फ्रेंच ओपन: वैलेजो पर $65,000 का जुर्माना, महिला अंपायर पर लैंगिक टिप्पणी को 'अस्वीकार्य' बताया
सारांश
मुख्य बातें
पराग्वे के टेनिस खिलाड़ी एडोल्फो डेनियल वैलेजो फ्रेंच ओपन में बड़े विवाद में घिर गए, जब रोलैंड गैरोस के दूसरे दौर में हार के बाद उन्होंने ब्राज़ील की चेयर अंपायर एना कारवाल्हो पर लैंगिक आधार पर टिप्पणी की। टूर्नामेंट प्रशासन ने इस पर $65,000 (लगभग ₹54 लाख) का जुर्माना लगाया, जो ग्रैंड स्लैम इतिहास के सबसे बड़े दंडों में से एक है।
क्या हुआ मैच के बाद
22 वर्षीय वर्ल्ड नंबर 71 वैलेजो फ्रांस के उभरते टेनिस सितारे मोइज़ कौमे के खिलाफ करीब पाँच घंटे चले संघर्षपूर्ण मैच में हार गए। मैच के बाद उन्होंने कहा, 'इस तरह के मैच को एक पुरुष अंपायर को संभालना चाहिए। महिला अंपायर के लिए ऐसे माहौल को कंट्रोल करना बहुत मुश्किल होता है।' उनका आरोप था कि कारवाल्हो घरेलू दर्शकों के दबाव वाले माहौल को नियंत्रित करने में सक्षम नहीं थीं।
टूर्नामेंट की कड़ी प्रतिक्रिया
फ्रेंच ओपन की टूर्नामेंट डायरेक्टर एमेली मौरेस्मो ने जुर्माने की पुष्टि करते हुए कहा, 'यह उनकी प्राइज़ मनी का लगभग आधा है। हम एक टूर्नामेंट के तौर पर इसे स्वीकार नहीं करते। इस मैदान में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।' आयोजकों ने इन टिप्पणियों को 'अस्वीकार्य' करार देते हुए कहा कि वे 'सभी लिंग-भेद वाले कमेंट्स की कड़ी निंदा करते हैं।'
जुर्माने का आर्थिक पहलू
पुरुष सिंगल्स ड्रॉ के दूसरे दौर तक पहुँचने वाले खिलाड़ियों को $1,51,000 की प्राइज़ मनी मिलती है। इस प्रकार $65,000 का जुर्माना वैलेजो की इस टूर्नामेंट से कुल कमाई का लगभग 43% है। गौरतलब है कि ग्रैंड स्लैम नियमों के तहत खेल भावना के विपरीत आचरण पर अधिकतम $1,00,000 तक का दंड लगाया जा सकता है।
वैलेजो की माफी
अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा के बाद वैलेजो ने इंस्टाग्राम पर सार्वजनिक माफी माँगी। उन्होंने लिखा, 'मैं अंपायर्स और उनके काम का सम्मान करता हूँ। पाँच घंटे की लड़ाई के बाद, मैं बहुत ज़्यादा जोश में था और कई तरह की भावनाएँ महसूस कर रहा था। मैं माफी माँगता हूँ।' हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि माफी जुर्माने की घोषणा के बाद आई, न कि स्वेच्छा से।
व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में आई है जब टेनिस जगत में महिला अधिकारियों और खिलाड़ियों के प्रति सम्मान को लेकर बहस तेज़ है। यह पहला मौका नहीं है जब किसी खिलाड़ी ने अंपायर के लिंग को लेकर टिप्पणी की हो, लेकिन इस पर लगाया गया जुर्माना ग्रैंड स्लैम स्तर पर असाधारण रूप से कड़ा माना जा रहा है। रोलैंड गैरोस का यह प्रकरण वैलेजो के टूर्नामेंट अभियान पर भारी पड़ा और उनकी खेल छवि को भी नुकसान पहुँचाया।