मोहम्मद सालाह की दमदार वापसी, मिस्र ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर रचा फीफा वर्ल्ड कप इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप जी मुकाबले में मिस्र ने 22 जून को वैंकूवर में न्यूजीलैंड को 3-1 से शिकस्त देकर विश्व कप इतिहास में अपनी पहली जीत दर्ज की — और यह क्षण 92 साल 25 दिन की प्रतीक्षा के बाद आया। इस ऐतिहासिक जीत के सूत्रधार रहे स्टार फॉरवर्ड मोहम्मद सालाह, जिनके विजयी गोल ने मैच का रुख पलट दिया।
सालाह के नाम दर्ज हुए कई रिकॉर्ड
मोहम्मद सालाह इस मैच में सिर्फ गोल करने तक सीमित नहीं रहे — उन्होंने इतिहास के पन्नों पर अपना नाम कई बार दर्ज कराया। 34 साल और 9 दिन की उम्र में गोल दागते हुए वह मिस्र की ओर से विश्व कप में गोल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड मैग्डी अब्देलघनी के नाम था, जिन्होंने 1990 में नीदरलैंड्स के खिलाफ 30 साल और 320 दिन की उम्र में गोल किया था। इसके साथ ही सालाह विश्व कप के दो अलग-अलग संस्करणों में गोल करने वाले मिस्र के पहले फुटबॉलर भी बन गए।
मैच का घटनाक्रम: न्यूजीलैंड की शुरुआती बढ़त, मिस्र की करिश्माई वापसी
न्यूजीलैंड ने मैच में आक्रामक शुरुआत की और 15वें मिनट में ही बढ़त हासिल कर ली। फिन सुरमन ने कॉर्नर किक पर सटीक हेडर से गोल दागकर स्कोर 1-0 कर दिया। पहले हाफ में न्यूजीलैंड ने दबाव बनाए रखा और मिस्र को बराबरी का मौका नहीं दिया — यह पहला मौका था जब मिस्र किसी विश्व कप मैच में हाफटाइम तक पीछे रहा।
दूसरे हाफ में मिस्र पूरी तरह बदली हुई टीम के रूप में उतरी। मोहम्मद सालाह और इमाम अशौर ने कई मौके बनाए, लेकिन न्यूजीलैंड के गोलकीपर ने शानदार बचाव किए। दूसरी ओर, मिस्र के गोलकीपर मुस्तफा शोबेर ने भी अहम बचाव कर टीम को मैच में बनाए रखा।
तीन गोल, तीन नायक
58वें मिनट में जिको ने फ्री हेडर पर गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर किया। इसके ठीक 9 मिनट बाद सालाह ने एक सुनियोजित टीम मूव के बाद नीचे की ओर शॉट लगाते हुए मिस्र को 2-1 की बढ़त दिला दी — यह गोल मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। 82वें मिनट में ट्रेजेगुएट ने तीसरा गोल दागकर मिस्र की जीत पर मुहर लगा दी और स्कोर 3-1 कर दिया।
ऐतिहासिक संदर्भ: 92 साल की प्रतीक्षा
गौरतलब है कि मिस्र ने 1934 में फीफा विश्व कप में पदार्पण किया था — अफ्रीकी महाद्वीप से विश्व कप में हिस्सा लेने वाली पहली टीम के रूप में। लेकिन उसके बाद के दशकों में मिस्र विश्व कप में जीत का स्वाद नहीं चख सका था। 22 जून 2026 को वैंकूवर में यह इंतजार खत्म हुआ। यह जीत मिस्र के फुटबॉल इतिहास का सबसे चमकदार अध्याय है।
आगे की राह
इस जीत के साथ मिस्र ग्रुप जी की अंक तालिका में मजबूत स्थिति में आ गया है। अब सालाह और उनकी टीम की नजरें अगले मुकाबलों पर होंगी, जहाँ नॉकआउट दौर में जगह पक्की करने का अवसर है।