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साईराज बहुतुले बने भारतीय सीनियर पुरुष टीम के स्पिन गेंदबाज़ी कोच, BCCI का बड़ा फैसला

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साईराज बहुतुले बने भारतीय सीनियर पुरुष टीम के स्पिन गेंदबाज़ी कोच, BCCI का बड़ा फैसला

सारांश

भारत की स्पिन परंपरा को संभालने की ज़िम्मेदारी अब साईराज बहुतुले के कंधों पर है। BCCI ने पूर्व ऑलराउंडर को सीनियर पुरुष टीम का स्पिन गेंदबाज़ी कोच नियुक्त किया है — एक ऐसा फैसला जो NCA की युवा पाइपलाइन और सीनियर ड्रेसिंग रूम के बीच सीधा पुल बनाने की रणनीति दिखाता है।

मुख्य बातें

BCCI ने 2 जून को साईराज बहुतुले को सीनियर पुरुष टीम का स्पिन गेंदबाज़ी कोच नियुक्त किया।
बहुतुले तीनों फॉर्मेट में अगली पीढ़ी के स्पिनरों का मार्गदर्शन करेंगे।
भारत के लिए 2 टेस्ट और 8 वनडे ; फर्स्ट क्लास में 6,176 रन और 630 विकेट ।
विदर्भ, केरल, गुजरात, बंगाल के हेड कोच रह चुके; IPL में राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स में स्पिन कोच।
2021–2024 तक NCA (अब ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’) के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रहे।

पूर्व भारतीय ऑलराउंडर साईराज बहुतुले को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2 जून को सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम का स्पिन गेंदबाज़ी कोच नियुक्त किया है। बोर्ड ने मंगलवार को आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की, जिसमें कहा गया कि बहुतुले तीनों फॉर्मेट — टेस्ट, वनडे और टी20 — में भारत की अगली पीढ़ी के स्पिनरों का मार्गदर्शन करेंगे।

BCCI का आधिकारिक बयान

बोर्ड की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि साईराज बहुतुले को भारतीय क्रिकेट टीम (सीनियर पुरुष) का स्पिन बॉलिंग कोच नियुक्त किया गया है।’ यह नियुक्ति घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके लंबे कोचिंग अनुभव को ध्यान में रखते हुए की गई है।

बहुतुले की प्रतिक्रिया

नियुक्ति पर खुशी जताते हुए बहुतुले ने कहा, ‘भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का स्पिन बॉलिंग कोच नियुक्त होना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। बतौर खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए बहुत गर्व की बात थी। अब कोचिंग की भूमिका में भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर योगदान देने का मौका मिलना बहुत खास है।’ उन्होंने जोड़ा कि वह सभी फॉर्मेट में खिलाड़ियों के साथ काम करने को उत्सुक हैं।

खिलाड़ी के रूप में करियर

बहुतुले ने भारत के लिए 2 टेस्ट और 8 वनडे मैच खेले हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड बेहद समृद्ध रहा — 188 मुक़ाबलों में 31.83 की औसत से 6,176 रन, जिसमें 9 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं। गेंदबाज़ी में उनके नाम 630 फर्स्ट क्लास विकेट दर्ज हैं, जो उन्हें एक दुर्लभ ऑलराउंडर बनाते हैं।

कोचिंग का व्यापक अनुभव

संन्यास के बाद बहुतुले ने विदर्भ, केरल, गुजरात और बंगाल की रणजी टीमों के हेड कोच के रूप में काम किया। IPL में वह राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के स्पिन गेंदबाज़ी कोच रह चुके हैं। इंडिया ‘ए’ और सीनियर टीम के साथ भी वह विशेषज्ञ गेंदबाज़ी कोच के तौर पर कई दौरों में जुड़े रहे हैं।

NCA से सीधी पाइपलाइन

गौरतलब है कि 2021 से 2024 तक बहुतुले BCCI की नेशनल क्रिकेट एकेडमी — जिसे अब ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ कहा जाता है — के कोचिंग स्टाफ का अहम हिस्सा रहे। इस दौरान उन्होंने उभरती प्रतिभाओं को निखारने में अहम भूमिका निभाई, जिससे टीम मैनेजमेंट के लिए युवा स्पिनरों की पाइपलाइन से उनकी परिचितता पहले से ही गहरी है। यह अनुभव अब सीनियर सेटअप में सीधे काम आएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सफलता का पैमाना यह होगा कि क्या वह अश्विन-जडेजा युग के बाद की पीढ़ी को विदेशी परिस्थितियों के लिए तैयार कर पाते हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साईराज बहुतुले कौन हैं और उनकी नई भूमिका क्या है?
साईराज बहुतुले पूर्व भारतीय ऑलराउंडर हैं जिन्हें BCCI ने 2 जून को भारतीय सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम का स्पिन गेंदबाज़ी कोच नियुक्त किया है। वह तीनों फॉर्मेट में टीम के स्पिनरों का मार्गदर्शन करेंगे।
बहुतुले का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट रिकॉर्ड कैसा रहा है?
उन्होंने भारत के लिए 2 टेस्ट और 8 वनडे मैच खेले हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 188 मैचों में 31.83 की औसत से 6,176 रन और 630 विकेट लिए हैं, जिसमें 9 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं।
नियुक्ति से पहले बहुतुले ने कहाँ-कहाँ कोचिंग की है?
बहुतुले विदर्भ, केरल, गुजरात और बंगाल की रणजी टीमों के हेड कोच रह चुके हैं। IPL में उन्होंने राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के लिए स्पिन गेंदबाज़ी कोच के तौर पर काम किया है।
क्या बहुतुले पहले भी BCCI के साथ जुड़े रहे हैं?
हाँ, वह 2021 से 2024 तक BCCI की नेशनल क्रिकेट एकेडमी, जिसे अब ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ कहा जाता है, के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा थे। इस दौरान उन्होंने इंडिया ‘ए’ और सीनियर टीमों के साथ विशेषज्ञ गेंदबाज़ी कोच की भूमिका भी निभाई।
यह नियुक्ति भारतीय क्रिकेट के लिए क्यों अहम है?
यह नियुक्ति NCA की युवा पाइपलाइन और सीनियर टीम के बीच एक सीधा पुल बनाती है, क्योंकि बहुतुले पहले से ही उभरते स्पिनरों से परिचित हैं। यह अश्विन-जडेजा युग के बाद भारत की अगली स्पिन पीढ़ी को आकार देने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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