30 अगस्त 2026
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नो-बॉल पर गावस्कर की कड़ी चेतावनी: 'गेंदबाजों के पास कोई बहाना नहीं', भारत ने श्रीलंका सीरीज 1-0 से जीती

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नो-बॉल पर गावस्कर की कड़ी चेतावनी: 'गेंदबाजों के पास कोई बहाना नहीं', भारत ने श्रीलंका सीरीज 1-0 से जीती

सारांश

गाले में 165 रन की जीत के बाद कोलंबो में 13 नो-बॉल की वजह से भारत ड्रॉ पर रुका — और सुनील गावस्कर ने साफ कहा: टेप मेजर के दौर में यह लापरवाही बर्दाश्त के काबिल नहीं। देवदत्त पड्डिकल और मानव सुथार की चमक के बीच गेंदबाजी अनुशासन भारत की सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।

मुख्य बातें

भारत ने श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट की सीरीज 1-0 से जीती — गाले में 165 रन की जीत, कोलंबो में ड्रॉ।
कोलंबो टेस्ट में भारतीय गेंदबाजों ने 13 नो-बॉल फेंके, जो टीम के गेंदबाजी अनुशासन पर सवाल उठाता है।
पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा कि टेप मेजर उपलब्ध होने के बाद गेंदबाजों के पास नो-बॉल का 'कोई बहाना नहीं' होना चाहिए।
देवदत्त पड्डिकल (बल्लेबाजी) और मानव सुथार (गेंदबाजी) सीरीज के दो उभरते सितारे रहे।
भारत और अफगानिस्तान के बीच 3 टी20 मैच — 13, 15 और 17 सितंबर को अरुण जेटली स्टेडियम, नई दिल्ली में।

सुनील गावस्कर ने 30 अगस्त को भारतीय गेंदबाजों को नो-बॉल की समस्या पर कड़ी चेतावनी दी, यह कहते हुए कि आधुनिक क्रिकेट में इसका कोई औचित्य नहीं है। यह टिप्पणी तब आई जब भारत ने श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम की — गाले में 165 रन से शानदार जीत के बावजूद कोलंबो में दूसरा टेस्ट ड्रॉ पर छूट गया।

कोलंबो में क्या हुआ

कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम जीत की स्थिति में थी, लेकिन श्रीलंका की दूसरी पारी में निचले क्रम के बल्लेबाजों को आउट करने में भारतीय गेंदबाज नाकाम रहे। इस मैच में भारत की तरफ से कुल 13 नो-बॉल फेंके गए, जो किसी भी टेस्ट टीम के लिए गंभीर चिंता का विषय है। विशेषज्ञों के अनुसार यह अनुशासनहीनता मैच के नतीजे पर सीधा असर डाल सकती है।

गावस्कर का सख्त रुख

पूर्व भारतीय कप्तान और क्रिकेट विशेषज्ञ सुनील गावस्कर ने इस मुद्दे पर बेबाकी से कहा, 'भारतीय गेंदबाजों को नो-बॉल पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। इससे खेल प्रभावित होता है। खेल के बहुत कम पहलू ऐसे होते हैं जो पूरी तरह से खिलाड़ियों के नियंत्रण में होते हैं, और एक बल्लेबाज का गार्ड लेना और एक बॉलर का नो-बॉल न करना, ऐसे ही दो पहलू हैं।'

गावस्कर ने आगे कहा, 'खिलाड़ी इंटरव्यू के दौरान कंट्रोल में काम करने की बात करते हैं। आज के दौर में रन-अप को मार्क करने के लिए एक टेप मेजर मौजूद है। इस वजह से गेंदबाजों के पास नो-बॉल फेंकने का कोई बहाना नहीं होना चाहिए।' यह टिप्पणी उस समय और भी प्रासंगिक हो जाती है जब भारत एक अहम ड्रॉ से बचने में विफल रहा।

सीरीज के सितारे

चिंताओं के बीच इस सीरीज ने भारतीय क्रिकेट को दो नए सितारे भी दिए। देवदत्त पड्डिकल ने बल्लेबाजी में असाधारण प्रदर्शन किया, जबकि मानव सुथार ने गेंदबाजी में अपनी छाप छोड़ी। दोनों युवा खिलाड़ियों का उभरना भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है।

आगे क्या: अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज

श्रीलंका सीरीज के बाद भारतीय टीम की निगाहें अब अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज पर हैं। दोनों टीमों के बीच 3 टी20 मैच क्रमशः 13, 15 और 17 सितंबर को नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाएंगे। गेंदबाजी अनुशासन की परीक्षा इस सीरीज में भी जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस मानसिकता का संकेत है जहाँ 'कंट्रोल' की बात होती है लेकिन क्रियान्वयन नदारद रहता है। गावस्कर की यह आलोचना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि नो-बॉल उन विरले पहलुओं में से एक है जो पूरी तरह खिलाड़ी के हाथ में है। यह ड्रॉ भारत को एक कड़ा संदेश देता है — जब निचले क्रम के बल्लेबाज मैच बचा लें और आपके गेंदबाज अतिरिक्त जीवनदान बाँटते रहें, तो सीरीज जीतना काफी नहीं है। अफगानिस्तान टी20 सीरीज से पहले इस अनुशासन को दुरुस्त करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने श्रीलंका टेस्ट सीरीज का नतीजा क्या रहा?
भारत ने 2 टेस्ट मैचों की श्रीलंका सीरीज 1-0 से जीती। गाले में पहला टेस्ट 165 रन से जीता, जबकि कोलंबो में दूसरा टेस्ट ड्रॉ रहा।
कोलंबो टेस्ट ड्रॉ क्यों रहा?
कोलंबो टेस्ट में भारतीय गेंदबाज श्रीलंका की दूसरी पारी में निचले क्रम के बल्लेबाजों को आउट नहीं कर सके, जिससे मैच ड्रॉ हो गया। इस मैच में भारत की तरफ से 13 नो-बॉल भी फेंके गए।
सुनील गावस्कर ने नो-बॉल पर क्या कहा?
गावस्कर ने कहा कि आज के दौर में रन-अप मार्क करने के लिए टेप मेजर उपलब्ध है, इसलिए गेंदबाजों के पास नो-बॉल फेंकने का कोई बहाना नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे खिलाड़ियों के पूर्ण नियंत्रण में आने वाला पहलू बताया।
इस सीरीज में भारत के लिए कौन-से नए खिलाड़ी उभरे?
देवदत्त पड्डिकल ने बल्लेबाजी में और मानव सुथार ने गेंदबाजी में असाधारण प्रदर्शन किया। दोनों को इस सीरीज का सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू माना जा रहा है।
भारत और अफगानिस्तान के बीच टी20 सीरीज कब और कहाँ होगी?
भारत और अफगानिस्तान के बीच 3 टी20 मैच 13, 15 और 17 सितंबर को नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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