पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप अहमदाबाद में 23 अक्टूबर से, 13 देशों के 400+ खिलाड़ी उतरेंगे मैदान में
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद के वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 23 अक्टूबर 2026 से ऐतिहासिक पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप का आगाज़ होगा, जो 31 अक्टूबर तक चलेगी। 13 देशों के 400 से अधिक खिलाड़ी पुरुष और महिला दोनों श्रेणियों में इस नौ दिवसीय टूर्नामेंट में अपनी चुनौती पेश करेंगे — और इस प्रतिस्पर्धा के अंत में दुनिया के पहले कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियन का ताज पहनाया जाएगा।
टूर्नामेंट की संरचना और आँकड़े
एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (AKFI) द्वारा इंटरनेशनल कबड्डी फेडरेशन (IKF) की मंजूरी से आयोजित इस चैंपियनशिप में कुल 23 टीमें और 62 मैच होंगे। पुरुष वर्ग में 39 मैच और महिला वर्ग में 23 मैच खेले जाएंगे। दोनों श्रेणियों के सेमीफाइनल 30 अक्टूबर को और फाइनल मुकाबले 31 अक्टूबर को निर्धारित हैं।
गौरतलब है कि यह केवल एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि कबड्डी के अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में एक नई प्रतियोगिता श्रृंखला की नींव है। इससे पहले कबड्डी विश्व कप और एशियाई खेलों तक ही इस खेल की बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति सीमित रही है।
भाग लेने वाले देश और भारतीय टीम
चैंपियनशिप में भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, नाइजीरिया, केन्या, तंजानिया, कनाडा, सिंगापुर, मलेशिया, युगांडा, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीमें हिस्सा लेंगी। यह भागीदारी दर्शाती है कि कबड्डी का दायरा एशिया से बाहर अफ्रीका, ओशियानिया और यूरोप तक फैल रहा है।
भारतीय पुरुष टीम की कप्तानी सुरजीत सिंह करेंगे, जबकि नवीन कुमार उप-कप्तान की भूमिका निभाएंगे। महिला टीम की कमान निधि शर्मा के हाथ में होगी और रितु उप-कप्तान होंगी।
आधिकारिक अनावरण और घोषणाएँ
बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में टूर्नामेंट की औपचारिक घोषणा की गई। इस अवसर पर आयोजकों ने दोनों टीमों के कप्तानों के नाम उजागर करने के साथ ही टूर्नामेंट की आधिकारिक जर्सी, एंथम, लोगो और मैस्कॉट का भी अनावरण किया।
विशेषज्ञ और अधिकारी क्या कहते हैं
AKFI के महासचिव जितेंद्र प्राण सिंह ठाकुर ने कहा, 'अहमदाबाद में पहली कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप की मेजबानी करना भारतीय कबड्डी के लिए गर्व की बात है। हम इसमें हिस्सा लेने वाली टीमों का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस खेल के जज्बे, कौशल और प्रतिस्पर्धा को दिखाने के लिए तैयार हैं।'
IKF के महासचिव तेजस्वी गहलोत ने कहा, 'पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप, कबड्डी की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। कॉमनवेल्थ देशों की राष्ट्रीय टीमों को एक साथ लाने से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक नया मंच मिलेगा और दुनियाभर के और अधिक लोगों तक इस खेल की पहचान पहुंचेगी।'
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और आगे की राह
यह चैंपियनशिप ऐसे समय में आई है जब अहमदाबाद 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए तैयारी कर रहा है। इस आयोजन से शहर को बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के संचालन में अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, आयोजकों को उम्मीद है कि यह टूर्नामेंट कॉमनवेल्थ गेम्स में कबड्डी को आधिकारिक खेल के रूप में शामिल करवाने की संभावनाओं को भी मज़बूत करेगा — एक लक्ष्य जिसकी दिशा में भारतीय कबड्डी संस्थाएँ लंबे समय से प्रयासरत हैं।