श्रीलंका ने 430 रन चेज़ कर इंग्लैंड को हराया, ब्रूक के 202 रन भी नहीं आए काम
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान में जारी वनडे त्रिकोणीय सीरीज़ के गुरुवार को खेले गए हाईस्कोरिंग मुकाबले में श्रीलंका ने 430 रन का विशाल लक्ष्य मात्र 49.5 ओवर में 8 विकेट खोकर हासिल कर इंग्लैंड को ऐतिहासिक शिकस्त दी। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक के 116 गेंदों पर शानदार 202 रन भी टीम की हार को नहीं रोक सके। यह वनडे क्रिकेट इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज़ और श्रीलंका का अब तक का सबसे बड़ा लक्ष्य पीछा है।
मैच का घटनाक्रम
श्रीलंका ने टॉस जीतकर गेंदबाज़ी का फ़ैसला किया। पहले बल्लेबाज़ी करने उतरे इंग्लैंड ने 50 ओवर में 4 विकेट पर 429 रन का पहाड़ खड़ा किया। कप्तान हैरी ब्रूक ने 116 गेंदों पर 21 चौकों और 10 छक्कों की मदद से 202 रन की नाबाद पारी खेली, जो वनडे इतिहास का सबसे तेज़ दोहरा शतक है। जो रूट ने 66 गेंदों पर 69 और विल जैक्स ने 30 गेंदों पर नाबाद 66 रन जोड़े।
जवाब में श्रीलंका ने चौंकाने वाली बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन किया। सलामी बल्लेबाज़ अविष्का फर्नांडो ने 83 गेंदों पर 97 रन, पवन रथनायके ने 106 गेंदों पर 130 रन, दासुन शनाका ने 50 गेंदों पर 97 रन और जेनिथ लियांगे ने 27 गेंदों पर नाबाद 61 रन बनाकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। पवन रथनायके को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
ब्रूक की प्रतिक्रिया
हार के बाद प्रेजेंटेशन में हैरी ब्रूक ने कहा, "यह एक शानदार क्रिकेट मैच था। मुझे लगा कि दोनों टीमें बहुत बढ़िया थीं। बदकिस्मती से, श्रीलंका ने हमें हरा दिया। हम गेंद से ठीक से खेल नहीं पाए और उनकी ताकत के हिसाब से थोड़ा खेले, और फिर उन्होंने 400 रन बनाकर जबरदस्त क्रिकेट खेला।"
उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि 20 साल में पहली बार यह एक जबरदस्त उपलब्धि है। हमें ड्रॉइंग बोर्ड पर वापस जाना होगा। हम जानते हैं कि हमसे कहाँ गलती हुई है। बदकिस्मती से, हमने गेंद से अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। अगले कुछ मैचों में हमारे पास फाइनल में जगह पक्की करने का शानदार मौका है। हमें चीज़ों को सिंपल रखना होगा और खुद को सपोर्ट करना होगा।"
ऐतिहासिक संदर्भ
यह मुकाबला वनडे क्रिकेट इतिहास में कई मायनों में यादगार बन गया। ब्रूक का 202 रनों का दोहरा शतक वनडे का सबसे तेज़ दोहरा शतक है, वहीं श्रीलंका का 430 रनों का सफल चेज़ इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा रन चेज़ है। गौरतलब है कि श्रीलंका के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा सफल लक्ष्य पीछा भी है।
यह ऐसे समय में आया है जब इंग्लैंड की वनडे टीम 'बाज़बॉल' शैली के बल्लेबाज़ी आक्रमण के लिए जानी जाती है। लेकिन इस मैच ने साफ़ किया कि केवल बड़े स्कोर बनाना काफ़ी नहीं — गेंदबाज़ी में मज़बूती भी उतनी ही ज़रूरी है।
सीरीज़ में आगे की राह
इंग्लैंड के लिए यह हार एक झटका ज़रूर है, लेकिन ब्रूक के अनुसार टीम के पास आगामी मैचों में फाइनल में जगह बनाने का अवसर अभी बाकी है। टीम प्रबंधन गेंदबाज़ी विभाग की कमज़ोरियों पर काम करेगा। श्रीलंका की इस जीत ने त्रिकोणीय सीरीज़ को और भी रोमांचक बना दिया है।