साईराज बहुतुले का सुझाव: टेस्ट में फ्री-हिट लागू हो तो नो-बॉल अपने आप घटेंगी
सारांश
मुख्य बातें
भारत के स्पिन-बॉलिंग कोच साईराज बहुतुले ने 26 अगस्त को कोलंबो में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान टेस्ट क्रिकेट में बढ़ती नो-बॉल की समस्या पर खुलकर बात की और एक अनूठा समाधान सुझाया — यदि टेस्ट क्रिकेट में भी फ्री-हिट का नियम लागू किया जाए, तो गेंदबाज खुद-ब-खुद ओवरस्टेपिंग से बचने लगेंगे। श्रीलंका के खिलाफ सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड, कोलंबो में जारी दूसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन का खेल समाप्त होने के बाद उन्होंने यह बात कही।
मुख्य घटनाक्रम
इस टेस्ट मैच में भारतीय स्पिनरों ने कुल 10 बार ओवरस्टेप किया, जो वर्ष 2021 के बाद किसी भी स्पिन यूनिट द्वारा एक मैच में फेंकी गई सर्वाधिक नो-बॉल हैं। डेब्यू करने वाले ऑफ-स्पिनर सारांश जैन और अनुभवी लेफ्ट-आर्म स्पिन ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा दोनों पर अत्यधिक नो-बॉल फेंकने के आरोप लगे, जिससे टीम के नेट सेशन में अनुशासन पर भी सवाल उठे।
बहुतुले का फ्री-हिट सुझाव
पूर्व भारतीय लेग-स्पिनर बहुतुले ने मजाकिया लेकिन सटीक अंदाज में कहा, 'मैं नियमों का कोई रक्षक नहीं हूं, लेकिन अगर फ्री-हिट का नियम लागू हो जाए, तो जाहिर है कि नो-बॉल निश्चित रूप से कम हो जाएंगी। कोई भी टीम ऐसी नो-बॉल नहीं फेंकना चाहेगी जिससे अतिरिक्त गेंद और अतिरिक्त रन देने पड़ें।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक विचार है, न कि कोई औपचारिक प्रस्ताव।
गेंदबाजों के साथ तकनीकी काम
बहुतुले ने बताया कि जडेजा और सारांश दोनों के साथ उनके टेक-ऑफ प्वाइंट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'हम इस पर काम कर रहे हैं। यह चिंता की बात है, लेकिन आमतौर पर जब गेंदबाज पूरी ताकत लगाता है और विकेट लेने की कोशिश करता है, तो वह खुद पर ज्यादा जोर डालता है — लेकिन यह कोई बहाना नहीं है।' उन्होंने यह भी माना कि कभी-कभी किसी खास गेंद पर अतिरिक्त प्रयास के चलते गेंदबाज क्रीज से आगे निकल जाते हैं।
नेट सेशन में निगरानी
इस आरोप को बहुतुले ने सिरे से खारिज किया कि नेट सेशन के दौरान पर्याप्त निगरानी नहीं होती। उन्होंने कहा, 'नेट सेशन के दौरान भी याद दिलाया जाता है। हम हर सेशन को गंभीरता से लेते हैं; साइड व्यू से इसकी निगरानी की जाती है। कभी-कभी मैं खुद अंपायर के तौर पर खड़ा होता हूं।' उन्होंने भरोसा जताया कि गेंदबाज इस खामी को जल्द सुधार लेंगे।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय टीम श्रीलंका दौरे पर अपनी स्पिन रणनीति की परीक्षा दे रही है। गौरतलब है कि नो-बॉल की यह संख्या न केवल अतिरिक्त रन देती है, बल्कि मैच की लय और गेंदबाज के मनोबल पर भी असर डालती है। बहुतुले ने संकेत दिया कि एक स्पष्ट प्रक्रिया अपनाई जाएगी और आने वाले मैचों में सुधार दिखेगा।