मिस्र ने फीफा वर्ल्ड कप में रचा इतिहास, पेनल्टी शूटआउट में ऑस्ट्रेलिया को 4-2 से हराकर राउंड ऑफ 16 में प्रवेश
सारांश
मुख्य बातें
मिस्र ने 4 जुलाई 2026 को अर्लिंगटन में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 32 मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराकर वर्ल्ड कप के नॉकआउट दौर में अपनी पहली ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह मिस्र के फुटबॉल इतिहास का वह स्वर्णिम पल है जिसका देश के 12 करोड़ से अधिक प्रशंसक दशकों से इंतजार कर रहे थे।
मुख्य घटनाक्रम
13वें मिनट में इमाम अशूर ने करीम हाफेज के क्रॉस पर शानदार हेडर लगाकर मिस्र को 1-0 की बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में मिस्र के खिलाड़ी एडेन ओ'नील से हुई गलती के कारण गेंद उनके अपने ही नेट में चली गई, जिससे स्कोर 1-1 से बराबर हो गया। निर्धारित 90 मिनट और अतिरिक्त समय में कोई निर्णायक गोल नहीं हुआ, और मैच पेनल्टी शूटआउट तक पहुँचा।
पेनल्टी शूटआउट में मिस्र ने अपने चारों प्रयास गोल में बदले, जबकि ऑस्ट्रेलिया के हैरी साउटर और लुकास हेरिंगटन लक्ष्य से चूक गए। इस प्रकार मिस्र ने 4-2 से जीत दर्ज कर राउंड ऑफ 16 में प्रवेश किया।
हैसेम हसन की प्रतिक्रिया
ऐतिहासिक जीत के बाद टीम के फॉरवर्ड खिलाड़ी हैसेम हसन ने फीफा से बातचीत में कहा, 'सच कहूं तो यह अविश्वसनीय एहसास है। हमने आज 120 मिलियन लोगों को खुश किया है। पूरे देश में जश्न मनाया जाएगा। इतने लोगों की खुशी का कारण बनना अपने आप में बहुत बड़ी बात है। जब आप जानते हैं कि आपने इतने लोगों को खुश किया है, तो आपको भी बहुत खुशी मिलती है। यह हमारे लिए परफेक्ट दिन है।'
हसन ने यह भी उम्मीद जताई कि होटल के बाहर बड़ी संख्या में मिस्री प्रशंसक उनका स्वागत करने के लिए मौजूद होंगे। उन्होंने इस दिन को अपने करियर के सबसे खास दिनों में से एक बताया।
गोलकीपर शौबिर का जज्बा
गोलकीपर मुस्तफा शौबिर ने मैच के बाद कहा, 'यह हमारे खून में है कि हम अंत तक लड़ते हैं। चाहे हालात कैसे भी हों, हम हार नहीं मानते।' शौबिर ने बताया कि टीम ने शुरुआत से ही तय कर लिया था कि वे केवल ग्रुप स्टेज खेलकर घर नहीं लौटेंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि टीम को कई चोटों और मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी और इसे किस्मत व मेहनत दोनों का परिणाम बताया।
आगे क्या
मिस्र का अगला मुकाबला 8 जुलाई को दक्षिण अमेरिकी दिग्गज अर्जेंटीना से होगा। गौरतलब है कि यह मिस्र के लिए वर्ल्ड कप नॉकआउट दौर में पहली बार की उपस्थिति है — एक ऐसी उपलब्धि जो देश के फुटबॉल इतिहास में नए अध्याय की शुरुआत करती है। अर्जेंटीना जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मिस्र की यह यात्रा आगे और भी चुनौतीपूर्ण होगी, लेकिन इस जीत ने पूरी टीम का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा दिया है।