वू यिज़े का ऐतिहासिक विश्व स्नूकर खिताब, शॉन मर्फी को 18-17 से हराया; चीन ने लगातार दूसरा ताज जीता
सारांश
मुख्य बातें
वू यिज़े ने 5 मई 2026 को विश्व स्नूकर चैम्पियनशिप के रोमांचक फाइनल में इंग्लैंड के शॉन मर्फी को 18-17 से हराकर अपना पहला विश्व खिताब अपने नाम किया। निर्णायक फ्रेम में एक साहसी शॉट और 85 अंकों के मैच-विनिंग ब्रेक के साथ वू यिज़े ने स्नूकर के सर्वोच्च मंच पर चीन का परचम एक बार फिर लहराया। यह लगातार दूसरी बार है जब किसी चीनी खिलाड़ी ने यह खिताब जीता है — इससे पहले झाओ ज़िनटोंग ने पिछले वर्ष यह उपलब्धि हासिल की थी।
मुकाबले का रोमांचक घटनाक्रम
यह फाइनल शुरू से अंत तक बेहद कांटे का रहा। दोनों खिलाड़ी 14-14 के स्कोर से बराबरी पर थे और यह टक्कर 17-17 तक जारी रही, जिसके बाद निर्णायक 35वाँ फ्रेम खेलना पड़ा। गौरतलब है कि 2002 के बाद यह पहली बार था जब विश्व चैम्पियनशिप का फाइनल निर्णायक फ्रेम तक पहुँचा, जिससे यह मुकाबला स्नूकर इतिहास में यादगार बन गया।
निर्णायक मोड़: वह एक शॉट जिसने बदल दिया खेल
निर्णायक फ्रेम में वू यिज़े स्कोर में पीछे चल रहे थे। ऐसे नाज़ुक क्षण में उन्होंने बीच वाले पॉकेट में एक अत्यंत कठिन लाल गेंद डालने का साहसी विकल्प चुना। यही शॉट मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। इसके बाद उन्होंने एक ही ब्रेक में 85 अंक बनाकर मैच और खिताब दोनों अपने नाम कर लिए। यह ब्रेक न केवल तकनीकी दृष्टि से बल्कि मानसिक दृढ़ता के लिहाज़ से भी असाधारण था।
संघर्ष से सफलता तक: वू यिज़े की प्रेरणादायक यात्रा
वू यिज़े ने महज़ 16 साल की उम्र में अपने पिता के साथ यूके में प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया था। उन्होंने अपने करियर में अनेक कठिनाइयों का सामना किया। खिताब जीतने के बाद उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता के निस्वार्थ बलिदान और समर्थन ने ही उन्हें वह बनाया है जो वे आज हैं —