3 अगस्त 2026
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देहरादून में 'रन फॉर योग' दौड़, CM पुष्कर सिंह धामी बोले — देवभूमि है योग साधना की जननी

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देहरादून में 'रन फॉर योग' दौड़, CM पुष्कर सिंह धामी बोले — देवभूमि है योग साधना की जननी

सारांश

देहरादून में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित 'रन फॉर योग' में CM पुष्कर सिंह धामी ने खुद हिस्सा लिया। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड को योग साधना की जननी बताते हुए 190 से अधिक देशों में योग के प्रसार को भारत की सनातन शक्ति का प्रमाण कहा।

मुख्य बातें

देहरादून में 19 जून 2026 को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले 'रन फॉर योग' कार्यक्रम आयोजित हुआ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं दौड़ में भाग लिया और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।
धामी ने उत्तराखंड को योग साधना और आध्यात्मिक चेतना का सनातन केंद्र बताया।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में योग आज 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोगों तक पहुँचा।
कार्यक्रम का उद्देश्य नशा मुक्त जीवन, अनुशासित दिनचर्या और सकारात्मक जीवनशैली का संकल्प दिलाना भी रहा।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर 19 जून 2026 को 'रन फॉर योग' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं इस दौड़ में भाग लिया और कहा कि यह आयोजन केवल एक प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज निर्माण का सशक्त अभियान है।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 'रन फॉर योग' एक स्वस्थ जीवन, सकारात्मक सोच और योग को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह की ऊर्जा और उत्साह को स्वस्थ जीवन के प्रति गंभीरता का प्रमाण बताया।

धामी ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल दौड़ना नहीं है — बल्कि नशा मुक्त जीवन, अनुशासित दिनचर्या और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लेना भी है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।

देवभूमि और योग की परंपरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पावन भूमि सदियों से ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है। गंगा और यमुना की निर्मल धाराएँ, हिमालय की दिव्य पर्वत श्रृंखलाएँ और समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा मानवता को प्रकृति, स्वास्थ्य और आत्मिक संतुलन के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि इसीलिए योग की सनातन परंपरा को जन-जन तक पहुँचाने में उत्तराखंड हमेशा देश के अग्रणी राज्यों में रहा है।

योग — विज्ञान और जीवन पद्धति

धामी ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि यह केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली एक वैज्ञानिक जीवन पद्धति है। उन्होंने श्रीमद्भागवत में भगवान श्रीकृष्ण के उद्धरण का संदर्भ देते हुए कहा कि जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में संतुलन और समभाव बनाए रखना ही योग है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब विश्व तनाव, अवसाद और अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब योग भारत की सनातन ज्ञान परंपरा का प्रतीक बनकर संपूर्ण मानवता को स्वस्थ और सुखी जीवन का मार्ग दिखा रहा है।

वैश्विक पहचान और आगे की राह

धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योगाभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने ऋषि-मुनियों द्वारा हजारों वर्ष पूर्व दिए गए इस दिव्य ज्ञान को आधुनिक जीवन की चुनौतियों का समाधान बताया।

इस आयोजन ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले देहरादून में योग के प्रति जन-जागरूकता को नई ऊँचाई दी है और आने वाले वर्षों में ऐसे आयोजनों के विस्तार की उम्मीद जगाई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि उत्तराखंड में योग को लेकर नीतिगत ढाँचा कितना ठोस है — केवल वक्तव्य नहीं। राज्य में योग पर्यटन और वेलनेस अर्थव्यवस्था की असीम संभावनाएँ हैं, जिनका दोहन अभी अधूरा है। देवभूमि की आध्यात्मिक पहचान को ब्रांड में बदलने के लिए ऐसे आयोजनों को संस्थागत रूप देना ज़रूरी है, वरना ये सालाना रस्म बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देहरादून में 'रन फॉर योग' कार्यक्रम क्या था?
'रन फॉर योग' 19 जून 2026 को देहरादून में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले आयोजित एक जन-जागरूकता दौड़ थी। इसका उद्देश्य स्वस्थ जीवनशैली, नशा मुक्ति और योग को आम जनता तक पहुँचाना था।
CM पुष्कर सिंह धामी ने 'रन फॉर योग' में क्या कहा?
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह दौड़ केवल प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि स्वस्थ समाज निर्माण का अभियान है। उन्होंने उत्तराखंड को योग साधना और आध्यात्मिक चेतना का सनातन केंद्र बताया और कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।
12वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कब मनाया जाएगा?
12वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026 को मनाया जाएगा। देहरादून में 'रन फॉर योग' इसी की तैयारी के रूप में 19 जून को आयोजित किया गया।
उत्तराखंड को योग साधना का केंद्र क्यों कहा जाता है?
उत्तराखंड सदियों से ऋषि-मुनियों की तपस्थली रहा है। गंगा-यमुना की निर्मल धाराएँ, हिमालय की पर्वत श्रृंखलाएँ और समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा इसे योग और ध्यान का स्वाभाविक केंद्र बनाती हैं।
विश्व में कितने देशों में योग का अभ्यास हो रहा है?
CM धामी के अनुसार आज 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योगाभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में योग को मिली वैश्विक पहचान का परिणाम बताया।
राष्ट्र प्रेस
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