धनंजय डी सिल्वा ने डिकवेला की वापसी का किया बचाव, बोले- गॉल में सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर ज़रूरी
सारांश
मुख्य बातें
श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने 14 अगस्त को मैच-पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस में निरोशन डिकवेला की भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ के लिए टीम में वापसी का खुलकर बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की चुनौतीपूर्ण पिच पर सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपिंग सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विवाद की जड़
डिकवेला का चयन श्रीलंकाई क्रिकेट हलकों में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। 96 टेस्ट पारियों में उनका बल्लेबाज़ी औसत मात्र 31 का रहा है। आलोचकों का कहना है कि चोटिल कुसल मेंडिस की जगह सदीरा समरविक्रमा और अनकैप्ड अंजला बंडारा जैसे घरेलू क्रिकेट में उम्दा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को नज़रअंदाज़ किया गया, जो सवाल खड़े करता है।
कप्तान का तर्क
धनंजय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'निरोशन डिकवेला से मुझे बस यही कहना है कि वे अच्छी विकेटकीपिंग करें — इसी वजह से उन्हें टीम में रखा गया है। पिछले कुछ वर्षों में डिकवेला को टेस्ट टीम से बाहर रहना पड़ा, क्योंकि कुसल मेंडिस नंबर 7 पर खेलने लगे थे और उन्होंने वहाँ अच्छा प्रदर्शन किया था। हालाँकि, जब आप गॉल में खेलते हैं, तो सबसे ज़रूरी बात यह होती है कि सबसे अच्छी विकेटकीपिंग करने वाला खिलाड़ी मैदान पर हो।'
कप्तान ने यह भी बताया कि यह निर्णय सामूहिक रूप से लिया गया। उन्होंने कहा, 'डिकवेला को वापस बुलाने का फैसला हमने कोच और चयनकर्ताओं के साथ मिलकर लिया और सभी एकमत थे। हमारे पास किसी दूसरे खिलाड़ी को मौका देने का विकल्प भी था, लेकिन सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर के तौर पर डिकवेला ही सबसे उपयुक्त साबित हुए।'
लाहिरू कुमारा की फिटनेस पर चिंता
डिकवेला के चयन के अलावा, धनंजय ने तेज़ गेंदबाज़ लाहिरू कुमारा की फिटनेस को लेकर भी चिंता ज़ाहिर की। कुमारा जून में वेस्टइंडीज़ दौरे के दौरान हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण मैदान से बाहर हो गए थे, जिससे श्रीलंका को वह सीरीज़ 0-1 से गँवानी पड़ी।
कप्तान ने कहा, 'एक देश और टीम के तौर पर, हमारे पास खिलाड़ियों का बहुत बड़ा पूल नहीं है। अभी श्रीलंका में लाहिरू कुमारा की जगह कोई दूसरा गेंदबाज़ नहीं ले सकता — वे हमारे सबसे तेज़ लाल-गेंद गेंदबाज़ हैं। उम्मीद है कि वेस्टइंडीज़ की हार उनके लिए प्रेरणा बनेगी और वे इस सीरीज़ में कुछ बड़ा करके दिखाएँगे।'
आगे की राह
गौरतलब है कि गॉल की पिच परंपरागत रूप से स्पिन-अनुकूल रहती है, जहाँ फुर्तीली विकेटकीपिंग मैच का रुख बदल सकती है। यह टेस्ट सीरीज़ श्रीलंका के लिए घरेलू मैदान पर भारत जैसी शक्तिशाली टीम के खिलाफ अपनी साख साबित करने का अहम मौका है।