फीफा वर्ल्ड कप 2026: मिस्र ने रचा इतिहास, पहली बार राउंड ऑफ 32 में प्रवेश; ईरान की उम्मीदें बरकरार
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप जी मुकाबले में 27 जून को सिएटल में मिस्र और ईरान के बीच खेला गया मैच 1-1 से ड्रॉ रहा। इस ऐतिहासिक परिणाम के साथ मिस्र ने विश्व कप के इतिहास में पहली बार राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली, जबकि ईरान की नॉकआउट स्टेज में पहुँचने की उम्मीदें अभी भी जीवित हैं।
मुख्य घटनाक्रम
मैच की शुरुआत से ही मिस्र का दबदबा साफ दिखा। महमूद साबेर ने मात्र पाँचवें मिनट में गोल दागकर मिस्र को 1-0 की बढ़त दिला दी। जवाब में ईरान के रमिन रेजाइएन ने 14वें मिनट में बराबरी का गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। पहले हाफ में दोनों टीमों ने कई प्रयास किए, लेकिन स्कोर बदला नहीं और पहला हाफ 1-1 पर समाप्त हुआ।
दूसरे हाफ का रोमांच
दूसरे हाफ में मिस्र ने रक्षात्मक रणनीति अपनाई, क्योंकि टीम ग्रुप में दूसरे स्थान पर पहले ही सुरक्षित थी। ईरान ने गेंद पर अधिक कब्ज़ा बनाए रखा और लगातार हमले जारी रखे। मैच के अंतिम मिनटों में मेहदी तारेमी का हेडर क्रॉसबार से टकराया, जिससे ईरानी खेमे में निराशा छा गई।
VAR ने पलटा नतीजा
स्टॉपेज टाइम के तीसरे मिनट में शोजा खलीलजादेह ने गेंद गोलपोस्ट में पहुँचा दी और ईरानी खिलाड़ी जश्न मनाने लगे। लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की समीक्षा में खलीलजादेह को ऑफसाइड पाया गया और गोल रद्द कर दिया गया। इसी के साथ मुकाबला 1-1 ड्रॉ पर समाप्त हुआ और ईरान की जीत की उम्मीद टूट गई।
ग्रुप जी की स्थिति
ग्रुप जी में मिस्र दूसरे स्थान पर रहा और राउंड ऑफ 32 में सीधे प्रवेश कर लिया। ईरान तीसरे स्थान पर रहा, लेकिन नॉकआउट स्टेज की दौड़ से बाहर नहीं हुआ। तीसरे स्थान पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ 8 टीमें राउंड ऑफ 32 में पहुँच सकती हैं, और ईरान फिलहाल इस सूची में छठे स्थान पर है। यह ऐसे समय में आया है जब फीफा वर्ल्ड कप 2026 का विस्तारित प्रारूप पहली बार 48 टीमों के साथ खेला जा रहा है, जिससे अधिक देशों को नॉकआउट में पहुँचने का अवसर मिल रहा है।
क्या होगा आगे
मिस्र के लिए यह ऐतिहासिक क्षण है — देश ने पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में कदम रखा है। ईरान का भाग्य अन्य ग्रुपों के परिणामों पर निर्भर करेगा। यदि ईरान तीसरे स्थान की सर्वश्रेष्ठ 8 टीमों में बना रहा, तो वह भी राउंड ऑफ 32 में जगह बना सकता है।