फीफा वर्ल्ड कप 2026: मिस्र की पहली नॉकआउट जीत, कोच होसम हसन ने फिलिस्तीनी झंडा लहराकर जीत समर्पित की
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में मिस्र ने 4 जुलाई को डलास स्टेडियम, अर्लिंग्टन में ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराकर वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार अंतिम-16 में प्रवेश किया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद हेड कोच होसम हसन पिच पर फिलिस्तीनी झंडा लेकर उतरे और इस जीत को फिलिस्तीन के लोगों को समर्पित किया।
मुख्य घटनाक्रम
मैच के 13वें मिनट में इमाम अशूर ने करीम हाफेज के क्रॉस पर हेडर से मिस्र को 1-0 की बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में मिस्र के खिलाड़ी एडेन ओ'नील गेंद क्लियर करने के प्रयास में आत्मघाती गोल कर बैठे, जिससे स्कोर 1-1 हो गया। 90 मिनट और अतिरिक्त समय तक कोई फैसला न हो सका, और मुकाबला पेनल्टी शूटआउट तक पहुँचा।
पेनल्टी शूटआउट में मिस्र ने अपने चारों प्रयास सफलतापूर्वक गोल में बदले, जबकि ऑस्ट्रेलिया के दो किक विफल रहे। इस तरह मिस्र ने 4-2 से शूटआउट जीतकर इतिहास रच दिया।
होसम हसन का फिलिस्तीन को समर्पण
जीत के बाद होसम हसन मिस्र और फिलिस्तीन दोनों के झंडे लेकर मैदान पर आए। स्टेडियम में मौजूद कई समर्थकों ने 'फ्री फिलिस्तीन' के नारे लगाए। पत्रकारों से बातचीत में हसन ने कहा, 'मैं यह जीत मिस्र और फिलिस्तीन दोनों के लोगों को समर्पित करता हूँ। वे दयालु और इज्जतदार लोग हैं। भगवान उनके शहीदों पर रहम करे और उन्हें ताकत दे।'
यह ऐसे समय में आया है जब गाज़ा संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संवेदनाएँ प्रबल हैं और खेल जगत में राजनीतिक अभिव्यक्ति को लेकर बहस जारी है।
ऐतिहासिक संदर्भ
यह मिस्र की वर्ल्ड कप के नॉकआउट दौर में पहली जीत है। गौरतलब है कि इससे पहले अफ्रीकी महाद्वीप से केवल मोरक्को ने वर्ल्ड कप में पेनल्टी शूटआउट जीते थे — 2022 और 2006 में। मिस्र अब उन चुनिंदा अफ्रीकी टीमों में शामिल हो गई है जिन्होंने शूटआउट में जीत दर्ज की है।
आगे क्या
राउंड ऑफ 16 में मिस्र का सामना 8 जुलाई को अर्जेंटीना से होगा — जो निस्संदेह उनके सामने अब तक की सबसे कड़ी चुनौती होगी। इस मुकाबले पर पूरे अफ्रीकी फुटबॉल जगत की निगाहें टिकी रहेंगी।