फीफा वर्ल्डकप 2026: हनी के आत्मघाती गोल ने मिस्र से छीनी बेल्जियम पर ऐतिहासिक जीत, 1-1 से ड्रॉ
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप 'जी' के पहले मुकाबले में मिस्र ने 16 जून 2026 को सिएटल में बेल्जियम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन मोहम्मद हनी के 66वें मिनट के आत्मघाती गोल ने 'फराओ' को ऐतिहासिक जीत से महरूम कर दिया। मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। इमाम अशूर ने 19वें मिनट में मिस्र को बढ़त दिलाई थी, और टीम लंबे समय तक उसे बनाए रखने में सफल रही।
मुख्य घटनाक्रम
मोहम्मद सलाह के सटीक पास ने बेल्जियम के डिफेंस को चीरा और इमाम अशूर ने गेंद पर बेहतरीन नियंत्रण दिखाते हुए गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ को छकाते हुए करारा लो-शॉट दागा — यह अशूर का पहला अंतरराष्ट्रीय गोल था। मिस्र ने दूसरे हाफ में भी अपनी बढ़त कायम रखी और बेल्जियम के स्टार-स्टडेड आक्रमण को रोके रखा।
66वें मिनट में बेल्जियम ने पलटवार किया। बेंच से उतरे रोमेलु लुकाकू की मौजूदगी ने मिस्र के डिफेंस में दबाव बनाया। थॉमस मुनियर के खतरनाक क्रॉस पर डिफेंडर मोहम्मद हनी ने दुर्भाग्यवश गेंद अपने ही नेट में डाल दी, जिससे बेल्जियम को बराबरी का मौका मिल गया।
मिस्र की ऐतिहासिक उपलब्धि
यह नतीजा मिस्र की प्रगति का महत्वपूर्ण संकेत है। उत्तरी अफ्रीकी टीम ने न केवल एक बहुमूल्य अंक अर्जित किया, बल्कि वर्ल्ड कप मैचों में बढ़त बनाए रखने के अपने पिछले 29 मिनट के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। यह ऐसे समय में आया है जब 'फराओ' को वैश्विक फुटबॉल में अपनी पहचान स्थापित करनी है।
कोचों की प्रतिक्रिया
बेल्जियम के कोच रूडी गार्सिया ने कहा, 'वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट का पहला मैच हमेशा मुश्किल होता है, खासकर मिस्र जैसी अफ्रीका की शीर्ष टीमों में से एक के खिलाफ। सबसे अहम बात यह है कि हम खेल में बने रहे। हम बेंच से आए खिलाड़ियों की मदद से बराबरी करने में सफल रहे, जो दिखाता है कि पूरी टीम कितनी महत्वपूर्ण है। यह दो बहुत अच्छी टीमों के बीच शानदार मुकाबला था।'
मिस्र के फॉरवर्ड हम्जा अब्देलकरीम ने कहा, 'आखिर में हमें एक अंक मिला, लेकिन हमने अपना सब कुछ झोंक दिया। हम जानते हैं कि बेल्जियम बेहतरीन खिलाड़ियों वाली मजबूत टीम है। माहौल भी शानदार था, इसलिए हमें प्रशंसकों का शुक्रिया अदा करना चाहिए।'
ग्रुप 'जी' का समीकरण
इस ड्रॉ के बाद ग्रुप 'जी' का मुकाबला और रोचक हो गया है। दोनों टीमें 1-1 अंक के साथ बराबर हैं। मिस्र के लिए यह प्रदर्शन आत्मविश्वास का बड़ा स्रोत है, क्योंकि उसने यूरोप की पारंपरिक दिग्गज टीमों में से एक को कड़ी चुनौती दी। गौरतलब है कि बेल्जियम ने अपनी बराबरी के लिए बेंच की ताकत पर निर्भरता दिखाई, जो उनके स्क्वॉड की गहराई को रेखांकित करता है।
आगे क्या
दोनों टीमें अब ग्रुप चरण में अपने अगले मुकाबलों की तैयारी करेंगी। मिस्र के लिए यह नतीजा — एक अंक और एक टूटा हुआ रिकॉर्ड — आने वाले मैचों में मनोबल बनाए रखने का काम करेगा।