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राहुल द्रविड़ की वैभव सूर्यवंशी को सलाह: रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल क्रिकेट में संतुलन ज़रूरी

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राहुल द्रविड़ की वैभव सूर्यवंशी को सलाह: रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल क्रिकेट में संतुलन ज़रूरी

सारांश

राहुल द्रविड़ ने डबलिन में साफ़ कहा — वैभव सूर्यवंशी की असली परीक्षा टी20 की चमक में नहीं, रेड-बॉल क्रिकेट के मैदान में होगी। सिर्फ 15 साल की उम्र और केवल आठ प्रथम श्रेणी मैचों के अनुभव के साथ, सूर्यवंशी के लिए दलीप ट्रॉफी एक अहम पड़ाव है।

मुख्य बातें

पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने डबलिन में ETPL अनावरण के दौरान वैभव सूर्यवंशी के क्रिकेट विकास पर अपनी राय रखी।
द्रविड़ ने कहा कि 15 वर्षीय सूर्यवंशी को व्हाइट-बॉल और रेड-बॉल क्रिकेट के बीच सही संतुलन बनाना होगा।
सूर्यवंशी ने अब तक केवल 8 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं, जिनमें उनका औसत 17.25 है।
सूर्यवंशी दलीप ट्रॉफी में ईस्ट ज़ोन की तरफ से खेल रहे हैं, जहाँ कम से कम दो लगातार प्रथम श्रेणी मैच खेलने का मौका मिल सकता है।
द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट को जीवंत रखने के लिए सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों की ज़रूरत पर बल दिया।

भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने 22 अगस्त को डबलिन में यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ETPL) के अनावरण समारोह के दौरान कहा कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को व्हाइट-बॉल और रेड-बॉल क्रिकेट के बीच सही संतुलन बनाने की आवश्यकता है। द्रविड़ ने ज़ोर देकर कहा कि सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी ही टेस्ट क्रिकेट को जीवंत रख सकते हैं, बशर्ते उन्हें पर्याप्त समय और धैर्य के साथ तराशा जाए।

द्रविड़ ने क्या कहा

द्रविड़ ने कहा, "यह बहुत अच्छी बात है कि वैभव को भारत में आईपीएल के ज़रिए व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलने का अनुभव मिल रहा है, लेकिन उन्हें भारतीय घरेलू सिस्टम में वापस जाकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने और अपने रेड-बॉल करियर को आगे बढ़ाने का भी समय मिल रहा है। इस युवा बल्लेबाज को व्हाइट-बॉल और रेड-बॉल क्रिकेट के बीच संतुलन बनाने की ज़रूरत है।"

उन्होंने आगे जोड़ा, "हम सभी टेस्ट क्रिकेट को जिंदा और आगे बढ़ते देखना चाहते हैं। हमें वैभव जैसे खिलाड़ियों की ज़रूरत है ताकि वे सभी फॉर्मेट खेल सकें।"

उम्र और अनुभव पर द्रविड़ का नज़रिया

पूर्व भारतीय कप्तान ने सूर्यवंशी की उम्र का हवाला देते हुए धैर्य की अपील की। उन्होंने कहा, "वह सिर्फ 15 साल का है। आपको उसे कुछ समय देना होगा और उसके साथ सब्र रखना होगा। जाहिर है, वह शुरू से ही बहुत सफल रहा है, लेकिन वह अपने उतार-चढ़ाव से गुज़रेगा — और लोगों को उसके साथ सब्र रखना होगा।"

द्रविड़ ने यह भी स्पष्ट किया कि सूर्यवंशी ने अब तक व्हाइट-बॉल क्रिकेट की तुलना में रेड-बॉल क्रिकेट कम खेला है, और घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट में अधिक समय देना ही उनके बल्लेबाज़ी विकास की असली कुंजी है।

