एफआईएच प्रो लीग: भारत ने पाकिस्तान को 7-1 से धोया, लगातार 17वीं जीत दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
एफआईएच प्रो लीग 2025-26 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 27 जून 2025 को लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में पाकिस्तान को 7-1 के बड़े अंतर से पराजित कर पाकिस्तान के खिलाफ लगातार 17वीं जीत का रिकॉर्ड कायम किया। ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट भारतीय टीम ने पहले क्वार्टर में 0-1 से पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी करते हुए मैच पर पूरी तरह कब्जा जमाया।
मैच का मुख्य घटनाक्रम
13वें मिनट में पाकिस्तान के अबू महमूद ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। पहले क्वार्टर में भारत को तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन टीम उन्हें भुना नहीं सकी।
दूसरे क्वार्टर में भारत ने पलटवार किया। 19वें मिनट में सुखजीत सिंह ने बराबरी का गोल ठोका और 26वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर धारदार ड्रैग फ्लिक से भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी।
तीसरे और चौथे क्वार्टर में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को कोई मौका नहीं दिया। 34वें मिनट में हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल कर स्कोर 3-1 किया। 35वें मिनट में जुगराज सिंह ने तेज काउंटर अटैक पर 4-1 किया। 41वें मिनट में अभिषेक ने सुखजीत के पास पर 5-1 किया। 43वें मिनट में राज कुमार पाल ने हरमनप्रीत के ड्रैग फ्लिक पर मिले रिबाउंड को 6-1 में बदला और 53वें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने शानदार मूव पर सातवाँ गोल दागकर स्कोर 7-1 किया।
आँकड़ों में भारत का दबदबा
भारत ने मैच के दौरान 36 बार पाकिस्तानी सर्कल में प्रवेश किया और 13 पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, जिनमें से 3 पर गोल हुए। पाकिस्तान केवल 18 बार भारतीय सर्कल में घुस सका और 6 पेनल्टी कॉर्नर में से सिर्फ 1 गोल कर पाया। पूरे मैच में पाकिस्तान का एक भी फील्ड गोल नहीं बना।
स्टार परफॉर्मर
मिडफील्ड में हार्दिक सिंह और मनप्रीत सिंह ने मैच की धुरी थामे रखी। अभिषेक, दिलप्रीत सिंह और मंदीप सिंह ने पाकिस्तानी डिफेंस पर लगातार दबाव बनाए रखा। अनुभवी मनप्रीत सिंह ने अंतिम मिनटों में मिले दो पाकिस्तानी पेनल्टी कॉर्नर को भी बेकार करते हुए रक्षा पंक्ति को अटूट रखा। शानदार प्रदर्शन के लिए हार्दिक सिंह को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
अंक तालिका में भारत की स्थिति
इस जीत के बाद भारत 15 मैचों में 17 अंक के साथ अंक तालिका में 7वें स्थान पर पहुँच गया और स्पेन (15 मैचों में 16 अंक) को पीछे छोड़ दिया। स्पेन को अपने आखिरी मुकाबले में अर्जेंटीना के खिलाफ शूटआउट में हार झेलनी पड़ी थी। पाकिस्तान के लिए यह टूर्नामेंट में 15वीं हार रही।
आगे क्या
यह जीत भारतीय हॉकी के लिए मनोबल बढ़ाने वाली है, खासकर तब जब टीम आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की तैयारी में जुटी है। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में टीम का आक्रामक और अनुशासित खेल यह संकेत देता है कि भारतीय हॉकी एक नए शिखर की ओर बढ़ रही है।