महर्षि वाल्मीकि जयंती: CM धामी ने SC छात्रों के लिए कक्षा 1 से 12 तक छात्रवृत्ति और फ्री कोचिंग का ऐलान किया
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को देहरादून नगर निगम द्वारा आयोजित महर्षि वाल्मीकि जयंती शोभा यात्रा में सम्मिलित हुए और अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) वर्ग के छात्रों के लिए कक्षा 1 से 12वीं तक छात्रवृत्ति एवं प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था का उल्लेख किया। इस कार्यक्रम में धामी ने वंचित समाज के उत्थान के लिए राज्य सरकार की कई कल्याणकारी योजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया।
SC/ST छात्रों के लिए शिक्षा व कल्याण योजनाएँ
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि उत्तराखंड सरकार SC/ST वर्ग के छात्रों को कक्षा 1 से 12वीं तक छात्रवृत्ति प्रदान कर रही है। इसके अतिरिक्त, इन छात्रों के लिए 15 निशुल्क छात्रावास, 5 आवासीय विद्यालय और 3 आईटीआई भी संचालित किए जा रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था भी की गई है, ताकि युवा शिक्षा और रोज़गार के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
आवास व सामाजिक प्रोत्साहन योजनाएँ
धामी ने बताया कि सरकार ने अटल आवास योजना को पुनः प्रारंभ किया है, जिसके तहत आवासहीन अनुसूचित वर्ग के परिवारों को ₹1 लाख 20 हजार तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। सामाजिक सद्भाव बढ़ाने के लिए अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को ₹50 हजार की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके अलावा, SC/ST वर्ग की बेटियों के विवाह पर उनके परिवार को भी ₹50 हजार की सहायता राशि प्रदान की जाती है।
कांग्रेस और सपा पर राजनीतिक प्रहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का दुर्भाग्य रहा है कि कांग्रेस ने दशकों तक सामाजिक न्याय और वंचितों के उत्थान की बातें कीं, परंतु वास्तव में कुछ नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वंचित समाज को केवल वोट बैंक के रूप में देखा और जाति व वर्ग के नाम पर समाज को विभाजित करती रही। धामी ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा उत्तराखंड के लोगों को 'घुसपैठिया' कहे जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई और कांग्रेस-सपा गठबंधन को निशाने पर लिया।
उन्होंने मुजफ्फरनगर कांड, मसूरी कांड और खटीमा गोलीकांड का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव संयुक्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने अंकिता भंडारी केस और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर कांग्रेस की ओर से की गई टिप्पणी का भी उल्लेख किया।
कानून-व्यवस्था और सफाईकर्मियों के हित
धामी ने कहा कि उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं और राज्य में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। सरकार की प्राथमिकता आने वाली पीढ़ी को एक सुरक्षित और सशक्त उत्तराखंड सौंपना है।
सफाईकर्मियों के योगदान का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत सफाईकर्मियों के मानदेय में वृद्धि के संबंध में शीघ्र बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। यह कदम वाल्मीकि समाज की लंबे समय से चली आ रही माँगों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
आगे की राह
वाल्मीकि जयंती के इस मंच से मुख्यमंत्री धामी द्वारा की गई घोषणाएँ और राजनीतिक बयान उत्तराखंड की सियासत में SC/ST कल्याण को केंद्र में लाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष वंचित वर्गों के हितों पर सत्तारूढ़ दल को घेरने की कोशिश कर रहा है। राज्य सरकार की इन योजनाओं की व्यावहारिक स्थिति और सफाईकर्मियों के मानदेय पर होने वाला अंतिम निर्णय आगामी हफ्तों में स्पष्ट होगा।