राहुल द्रविड़ की वैभव सूर्यवंशी को सलाह: रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल क्रिकेट में संतुलन ज़रूरी
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने 22 अगस्त को डबलिन में यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ETPL) के अनावरण समारोह के दौरान कहा कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को व्हाइट-बॉल और रेड-बॉल क्रिकेट के बीच सही संतुलन बनाने की आवश्यकता है। द्रविड़ ने ज़ोर देकर कहा कि सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी ही टेस्ट क्रिकेट को जीवंत रख सकते हैं, बशर्ते उन्हें पर्याप्त समय और धैर्य के साथ तराशा जाए।
द्रविड़ ने क्या कहा
द्रविड़ ने कहा, "यह बहुत अच्छी बात है कि वैभव को भारत में आईपीएल के ज़रिए व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलने का अनुभव मिल रहा है, लेकिन उन्हें भारतीय घरेलू सिस्टम में वापस जाकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने और अपने रेड-बॉल करियर को आगे बढ़ाने का भी समय मिल रहा है। इस युवा बल्लेबाज को व्हाइट-बॉल और रेड-बॉल क्रिकेट के बीच संतुलन बनाने की ज़रूरत है।"
उन्होंने आगे जोड़ा, "हम सभी टेस्ट क्रिकेट को जिंदा और आगे बढ़ते देखना चाहते हैं। हमें वैभव जैसे खिलाड़ियों की ज़रूरत है ताकि वे सभी फॉर्मेट खेल सकें।"
उम्र और अनुभव पर द्रविड़ का नज़रिया
पूर्व भारतीय कप्तान ने सूर्यवंशी की उम्र का हवाला देते हुए धैर्य की अपील की। उन्होंने कहा, "वह सिर्फ 15 साल का है। आपको उसे कुछ समय देना होगा और उसके साथ सब्र रखना होगा। जाहिर है, वह शुरू से ही बहुत सफल रहा है, लेकिन वह अपने उतार-चढ़ाव से गुज़रेगा — और लोगों को उसके साथ सब्र रखना होगा।"
द्रविड़ ने यह भी स्पष्ट किया कि सूर्यवंशी ने अब तक व्हाइट-बॉल क्रिकेट की तुलना में रेड-बॉल क्रिकेट कम खेला है, और घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट में अधिक समय देना ही उनके बल्लेबाज़ी विकास की असली कुंजी है।
दलीप ट्रॉफी में सूर्यवंशी का मौका
वैभव सूर्यवंशी इस बार दलीप ट्रॉफी में ईस्ट ज़ोन की तरफ से खेल रहे हैं, जहाँ उन्हें कम से कम दो लगातार प्रथम श्रेणी मैच खेलने का अवसर मिल सकता है। अब तक सूर्यवंशी ने केवल आठ प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं और उनका औसत 17.25 है — जो दर्शाता है कि लंबे प्रारूप में अभी काफी काम बाकी है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब टी20 लीगों के विस्तार के कारण युवा खिलाड़ियों के रेड-बॉल करियर पर सवाल उठने लगे हैं। सूर्यवंशी का मामला इस बहस का प्रतीक बन गया है।
टेस्ट क्रिकेट के भविष्य पर व्यापक संदर्भ
द्रविड़ की यह टिप्पणी ऐसे दौर में आई है जब वैश्विक स्तर पर टेस्ट क्रिकेट की प्रासंगिकता को लेकर बहस तेज़ है। टी20 लीगों की बाढ़ के बीच युवा प्रतिभाओं को रेड-बॉल क्रिकेट की ओर प्रेरित करना क्रिकेट प्रशासकों के लिए बड़ी चुनौती है। द्रविड़ का मानना है कि सूर्यवंशी अगर सभी फॉर्मेट में सफल होते हैं तो यह वैश्विक क्रिकेट के लिए उत्साहजनक होगा।
आने वाले महीनों में दलीप ट्रॉफी में सूर्यवंशी का प्रदर्शन यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगा कि वे रेड-बॉल क्रिकेट में किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।