था, फिर मैं वापस आया और अपना प्रोफेशनल स्टेटस वापस पा लिया। पिछले साल मैं फाइनल में पहुंचा, और अब आखिरकार मैंने खिताब जीत लिया। मैंने इन सालों में सच में बहुत मेहनत की है, इसीलिए मैं इतना भावनात्मक हो रहा हूं।'
गौरतलब है कि चांग दिसंबर 2025 में स्कॉटिश ओपन के फाइनल में पहुंचे थे, जहाँ उन्होंने क्रिस वेकलिन के खिलाफ 2-1 की बढ़त बनाई थी, लेकिन इसके बाद लगातार आठ फ्रेम हार गए और खिताब से चूक गए। उस हार ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि और मजबूत बनाया।
चांग ने कहा, 'उस हार के बाद, मैंने हर दिन खुद को याद दिलाया कि अगर मैं किसी और फाइनल में पहुंचा, तो मुझे मौके का फायदा उठाना होगा।'
वुहान तक का कठिन सफर
इस खिताब तक पहुंचने के लिए चांग ने कई बड़े नाम पस्त किए। उनके पड़ाव में साथी चीनी खिलाड़ी लियू होंगयु, इंग्लैंड के अली कार्टर, पूर्व विश्व नंबर-1 जड ट्रंप और उनके आदर्श, सात बार के विश्व चैंपियन रॉनी ओ'सुलिवन पर जीत शामिल थी। ओ'सुलिवन को हराना चांग के लिए विशेष रहा, क्योंकि वे उन्हें अपना आदर्श मानते हैं।
झाओ शिनटोंग की प्रतिक्रिया और खेल भावना
फाइनल में चांग ने झाओ को लेकर कहा, 'मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं झाओ को हरा सकता हूं। मैं उनसे सीखने की सोच के साथ मैच में आया था। मैंने हाल के वर्षों में उनके ज्यादातर मैच देखे हैं। उनका खेल आकर्षक और प्रैक्टिकल दोनों है। मैंने उनके स्टाइल के कई पहलुओं की नकल की है।'
हार के बावजूद झाओ शिनटोंग ने उदारता दिखाई और कहा, 'हार निराशाजनक है, लेकिन चांग बिंग्यू जीत के हकदार थे। उनके समेत कई युवा खिलाड़ी पहले ही बहुत ऊंचे स्तर पर पहुंच चुके हैं। मुझे विश्वास है कि वे और बेहतर होते जाएंगे।'
चीनी स्नूकर का वर्चस्व और तीन पीढ़ियों का उभार
वुहान ओपन अब लगातार तीसरे संस्करण में किसी चीनी खिलाड़ी ने जीता है। यह आँकड़ा खेल में चीन के बढ़ते दबदबे की कहानी कहता है। इस वर्ष के सेमीफाइनल में तो चीनी स्नूकर की तीन अलग-अलग पीढ़ियाँ एक साथ मौजूद थीं — 1980 के दशक में जन्मे जियाओ गुओडोंग, 1990 के दशक में जन्मे झाओ शिनटोंग और 2000 के दशक में जन्मे चांग बिंग्यू — तीनों अंतिम चार में थे। यह ऐसे समय में आया है जब चीन वैश्विक स्नूकर परिदृश्य में ब्रिटिश खिलाड़ियों के एकाधिकार को सीधी चुनौती दे रहा है।
चांग बिंग्यू की यह जीत न केवल उनके व्यक्तिगत करियर का शिखर है, बल्कि चीनी स्नूकर के एक नए युग की शुरुआत का संकेत भी है।