क्या चेतेश्वर पुजारा ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लिया?

सारांश
Key Takeaways
- चेतेश्वर पुजारा का संन्यास भारतीय क्रिकेट का महत्वपूर्ण क्षण है।
- उन्होंने १०३ टेस्ट मैचों में ७,१९५ रन बनाए।
- पुजारा ने अपने करियर में कई शतकों का रिकॉर्ड बनाया है।
- उनका योगदान क्रिकेट की दुनिया में हमेशा याद रखा जाएगा।
- पुजारा ने सभी समर्थकों और परिवार का आभार व्यक्त किया।
नई दिल्ली, २४ (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा की है। पुजारा ने यह जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पुजारा ने लिखा, "भारतीय जर्सी पहनना, राष्ट्रगान गाना, और हर बार मैदान पर कदम रखते हुए अपनी पूरी कोशिश करना - इसका असली मतलब शब्दों में बयां करना नामुमकिन है। लेकिन जैसा कि कहते हैं, हर अच्छी चीज का अंत होना ही होता है, और अपार कृतज्ञता के साथ मैंने भारतीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का फैसला किया है। आप सभी के प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद।"
पुजारा ने बीसीसीआई, सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन को उनके करियर के दौरान मिले समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने देश-विदेश की उन सभी टीमों और फ्रेंचाइजी का भी आभार व्यक्त किया, जिनके लिए उन्होंने खेला।
पुजारा ने अपने करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कोचों और वर्षों से साथ रहे साथी खिलाड़ियों, सहयोगी स्टाफ का भी धन्यवाद किया। अंत में, उन्होंने अपने माता-पिता, पत्नी और बेटी का भी आभार व्यक्त किया।
चेतेश्वर पुजारा टेस्ट क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजी की मजबूत कड़ी माने जाते रहे हैं। २०१० में अपने करियर की शुरुआत करने वाले पुजारा ने अपना आखिरी टेस्ट जून २०२३ में खेला था।
पुजारा ने १०३ टेस्ट मैचों की १७६ पारियों में ४३.६० की औसत से छह १९ शतक, जिनमें ३ दोहरे शतक शामिल हैं, और ३५ अर्धशतक की मदद से ७,१९५ रन बनाए। उनका सर्वाधिक स्कोर २०६ रहा। उन्होंने पांच वनडे भी खेले हैं।
टेस्ट क्रिकेट में पिछले एक दशक में भारत को देश-विदेश में मिली कई बड़ी सफलताओं में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है। पिछले एक साल से पुजारा ने कमेंट्री के क्षेत्र में भी हाथ आजमाया है।