हरमनप्रीत कौर: 'फैंस का बढ़ता समर्थन टीम को बेहतर खेलने की प्रेरणा देता है', टी20 विश्व कप 2026 पर नज़र
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा है कि महिला क्रिकेट के प्रति बढ़ता प्रशंसक-समर्थन पूरी टीम को निरंतर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है। टी20 विश्व कप 2026 के लिए इंग्लैंड पहुँची टीम इंडिया को वनडे विश्व कप 2025 की विजेता के रूप में इस टूर्नामेंट में भी प्रबल खिताबी दावेदार माना जा रहा है। हरमनप्रीत ने 7 जून 2026 को एक विशेष बातचीत में तैयारी, नेतृत्व और खेल की बदलती माँगों पर खुलकर विचार साझा किए।
दबाव नहीं, प्रक्रिया पर ध्यान
बाहरी अपेक्षाओं और दबाव के बारे में पूछे जाने पर हरमनप्रीत ने कहा, 'मैं बाहरी दबाव के बारे में ज्यादा सोचने की कोशिश नहीं करती। मेरा ध्यान तैयारी, टीम में योगदान देने और वर्तमान पल में रहने पर होता है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि इतने वर्षों के अनुभव के बाद उन्हें समझ आया है कि इस स्तर पर उम्मीदें हमेशा बनी रहेंगी — असली चुनौती उन्हें अपनी प्रक्रिया से भटकने न देना है।
बीसीसीआई कैंप की तैयारी
बेंगलुरु में बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में हुई गहन तैयारी पर हरमनप्रीत ने कहा, 'इस तरह के कैंप किसी बड़े टूर्नामेंट से पहले एक ग्रुप के तौर पर लय और आत्मविश्वास बनाने में मदद करते हैं।' उन्होंने बताया कि युवा खिलाड़ियों को अनुभवी खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धी माहौल में समय बिताने का अवसर मिला। टीम में हर खिलाड़ी की भूमिका स्पष्ट करने पर विशेष ध्यान दिया गया, जो टी20 क्रिकेट की तेज़ रफ्तार प्रकृति को देखते हुए अनिवार्य है। सपोर्ट स्टाफ ने तैयारी को शारीरिक के साथ-साथ मानसिक और रणनीतिक आयाम भी दिए।
आक्रामक बल्लेबाज़ी और कोच की भूमिका
टी20 में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली पर हरमनप्रीत ने कहा, 'टी20 क्रिकेट लगातार बदल रही है। ज्यादा आक्रामक होने का मतलब अपने नैचुरल गेम को पूरी तरह बदलना नहीं, बल्कि ज्यादा प्रोएक्टिव होना और हालात के हिसाब से सोच-समझकर जोखिम उठाना है।' उन्होंने बताया कि कोच अमोल के साथ हुई चर्चाओं ने उन्हें उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद की जहाँ वे गेंदबाज़ों पर अधिक दबाव बना सकती थीं और स्कोरिंग के बेहतर विकल्प तलाश सकती थीं।
फील्डिंग: जागरूकता और कमिटमेंट का खेल
बल्लेबाज़ी के अलावा एक ऊर्जावान क्षेत्ररक्षक के रूप में भी पहचानी जाने वाली हरमनप्रीत ने कहा, 'फील्डिंग से एक अलग तरह का संतोष मिलता है क्योंकि यह पूरी तरह से जागरूकता, कमिटमेंट और मौके पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बारे में है।' उनके अनुसार डाइव लगाना, गेंद का पीछा करना और अतिरिक्त प्रयास करना टीम के साथियों को भी प्रेरित करता है और मैदान पर खेल की तीव्रता को बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि कैच, बाउंड्री बचाना या रन-आउट — तीनों ही टीम के लिए समान रूप से मूल्यवान हैं।
महिला क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता
महिला क्रिकेट से दर्शकों के बढ़ते जुड़ाव पर हरमनप्रीत ने कहा, 'जब लोग असल समय में मैचों, खिलाड़ियों, प्रदर्शन और अहम पलों पर सक्रिय रूप से चर्चा करते हैं, तो इससे खेल के प्रति भावनात्मक जुड़ाव और उसकी दृश्यता बढ़ती है।' उनके मुताबिक यह बातचीत महिला क्रिकेट को मुख्यधारा की क्रिकेट संस्कृति में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रही है। वनडे विश्व कप 2025 की जीत के बाद टीम के प्रति प्रशंसकों की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं — और हरमनप्रीत की नज़र अब टी20 विश्व कप 2026 में उन उम्मीदों पर खरा उतरने पर है।