23 अक्टूबर 2026
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नशा मुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन: CM धामी ने देहरादून में दिखाई हरी झंडी, युवाओं को दिया 'जिंदगी को हाँ' का संदेश

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नशा मुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन: CM धामी ने देहरादून में दिखाई हरी झंडी, युवाओं को दिया 'जिंदगी को हाँ' का संदेश

सारांश

देहरादून में 'नशा मुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन' महज एक दौड़ नहीं — यह सीएम धामी का युवाओं को नशे के विरुद्ध एकजुट करने का सार्वजनिक संकल्प है। 'जिंदगी को हाँ, नशे को न' का यह संदेश राज्य के हर घर तक पहुँचाने की मुहिम शुरू हो चुकी है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 23 अक्टूबर 2026 को देहरादून में 'नशा मुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन' को हरी झंडी दिखाई।
वॉकथॉन का लक्ष्य हर युवा, छात्र और घर तक नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी पहुँचाना है।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के अनुरूप उत्तराखंड में जगह-जगह कैंपेन आयोजित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने 'अंत्योदय' के सिद्धांत का हवाला देते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों तक विकास की किरणें पहुँचाने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम को सामाजिक आंदोलन बताते हुए धामी ने युवाओं को 'नशे को न, जिंदगी को हाँ' का संदेश दिया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को देहरादून में आयोजित 'नशा मुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं के साथ मिलकर 'स्वस्थ और शक्तिशाली उत्तराखंड' के निर्माण का संकल्प लिया और नशे के विरुद्ध एक व्यापक सामाजिक आंदोलन की आवश्यकता पर बल दिया।

वॉकथॉन का उद्देश्य और संदेश

मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह वॉकथॉन कोई सामान्य आयोजन नहीं, बल्कि एक जन जागरूकता और सामाजिक आंदोलन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का लक्ष्य हर युवा, हर छात्र और हर घर तक नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी पहुँचाना है।

धामी ने कहा, 'आज इस वॉकथॉन में हम जो कदम से कदम बढ़ा रहे हैं, वह 'स्वस्थ और नशा मुक्त उत्तराखंड' बनाने के हमारे संकल्प को मजबूती देने का काम करेगा। हमें युवाओं तक नशे को 'न' और जिंदगी को 'हाँ' का संदेश पहुँचाना है।'

युवाओं पर नशे के दुष्प्रभाव — मुख्यमंत्री की चिंता

मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी पर नशे के विनाशकारी प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि जिस युवा के हाथ में किताब, कंप्यूटर होना चाहिए और जिसे खेल के मैदान में होना चाहिए — जब उसके हाथों में नशा पहुँचता है, तो न केवल उसके अपने सपने बिखरते हैं, बल्कि उसके परिवार की उम्मीदें भी टूट जाती हैं।

उन्होंने जोड़ा कि ऐसे युवाओं के कारण समाज और देश दोनों कमजोर होते हैं, क्योंकि युवा ही आने वाली पीढ़ियों का भविष्य हैं। गौरतलब है कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में नशे की समस्या विशेष रूप से ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में गहरी चिंता का विषय बन चुकी है।

राज्य सरकार की नशा मुक्ति रणनीति

मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को नशा मुक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है, और उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड में जगह-जगह कैंपेन व जनजागृति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 'अंत्योदय' के सिद्धांत के साथ काम करते हुए सरकार का प्रयास है कि विकास की किरणें सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुँचें और समाज के अंतिम व्यक्ति का उत्थान हो सके।

स्वस्थ युवा — मजबूत राष्ट्र

धामी ने अपने संबोधन में कहा कि कोई भी देश तभी मजबूत हो सकता है जब उसकी युवा पीढ़ी हर प्रकार से सशक्त हो — अच्छी स्किल, संस्कार, शिक्षा और स्वस्थ शरीर। उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

यह वॉकथॉन राज्य में नशा उन्मूलन की दिशा में उठाए जा रहे ठोस कदमों की एक कड़ी है, और आगे भी ऐसे जनजागरण आयोजन जारी रखने का संकल्प लिया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उत्तराखंड में नशे की समस्या की गहराई — विशेषकर पहाड़ी और सीमावर्ती जिलों में — को देखते हुए असली परीक्षा जमीनी ढाँचे और पुनर्वास केंद्रों की उपलब्धता की है। राज्य सरकार ने अभियान की बहुलता तो बताई है, पर स्पष्ट लक्ष्य, बजट और मापने योग्य संकेतक अब तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं। बिना इन मानकों के, यह पहल जन-भावना को एकजुट तो कर सकती है, लेकिन दीर्घकालिक बदलाव के लिए नीतिगत प्रतिबद्धता आवश्यक होगी।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नशा मुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन क्या है?
यह 23 अक्टूबर 2026 को देहरादून में आयोजित एक जनजागरण कार्यक्रम है, जिसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरी झंडी दिखाई। इसका उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और 'स्वस्थ व शक्तिशाली उत्तराखंड' के निर्माण का संकल्प लेना है।
सीएम धामी ने इस वॉकथॉन में युवाओं को क्या संदेश दिया?
मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं को 'नशे को न, जिंदगी को हाँ' का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब युवाओं के हाथ में नशा पहुँचता है तो न केवल उनके अपने सपने टूटते हैं, बल्कि परिवार और देश भी कमजोर होता है।
उत्तराखंड में नशा मुक्ति अभियान कैसे चलाया जा रहा है?
राज्य सरकार जगह-जगह कैंपेन और जनजागृति कार्यक्रम आयोजित कर रही है ताकि हर युवा, हर छात्र और हर घर तक नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी पहुँचे। यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्रीय नशा मुक्ति कार्यक्रम के अनुरूप चलाया जा रहा है।
क्या यह वॉकथॉन सिर्फ देहरादून तक सीमित है?
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि इस संदेश को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना है। उनका लक्ष्य है कि हर युवा और हर विद्यार्थी इस अभियान से जुड़े और यह सामाजिक आंदोलन सीमावर्ती क्षेत्रों तक भी पहुँचे।
CM धामी के अनुसार एक मजबूत देश के लिए क्या जरूरी है?
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कोई देश तभी मजबूत हो सकता है जब उसकी युवा पीढ़ी अच्छी स्किल, संस्कार, शिक्षा और स्वस्थ शरीर से सशक्त हो। नशे से मुक्त और स्वस्थ युवा ही देश और समाज को नई दिशा दे सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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