फीफा वर्ल्ड कप 2026: इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से रौंदा, 1966 के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड ने 19 जुलाई 2026 को फ्रांस को रोमांचक संघर्ष में 6-4 से पराजित कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। दोनों टीमों के बीच इस मैच में कुल 10 गोल दागे गए — 1982 के बाद किसी एकल विश्व कप मुकाबले में पहली बार इतने गोल हुए हैं।
मुख्य घटनाक्रम: पहला हाफ इंग्लैंड के नाम
इंग्लैंड ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया। केवल तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने लंबी दूरी से दमदार शॉट मारते हुए पहला गोल दागा और टीम को बढ़त दिला दी। 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने राइस के कॉर्नर पर शानदार हेडर से स्कोर 2-0 कर दिया।
बुकायो साका इस मैच के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी रहे। उन्होंने पहले हाफ में दो गोल दागे — एक मैदानी गोल और एक 43वें मिनट में — जिससे पहले हाफ की समाप्ति तक इंग्लैंड 4-0 की मज़बूत बढ़त के साथ आगे था।
फ्रांस की दमदार वापसी
दूसरे हाफ में फ्रांसीसी कोच ने टीम में चार बदलाव किए, जिसका असर तुरंत मैदान पर दिखा। 48वें मिनट में किलियन एम्बाप्पे ने फ्रांस के लिए पहला गोल कर वापसी का संकेत दिया। 58वें मिनट में बारकोला ने गोल दागते हुए स्कोर 4-2 किया। इसके 9 मिनट बाद एम्बाप्पे ने एक और गोल करते हुए अंतर घटाकर 4-3 कर दिया, और मुकाबले को रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया।
अंतिम पलों का नाटक
87वें मिनट में इंग्लैंड को पेनल्टी मिली, जिसे साका ने सफलतापूर्वक गोल में बदला — यह उनका मैच में तीसरा गोल था। हालांकि, फ्रांस के उस्मान डेम्बेल ने इंजरी टाइम में गोल दागते हुए स्कोर 5-4 कर दिया। लेकिन इंजरी टाइम के 8वें मिनट में जूड बेलिंगहम ने इंग्लैंड के लिए छठा गोल दागते हुए जीत पर मुहर लगा दी।
ऐतिहासिक संदर्भ
यह 1966 में फीफा विश्व कप का खिताब जीतने के बाद टूर्नामेंट में इंग्लैंड का अब तक का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। गौरतलब है कि इंग्लैंड पिछले कई दशकों से विश्व कप में बड़े मंच पर संघर्ष करती रही है, इसलिए यह ब्रॉन्ज मेडल उसके फुटबॉल पुनरुद्धार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
इस जीत के साथ इंग्लैंड ने साबित किया कि वह अब केवल दावेदार नहीं, बल्कि विश्व फुटबॉल की एक ठोस ताकत बन चुकी है। आगामी विश्व कप चक्र में इंग्लैंड की युवा टीम से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।