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साईराज बहुतुले बने भारतीय सीनियर पुरुष टीम के स्पिन बॉलिंग कोच, BCCI ने की घोषणा

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साईराज बहुतुले बने भारतीय सीनियर पुरुष टीम के स्पिन बॉलिंग कोच, BCCI ने की घोषणा

सारांश

BCCI ने साईराज बहुतुले को भारतीय सीनियर पुरुष टीम का स्पिन बॉलिंग कोच नियुक्त किया है। 2 टेस्ट और 8 वनडे खेल चुके बहुतुले फर्स्ट क्लास में 630 विकेट और 6,176 रन के अनुभवी ऑलराउंडर हैं, और विदर्भ-केरल-गुजरात-बंगाल की हेड कोचिंग व IPL का अनुभव लेकर अब अश्विन-युग के बाद भारत के स्पिन भविष्य को आकार देंगे।

मुख्य बातें

BCCI ने 2 जून को साईराज बहुतुले को भारतीय सीनियर पुरुष टीम का स्पिन बॉलिंग कोच नियुक्त किया।
बहुतुले सभी फॉर्मेट में भारत के अगली पीढ़ी के स्पिनर्स का मार्गदर्शन करेंगे।
बहुतुले ने भारत के लिए 2 टेस्ट और 8 वनडे खेले; फर्स्ट क्लास में 6,176 रन और 630 विकेट ।
विदर्भ, केरल, गुजरात और बंगाल के हेड कोच रह चुके; राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के साथ IPL अनुभव।
2021–2024 तक BCCI के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रहे।

पूर्व भारतीय ऑलराउंडर साईराज बहुतुले को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2 जून को सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम का स्पिन बॉलिंग कोच नियुक्त किया है। इस भूमिका में बहुतुले तीनों फॉर्मेट — टेस्ट, वनडे और टी20 — में भारत के अगली पीढ़ी के स्पिनर्स को तराशने का काम करेंगे।

मुख्य घोषणा

BCCI की ओर से मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि साईराज बहुतुले को भारतीय क्रिकेट टीम (सीनियर पुरुष) का स्पिन बॉलिंग कोच नियुक्त किया गया है।' घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे कोचिंग अनुभव के बाद बहुतुले इस पद तक पहुँचे हैं।

बहुतुले की प्रतिक्रिया

नियुक्ति पर खुशी जताते हुए बहुतुले ने कहा, ‘भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का स्पिन बॉलिंग कोच नियुक्त होना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। बतौर खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए बहुत गर्व की बात थी। अब कोचिंग की भूमिका में भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर योगदान देने का मौका मिलना बहुत खास है।' उन्होंने जोड़ा कि वे सभी फॉर्मेट में खिलाड़ियों के साथ काम करने को उत्सुक हैं।

खिलाड़ी के रूप में करियर

बहुतुले ने भारत के लिए 2 टेस्ट और 8 वनडे मैच खेले हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 188 मुकाबलों में 31.83 की औसत से 6,176 रन बनाए, जिसमें 9 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं। गेंदबाज़ी में उनके नाम फर्स्ट क्लास में 630 विकेट दर्ज हैं — एक ऐसा रिकॉर्ड जो उन्हें भारत के सबसे सफल लेग-स्पिन ऑलराउंडर्स में शुमार करता है।

कोचिंग का सफ़र

संन्यास के बाद बहुतुले भारतीय घरेलू सर्किट के सबसे सम्मानित कोचों में से एक के रूप में उभरे। उन्होंने विदर्भ, केरल, गुजरात और बंगाल की टीमों की हेड कोचिंग संभाली। IPL में वे राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के साथ स्पिन बॉलिंग कोच रहे।

गौरतलब है कि 2021 से 2024 तक बहुतुले BCCI की नेशनल क्रिकेट एकेडमी — जिसे अब ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के नाम से जाना जाता है — के कोचिंग स्टाफ का अहम हिस्सा थे, जहाँ उन्होंने उभरती प्रतिभाओं को निखारने में भूमिका निभाई। इंडिया ‘ए’ और सीनियर टीम के साथ स्पेशलिस्ट बॉलिंग कोच के रूप में भी वे कई बार जुड़े रहे।

क्या होगा आगे

बहुतुले की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय टीम रविचंद्रन अश्विन के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद स्पिन विभाग में पीढ़ीगत बदलाव के दौर से गुज़र रही है। आने वाले विदेशी दौरों और घरेलू सीरीज़ में उनकी रणनीतिक भूमिका पर सबकी निगाहें रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ ऐतिहासिक रूप से भारतीय स्पिनर्स कम प्रभावी रहे हैं। बहुतुले का लेग-स्पिन बैकग्राउंड और 630 फर्स्ट-क्लास विकेट का अनुभव कुलदीप यादव और रवि बिश्नोई जैसे रिस्ट-स्पिनर्स के लिए विशेष रूप से क़ीमती साबित हो सकता है। देखना यह होगा कि क्या यह नियुक्ति सिर्फ़ तकनीकी मार्गदर्शन तक सीमित रहती है या रणनीतिक स्पिन-प्लानिंग में भी निर्णायक भूमिका निभाती है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साईराज बहुतुले को किस पद पर नियुक्त किया गया है?
BCCI ने 2 जून को साईराज बहुतुले को भारतीय सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम का स्पिन बॉलिंग कोच नियुक्त किया है। वे टेस्ट, वनडे और टी20 — तीनों फॉर्मेट में स्पिनर्स का मार्गदर्शन करेंगे।
साईराज बहुतुले का खिलाड़ी के रूप में रिकॉर्ड क्या है?
बहुतुले ने भारत के लिए 2 टेस्ट और 8 वनडे खेले हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 188 मैचों में 31.83 की औसत से 6,176 रन और 630 विकेट दर्ज किए, जिसमें 9 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं।
बहुतुले को कोचिंग का क्या अनुभव है?
वे विदर्भ, केरल, गुजरात और बंगाल की रणजी टीमों के हेड कोच रह चुके हैं और IPL में राजस्थान रॉयल्स तथा पंजाब किंग्स के स्पिन बॉलिंग कोच रहे हैं। 2021 से 2024 तक वे BCCI के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा थे।
यह नियुक्ति भारतीय स्पिन विभाग के लिए क्यों अहम है?
यह नियुक्ति अनुभवी स्पिन-गेंदबाज़ों के संन्यास के बाद टीम इंडिया के पीढ़ीगत बदलाव के दौर में आई है। बहुतुले की भूमिका उभरते स्पिनर्स को घरेलू और विदेशी पिचों के अनुरूप ढालने में निर्णायक मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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