अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ क्यू स्पोर्ट्स चैंपियनशिप: 42 देशों के 144 खिलाड़ी वीर सावरकर कॉम्प्लेक्स में भिड़ेंगे
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद के वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 7 से 10 अक्टूबर 2026 के बीच कॉमनवेल्थ क्यू स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का दूसरा संस्करण आयोजित हो रहा है, जिसमें 42 कॉमनवेल्थ देशों के 144 शीर्ष खिलाड़ी पाँच अलग-अलग स्पर्धाओं में पदकों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। यह पहली बार है जब इतनी प्रतिष्ठित मल्टी-डिसिप्लिन क्यू स्पोर्ट्स चैंपियनशिप भारत की धरती पर आयोजित की जा रही है।
प्रतियोगिता का स्वरूप और स्पर्धाएँ
इस चार दिवसीय चैंपियनशिप में 72 पुरुष और 72 महिला खिलाड़ी इंग्लिश बिलियर्ड्स, स्नूकर, 10-बॉल पूल, हेबॉल और ब्लैकबॉल में अपना दमखम दिखाएंगे। कुल 10 मेडल इवेंट निर्धारित हैं, जो इस आयोजन को क्यू स्पोर्ट्स के इतिहास में भारत का अब तक का सबसे बड़ा बहु-विधा प्रतिस्पर्धी मंच बनाते हैं।
इस प्रतियोगिता का आयोजन एपेक्स स्पोर्ट्स प्रमोशन ने किया है, जबकि बिलियर्ड्स एंड स्नूकर फेडरेशन ऑफ इंडिया (BSFI) ने मेज़बान की भूमिका निभाई है। इसे वर्ल्ड कॉन्फेडरेशन ऑफ बिलियर्ड्स स्पोर्ट्स (WCBS) और कॉमनवेल्थ स्पोर्ट का समर्थन प्राप्त है।
भारतीय चुनौती — घरेलू मैदान पर आत्मविश्वास से लबरेज़
2025 में मॉरिशस में आयोजित पहले संस्करण में भारतीय दल ने 5 पदक जीते थे और अब घरेलू दर्शकों के सामने खेलते हुए वह संख्या और बढ़ाने का इरादा रखता है। विद्या पिल्लई, शिवम अरोड़ा और चित्रा मगीमईराज भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगे।
गौरतलब है कि घरेलू मैदान का मनोवैज्ञानिक लाभ और परिचित परिस्थितियाँ भारतीय खिलाड़ियों के पक्ष में काम कर सकती हैं। तीनों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है और इस बार पदक तालिका में शीर्ष पर आने की महत्वाकांक्षा रखते हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा — विश्व स्तरीय खिलाड़ियों की चुनौती
भारतीय खिलाड़ियों के सामने कड़ी अंतरराष्ट्रीय चुनौती होगी। इनमें इंग्लैंड की केली फिशर, दक्षिण अफ्रीका के क्रेग बाउवर, मलेशिया के लिम कोक लियोन्ग, इंग्लैंड की रेबेका केना और वेल्स के डैरेन मॉर्गन जैसे मौजूदा चैंपियन और विश्वस्तरीय खिलाड़ी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों की मौजूदगी इस चैंपियनशिप के प्रतिस्पर्धात्मक स्तर को और ऊँचा उठाती है।
अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों की प्रतिक्रिया
प्रेस कॉन्फ्रेंस में WCBS के उपाध्यक्ष मुबारक अल-खयारिन ने कहा, 'कॉमनवेल्थ के बेहतरीन क्यू स्पोर्ट्स खिलाड़ियों को एक साथ लाना हाई-लेवल कॉम्पिटिशन के लिए एक शानदार मंच देता है और हमारे खेल को दुनिया भर में जोड़ने वाले रिश्तों को और मजबूत करता है।'
WCBS की बोर्ड सदस्य ग्रिएटा स्टीनकम्प ने कहा, 'इस तरह की चैंपियनशिप एथलीटों के लिए मौके बनाने, अंतरराष्ट्रीय खेल संबंधों को मजबूत करने और क्यू स्पोर्ट्स की वैश्विक पहुँच बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं।' उनके वक्तव्य से स्पष्ट है कि अहमदाबाद में यह आयोजन भारत को क्यू स्पोर्ट्स के वैश्विक नक्शे पर और मज़बूती से स्थापित करने का अवसर है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में क्यू स्पोर्ट्स का आधार तेज़ी से बढ़ रहा है और BSFI लगातार अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को देश में लाने की कोशिश कर रही है। 10 अक्टूबर 2026 को समापन समारोह के साथ पदक विजेताओं की घोषणा होगी। क्यू स्पोर्ट्स समुदाय की नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भारत मॉरिशस से बेहतर प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर पाता है।