टी20 विश्व कप: इंग्लैंड ने सेमीफाइनल में पहुँचकर बनाया नया कीर्तिमान, भारतीय टीम को पीछे छोड़ा
सारांश
Key Takeaways
- इंग्लैंड ने टी20 विश्व कप २०२६ के सेमीफाइनल में पहुँचकर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
- यह इंग्लैंड का लगातार पाँचवाँ सेमीफाइनल है।
- पाकिस्तान और इंग्लैंड अब सबसे अधिक सेमीफाइनल खेलने वाली टीमें हैं।
- भारतीय टीम को पीछे छोड़ते हुए इंग्लैंड ने अपनी स्थिति मजबूत की है।
- भारतीय टीम ने २००७ में टी20 विश्व कप जीता था।
नई दिल्ली, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। इंग्लैंड ने मंगलवार को आयोजित सुपर-८ मुकाबले में पाकिस्तान को हराकर टी20 विश्व कप २०२६ के सेमीफाइनल में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है। इस विश्व कप में सेमीफाइनल में पहुँचने वाली इंग्लैंड पहली टीम बनी है।
यह इंग्लैंड का लगातार पाँचवाँ अवसर है जब वह टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुँच रही है। २०१६ से अब तक इंग्लैंड ने लगातार सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई है। पाकिस्तान (२००७ से २०१२) और श्रीलंका (२००९ से २०१४) ने भी चार-चार बार सेमीफाइनल में पहुँचने का रिकॉर्ड बनाया है।
टी20 विश्व कप के इतिहास में सबसे अधिक बार सेमीफाइनल में पहुँचने वाली टीम के रूप में अब पाकिस्तान के साथ इंग्लैंड का नाम भी जुड़ गया है। पाकिस्तान ने ६ सेमीफाइनल खेले हैं, जबकि इंग्लैंड छठी बार सेमीफाइनल में पहुँचने जा रही है। भारतीय टीम ने ५ बार सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई है।
इंग्लैंड के छठी बार सेमीफाइनल में पहुँचने से, उसने पाकिस्तान के साथ बराबरी की है, जबकि भारतीय टीम को पीछे छोड़ दिया है। भारतीय टीम के पास भी सेमीफाइनल में पहुँचकर इंग्लैंड और पाकिस्तान के बराबरी का मौका है।
इंग्लैंड ने २०१०, २०१६ और २०२२ में टी20 विश्व कप के फाइनल में भाग लिया। २०१० में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को और २०२२ में पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था। २०१६ में उसे वेस्टइंडीज के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।
भारतीय टीम ने भी तीन टी20 विश्व कप फाइनल खेले हैं। २००७ में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को हराकर विश्व कप जीता था। २०१४ में टीम इंडिया को श्रीलंका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। २०२४ में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर अपना दूसरा खिताब जीता था।
पाकिस्तान ने २००७, २००९ और २०२२ का फाइनल खेला है। पाकिस्तान को २००७ में भारत और २०२२ में इंग्लैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। २००९ में पाकिस्तान ने श्रीलंका को हराकर अपना एकमात्र टी20 विश्व कप जीता था।