साईराज बहुतुले बने भारतीय सीनियर पुरुष टीम के स्पिन बॉलिंग कोच, BCCI ने की घोषणा
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर साईराज बहुतुले को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2 जून को सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम का स्पिन बॉलिंग कोच नियुक्त किया है। इस भूमिका में बहुतुले तीनों फॉर्मेट — टेस्ट, वनडे और टी20 — में भारत के अगली पीढ़ी के स्पिनर्स को तराशने का काम करेंगे।
मुख्य घोषणा
BCCI की ओर से मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि साईराज बहुतुले को भारतीय क्रिकेट टीम (सीनियर पुरुष) का स्पिन बॉलिंग कोच नियुक्त किया गया है।' घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे कोचिंग अनुभव के बाद बहुतुले इस पद तक पहुँचे हैं।
बहुतुले की प्रतिक्रिया
नियुक्ति पर खुशी जताते हुए बहुतुले ने कहा, ‘भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का स्पिन बॉलिंग कोच नियुक्त होना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। बतौर खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए बहुत गर्व की बात थी। अब कोचिंग की भूमिका में भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर योगदान देने का मौका मिलना बहुत खास है।' उन्होंने जोड़ा कि वे सभी फॉर्मेट में खिलाड़ियों के साथ काम करने को उत्सुक हैं।
खिलाड़ी के रूप में करियर
बहुतुले ने भारत के लिए 2 टेस्ट और 8 वनडे मैच खेले हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 188 मुकाबलों में 31.83 की औसत से 6,176 रन बनाए, जिसमें 9 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं। गेंदबाज़ी में उनके नाम फर्स्ट क्लास में 630 विकेट दर्ज हैं — एक ऐसा रिकॉर्ड जो उन्हें भारत के सबसे सफल लेग-स्पिन ऑलराउंडर्स में शुमार करता है।
कोचिंग का सफ़र
संन्यास के बाद बहुतुले भारतीय घरेलू सर्किट के सबसे सम्मानित कोचों में से एक के रूप में उभरे। उन्होंने विदर्भ, केरल, गुजरात और बंगाल की टीमों की हेड कोचिंग संभाली। IPL में वे राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के साथ स्पिन बॉलिंग कोच रहे।
गौरतलब है कि 2021 से 2024 तक बहुतुले BCCI की नेशनल क्रिकेट एकेडमी — जिसे अब ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के नाम से जाना जाता है — के कोचिंग स्टाफ का अहम हिस्सा थे, जहाँ उन्होंने उभरती प्रतिभाओं को निखारने में भूमिका निभाई। इंडिया ‘ए’ और सीनियर टीम के साथ स्पेशलिस्ट बॉलिंग कोच के रूप में भी वे कई बार जुड़े रहे।
क्या होगा आगे
बहुतुले की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय टीम रविचंद्रन अश्विन के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद स्पिन विभाग में पीढ़ीगत बदलाव के दौर से गुज़र रही है। आने वाले विदेशी दौरों और घरेलू सीरीज़ में उनकी रणनीतिक भूमिका पर सबकी निगाहें रहेंगी।