दलीप ट्रॉफी में सूर्यवंशी का मौका

वैभव सूर्यवंशी इस बार दलीप ट्रॉफी में ईस्ट ज़ोन की तरफ से खेल रहे हैं, जहाँ उन्हें कम से कम दो लगातार प्रथम श्रेणी मैच खेलने का अवसर मिल सकता है। अब तक सूर्यवंशी ने केवल आठ प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं और उनका औसत 17.25 है — जो दर्शाता है कि लंबे प्रारूप में अभी काफी काम बाकी है।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब टी20 लीगों के विस्तार के कारण युवा खिलाड़ियों के रेड-बॉल करियर पर सवाल उठने लगे हैं। सूर्यवंशी का मामला इस बहस का प्रतीक बन गया है।

टेस्ट क्रिकेट के भविष्य पर व्यापक संदर्भ

द्रविड़ की यह टिप्पणी ऐसे दौर में आई है जब वैश्विक स्तर पर टेस्ट क्रिकेट की प्रासंगिकता को लेकर बहस तेज़ है। टी20 लीगों की बाढ़ के बीच युवा प्रतिभाओं को रेड-बॉल क्रिकेट की ओर प्रेरित करना क्रिकेट प्रशासकों के लिए बड़ी चुनौती है। द्रविड़ का मानना है कि सूर्यवंशी अगर सभी फॉर्मेट में सफल होते हैं तो यह वैश्विक क्रिकेट के लिए उत्साहजनक होगा।

आने वाले महीनों में दलीप ट्रॉफी में सूर्यवंशी का प्रदर्शन यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगा कि वे रेड-बॉल क्रिकेट में किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक गहरी चिंता है — टी20 की चकाचौंध में युवा प्रतिभाएँ रेड-बॉल क्रिकेट से दूर होती जा रही हैं। सूर्यवंशी के मात्र आठ प्रथम श्रेणी मैच और 17.25 का औसत यह बताता है कि आईपीएल की सफलता घरेलू रेड-बॉल अनुभव की भरपाई नहीं कर सकती। असली सवाल यह है कि क्या BCCI और फ्रेंचाइज़ी सिस्टम मिलकर ऐसा ढाँचा बना पाएंगे जहाँ युवा खिलाड़ी टी20 की कमाई और टेस्ट की तैयारी — दोनों एक साथ कर सकें; अभी तक इसका कोई ठोस जवाब नहीं मिला है।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल द्रविड़ ने वैभव सूर्यवंशी को क्या सलाह दी?
द्रविड़ ने कहा कि सूर्यवंशी को व्हाइट-बॉल और रेड-बॉल क्रिकेट के बीच संतुलन बनाना होगा और घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट में अधिक समय देना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी ही टेस्ट क्रिकेट को आगे बढ़ा सकते हैं।
वैभव सूर्यवंशी का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अब तक का रिकॉर्ड क्या है?
वैभव सूर्यवंशी ने अब तक केवल आठ प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं और उनका औसत 17.25 है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि लंबे प्रारूप में उनका अनुभव अभी सीमित है।
वैभव सूर्यवंशी दलीप ट्रॉफी में किस टीम से खेल रहे हैं?
वैभव सूर्यवंशी इस बार दलीप ट्रॉफी में ईस्ट ज़ोन की तरफ से खेल रहे हैं। इस टूर्नामेंट में उन्हें कम से कम दो लगातार प्रथम श्रेणी मैच खेलने का मौका मिल सकता है।
द्रविड़ ने यह बातें कहाँ और किस संदर्भ में कहीं?
द्रविड़ ने 22 अगस्त को डबलिन में यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ETPL) के अनावरण समारोह के दौरान एक मीडिया इंटरव्यू में ये विचार साझा किए। यह बयान वैश्विक क्रिकेट में टी20 और टेस्ट फॉर्मेट के बीच संतुलन की बहस के बीच आया।
क्या वैभव सूर्यवंशी भविष्य में भारत के लिए ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ी बन सकते हैं?
द्रविड़ को उम्मीद है कि सूर्यवंशी आखिरकार उच्च स्तर पर रेड-बॉल क्रिकेट में कदम रख पाएंगे और भारत के लिए ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ी बन पाएंगे। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए समय, अनुभव और धैर्य की ज़रूरत होगी।
राष्ट्र प्रेस
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