FIH प्रो लीग: भारत ने पाकिस्तान को 7-1 से रौंदा, खिलाड़ियों ने मैच के बाद मिलाए हाथ
सारांश
मुख्य बातें
एफआईएच प्रो लीग में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 27 जून को मुंबई में पाकिस्तान को 7-1 से एकतरफा शिकस्त दी — और मैच के बाद मैदान पर खेल भावना का एक उल्लेखनीय दृश्य देखने को मिला, जब दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाए। यह भारत की पाकिस्तान के खिलाफ लगातार 17वीं जीत है।
मैच का स्कोरकार्ड
भारत की ओर से सुखजीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह, हार्दिक, जुगराज सिंह, अभिषेक, राज कुमार पाल और दिलप्रीत सिंह ने एक-एक गोल दागकर पाकिस्तान को पस्त किया। पाकिस्तान की ओर से एकमात्र गोल अबू महमूद ने किया। मौजूदा टूर्नामेंट में यह दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वियों के बीच दूसरा मुकाबला था, और पहले मैच में भी भारत विजयी रहा था।
हैंडशेक की अहमियत
यह हैंडशेक इसलिए चर्चा में है क्योंकि 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद खेलों में भारत-पाकिस्तान के बीच अभिवादन का सवाल एक संवेदनशील विषय बन चुका है। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टी20 एशिया कप के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ न मिलाने का फैसला किया गया था — जिसे हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि और भारतीय सेना के प्रति एकजुटता के प्रतीक के रूप में देखा गया।
इसके बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम और अंडर-19 टीम ने भी यही रुख अपनाया। कुछ अन्य खेलों के भारतीय खिलाड़ियों ने भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों से मैच से पहले और बाद में हाथ मिलाने से परहेज किया। इस 'नो हैंडशेक' नीति ने वैश्विक मीडिया में व्यापक कवरेज बटोरी थी।
हॉकी टीम का अलग रुख
गौरतलब है कि इस टूर्नामेंट में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने दोनों मुकाबलों के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाए — जो क्रिकेट में अपनाई गई नीति से स्पष्ट रूप से अलग है। खेलों में हाथ मिलाना सामान्यतः खेल भावना और शिष्टाचार का हिस्सा माना जाता है।
आगे क्या होगा
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्रिकेट मैदान पर भारतीय खिलाड़ी हॉकी टीम की इस पहल से प्रेरणा लेते हैं या 'नो हैंडशेक' की परंपरा को जारी रखते हैं। भारतीय हॉकी टीम का यह कदम भविष्य में दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच मैदानी व्यवहार की दिशा तय करने में एक मिसाल बन सकता है।