फीफा वर्ल्ड कप 2026: जॉर्डन के खिलाफ मेसी बेंच पर, कोच स्कालोनी ने की पुष्टि
सारांश
मुख्य बातें
अर्जेंटीना के हेड कोच लियोनेल स्कालोनी ने शनिवार को पुष्टि की कि स्टार फॉरवर्ड लियोनेल मेसी फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज के अंतिम मैच में जॉर्डन के खिलाफ शुरुआती इलेवन का हिस्सा नहीं होंगे और बेंच से मैदान में उतरेंगे। यह मुकाबला 28 जून 2026 को डलास के स्टेडियम में खेला जाएगा।
मेसी को आराम क्यों
अर्जेंटीना पहले ही ग्रुप जे में शीर्ष स्थान सुनिश्चित कर चुका है, और कोचिंग स्टाफ ने मेसी को नॉकआउट चरण के लिए पूरी तरह फिट रखने के मकसद से इस मैच में विश्राम देने का फैसला किया है। हालांकि मेसी को हाल ही में किसी गंभीर चोट की समस्या नहीं रही है, फिर भी टीम प्रबंधन उनकी फिटनेस को लेकर सतर्क है। गौरतलब है कि उन्होंने हाल ही में अपना 39वाँ जन्मदिन मनाया है।
स्कालोनी का बयान
प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्कालोनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "मेसी बेंच से खेलेंगे और मैं इस सवाल से बचने की कोशिश नहीं कर रहा हूँ। आपको पता होना चाहिए और मैं इसका जवाब दे रहा हूँ क्योंकि आप एक सही जवाब के हकदार हैं। अब, जहाँ तक फॉर्मेशन की बात है, तो इसके बारे में मैं आपको और ज़्यादा जानकारी नहीं दे पाऊँगा। मेसी मैदान पर थोड़ी देर बाद आएंगे। पूरा लाइनअप कन्फर्म हो चुका है, लेकिन हम इसकी घोषणा मैच से पहले करेंगे।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस मैच में दूसरे खिलाड़ियों को मौका देना ज़रूरी है और टीम का प्रदर्शन एक जैसा बना रहना चाहिए, चाहे खिलाड़ी कोई भी हों।
टूर्नामेंट में मेसी का प्रदर्शन
मेसी ने इस टूर्नामेंट में अब तक बेहद प्रभावशाली खेल दिखाया है और अर्जेंटीना के पाँच गोल में उनका अहम योगदान रहा है। ग्रुप स्टेज में अर्जेंटीना ने अपने दोनों शुरुआती मैच जीतकर नॉकआउट में जगह पक्की की है, जो टीम की मज़बूत स्थिति को दर्शाता है।
जॉर्डन की रणनीतिक चुनौती
स्कालोनी ने बताया कि जॉर्डन आमतौर पर पाँच डिफेंडरों के साथ खेलता है, इसलिए अर्जेंटीना को अपनी रणनीति में कुछ बदलाव करने की ज़रूरत पड़ सकती है। वहीं जॉर्डन की टीम अपने दोनों ग्रुप मैच हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है, इसलिए यह मुकाबला उसके लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न है।
आगे क्या
नॉकआउट चरण की तैयारी को ध्यान में रखते हुए अर्जेंटीना इस मैच का उपयोग बेंच की गहराई परखने के लिए करेगा। मेसी के मैदान में उतरने का समय कोच के विवेक पर निर्भर करेगा, और उम्मीद है कि वे दूसरे हाफ में खेलेंगे। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अर्जेंटीना की बेंच-स्ट्रेंथ नॉकआउट के दबाव में कितनी कारगर साबित होती है।