CM धामी का 'युवा संकल्प दिवस' पर संकल्प: उत्तराखंड के युवाओं को राज्य नहीं छोड़ना पड़ेगा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 15 सितंबर 2026 को देहरादून में आयोजित 'युवा संकल्प दिवस' कार्यक्रम में राज्य के युवाओं से वादा किया कि राज्य सरकार ऐसे ठोस कदम उठाएगी जिससे उन्हें अपने सपने पूरे करने के लिए उत्तराखंड की सीमाएँ नहीं लाँघनी पड़ेंगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला उद्यमी बनाना है।
युवाओं के पलायन पर सरकार की चिंता
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा, 'हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उत्तराखंड के युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए मजबूरी में अपने गांव, घर और राज्य को न छोड़ना पड़े।' उत्तराखंड में युवाओं का पहाड़ी क्षेत्रों से मैदानी इलाकों और दूसरे राज्यों की ओर पलायन एक दशकों पुरानी समस्या रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई पहाड़ी ज़िलों में जनसंख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
AI, रोबोटिक्स और आधुनिक कौशल प्रशिक्षण पर जोर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और डिजिटल टेक्नोलॉजी के बदलते परिदृश्य का जिक्र करते हुए धामी ने कहा कि राज्य सरकार इन उद्योगों की ज़रूरतों के अनुरूप आधुनिक कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि मोबाइल फोन का उपयोग केवल मनोरंजन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे कौशल विकास का माध्यम बनाएँ।
गौरतलब है कि देश में AI और डिजिटल क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन की भारी माँग है और उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य इस अवसर का लाभ उठाने की स्थिति में हो सकते हैं — यदि प्रशिक्षण ढाँचा समय पर खड़ा हो।
पहाड़ी जिलों में औद्योगिक विस्तार की योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि पौड़ी, चमोली और अल्मोड़ा जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय हाल ही में लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से रोज़गार के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भी उद्योगों का विस्तार करने की पहल जारी है।
युवा आयोग और 'युवा भविष्य निर्माण योजना'
धामी ने 'युवा आयोग' के गठन के निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि यह आयोग कौशल विकास, रोज़गार, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं के अधिकारों की रक्षा करेगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि नीति-निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने 'युवा भविष्य निर्माण योजना' की घोषणा की है, जिसके तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को उनके घर, गाँव और मोहल्ले में ही गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। धामी ने कहा कि इससे युवाओं को किराये के कमरे या बड़े कोचिंग संस्थानों पर ₹60,000 तक खर्च करने की ज़रूरत नहीं रहेगी।
नकल-रोधी कानून और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने 2023 के नकल-रोधी कानून का भी उल्लेख किया और कहा कि इसे भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए लागू किया गया है। उन्होंने कहा, 'किसी को भी किसी युवा की सालों की मेहनत और सपनों को छीनने का हक नहीं है।' धामी ने नशीले पदार्थों, साइबर अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी संकल्प लिया।
स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए धामी ने युवाओं को कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार रास्ते और अवसर बना सकती है, लेकिन मंजिल तक पहुँचने की यात्रा युवाओं को स्वयं तय करनी होगी।