22 सितंबर 2026
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डीपीएल मैच-फिक्सिंग विवाद: डीडीसीए ने जांच शुरू की, पूर्व रणजी खिलाड़ी रचित भाटिया पर गंभीर आरोप

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डीपीएल मैच-फिक्सिंग विवाद: डीडीसीए ने जांच शुरू की, पूर्व रणजी खिलाड़ी रचित भाटिया पर गंभीर आरोप

सारांश

एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन ने डीपीएल को विवाद में घेर दिया — पूर्व रणजी खिलाड़ी रचित भाटिया पर डीपीएल, आईपीएल 2025 और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में फिक्सिंग के कथित आरोप हैं। डीडीसीए ने जांच शुरू की, लेकिन साफ कहा — आरोप अभी साबित नहीं हुए।

मुख्य बातें

डीडीसीए ने 22 सितंबर 2026 को डीपीएल मैच-फिक्सिंग विवाद पर आधिकारिक बयान जारी किया।
एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन में पूर्व रणजी खिलाड़ी रचित भाटिया को कथित तौर पर फिक्सिंग के दावे करते दिखाया गया।
विवादित मैच अरुण जेटली स्टेडियम में सेंट्रल दिल्ली किंग्स बनाम नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स के बीच खेला गया था।
भाटिया ने कथित तौर पर आईपीएल 2025 में सीएसके के मैच और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2018-19 में स्पॉट-फिक्सिंग का भी दावा किया।
डीडीसीए ने जीरो-टॉलरेंस नीति दोहराई; कहा — कार्रवाई सक्षम अधिकारियों के निष्कर्षों के आधार पर होगी।

दिल्ली और डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) ने 22 सितंबर 2026 को दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) में कथित मैच-फिक्सिंग के आरोपों पर अपना आधिकारिक बयान जारी किया है। यह बयान एक मीडिया आउटलेट के स्टिंग ऑपरेशन के बाद आया, जिसमें पूर्व रणजी खिलाड़ी रचित भाटिया को कथित तौर पर मैच-फिक्सिंग के गंभीर दावे करते हुए दिखाया गया। डीडीसीए ने स्पष्ट किया है कि आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं और संबंधित अधिकारियों को जांच के लिए पत्र लिखा जा चुका है।

स्टिंग ऑपरेशन में क्या सामने आया

एक मीडिया आउटलेट के स्टिंग ऑपरेशन में पूर्व रणजी खिलाड़ी रचित भाटिया को कथित तौर पर यह दावा करते हुए दिखाया गया कि उन्होंने टॉस से काफी पहले ही महत्वपूर्ण जानकारी साझा कर दी थी। भाटिया को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनका वीडियो रिकॉर्ड किया जा रहा है। जिस मैच पर सवाल उठे हैं, वह डीपीएल के तीसरे संस्करण का सातवाँ मैच था — अरुण जेटली स्टेडियम में सेंट्रल दिल्ली किंग्स और नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स के बीच खेला गया।

आरोपों का विस्तार: आईपीएल और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी तक

स्टिंग फुटेज में भाटिया ने कथित तौर पर यह भी दावा किया कि उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) से जुड़े कुछ मैचों को फिक्स किया था। इसके अलावा, उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2018-19 सीजन में स्पॉट-फिक्सिंग में शामिल होने का आरोप भी लगाया। गौरतलब है कि ये सभी दावे अभी तक किसी सक्षम अधिकारी द्वारा सत्यापित नहीं किए गए हैं।

डीडीसीए का आधिकारिक रुख

डीडीसीए ने अपने बयान में कहा, 'इन खबरों में बताए गए आरोप साबित नहीं हुए हैं और किसी सक्षम अधिकारी ने इनकी पुष्टि नहीं की है। एसोसिएशन का मानना है कि केवल ऐसे आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति, खिलाड़ी या फ्रेंचाइजी के बारे में कोई नतीजा निकालना गलत होगा।' संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर अपने संज्ञान में आई जानकारी साझा की है और अनुरोध किया है कि मामले की जांच स्थापित प्रक्रियाओं के माध्यम से हो।

जीरो-टॉलरेंस नीति और आगे की कार्रवाई

डीडीसीए ने दोहराया कि वह क्रिकेट की ईमानदारी से समझौता करने वाली किसी भी गतिविधि के प्रति जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाता है। बयान में कहा गया कि सक्षम अधिकारियों द्वारा की जाने वाली किसी भी जांच में पूरा सहयोग दिया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्रिकेट में फिक्सिंग से जुड़े मामले बार-बार सुर्खियों में आते रहे हैं और बोर्ड की निगरानी प्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं। कोई भी कार्रवाई अधिकारियों के निष्कर्षों और लागू नियमों व कानूनों के आधार पर ही होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक बड़ी चूक है — स्टिंग ऑपरेशन में आईपीएल 2025 और सैयद मुश्ताक अली जैसे राष्ट्रीय टूर्नामेंट तक आरोपों का विस्तार होने के बावजूद डीडीसीए ने बीसीसीआई की भ्रष्टाचार-निरोधक इकाई (ACU) का कोई उल्लेख नहीं किया। भारतीय क्रिकेट में फिक्सिंग के मामलों का इतिहास बताता है कि 'सही प्रक्रिया' की आड़ में जांच अक्सर लंबित रहती है और नतीजे कभी सार्वजनिक नहीं होते। असली सवाल यह है कि क्या इस बार जवाबदेही की कोई समयसीमा तय की जाएगी या यह मामला भी पुरानी फ़ाइलों में दब जाएगा।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीपीएल मैच-फिक्सिंग विवाद क्या है?
एक मीडिया आउटलेट के स्टिंग ऑपरेशन में पूर्व रणजी खिलाड़ी रचित भाटिया को कथित तौर पर दिल्ली प्रीमियर लीग के एक मैच में फिक्सिंग के दावे करते हुए दिखाया गया। यह मैच अरुण जेटली स्टेडियम में सेंट्रल दिल्ली किंग्स और नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स के बीच खेला गया था।
डीडीसीए ने इस मामले पर क्या कदम उठाए हैं?
डीडीसीए ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर जानकारी साझा की है और स्थापित प्रक्रियाओं के तहत जांच का अनुरोध किया है। एसोसिएशन ने कहा है कि वह किसी भी जांच में पूरा सहयोग देगा और कार्रवाई अधिकारियों के निष्कर्षों के आधार पर होगी।
रचित भाटिया पर कौन-कौन से आरोप हैं?
स्टिंग फुटेज में भाटिया ने कथित तौर पर डीपीएल मैच के अलावा आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े मैचों और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2018-19 में स्पॉट-फिक्सिंग के दावे किए। ये सभी आरोप अभी तक किसी सक्षम अधिकारी द्वारा सत्यापित नहीं किए गए हैं।
क्या आरोपित खिलाड़ियों या फ्रेंचाइजी पर अभी कोई कार्रवाई हुई है?
अभी तक कोई प्रत्यक्ष कार्रवाई नहीं हुई है। डीडीसीए ने स्पष्ट किया है कि आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं और केवल आरोपों के आधार पर किसी के बारे में नतीजा निकालना गलत होगा।
इस मामले की आगे जांच कौन करेगा?
डीडीसीए ने संबंधित सक्षम अधिकारियों को मामला सौंपा है। एसोसिएशन के अनुसार जांच स्थापित नियमों और कानूनों के अनुसार होगी, हालांकि अभी किसी विशेष जांच एजेंसी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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