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उत्तराखंड CM धामी का वादा: युवाओं को सपनों के लिए राज्य नहीं छोड़ना पड़ेगा, 'युवा आयोग' और AI प्रशिक्षण की पहल

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उत्तराखंड CM धामी का वादा: युवाओं को सपनों के लिए राज्य नहीं छोड़ना पड़ेगा, 'युवा आयोग' और AI प्रशिक्षण की पहल

सारांश

उत्तराखंड में पलायन एक पुराना दर्द है — और सीएम धामी का 'युवा संकल्प दिवस' पर दिया संदेश इसी घाव पर मरहम की कोशिश है। युवा आयोग, AI प्रशिक्षण और घर बैठे कोचिंग की योजनाएँ बड़े इरादे दिखाती हैं, लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन होगी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 16 सितंबर 2026 को देहरादून में 'युवा संकल्प दिवस' को संबोधित किया।
सरकार ने युवा आयोग के गठन का निर्णय लिया है — जो कौशल विकास, रोज़गार और उद्यमिता के अवसर तैयार करेगा।
पौड़ी, चमोली और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की घोषणा की गई।
'युवा भविष्य निर्माण योजना' के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ₹60,000 तक की बचत कराने का वादा।
AI, रोबोटिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी के अनुरूप आधुनिक कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता।
2023 के नकल-रोधी कानून को भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने के प्रयास के रूप में रेखांकित किया गया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 16 सितंबर 2026 को देहरादून में आयोजित 'युवा संकल्प दिवस' कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए राज्य के युवाओं को भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसे ठोस कदम उठा रही है जिससे उन्हें अपने सपने पूरे करने के लिए उत्तराखंड से बाहर जाने की मजबूरी न हो। धामी ने युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले उद्यमी बनाने का संकल्प दोहराया।

मुख्य घोषणाएँ और वादे

मुख्यमंत्री धामी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उत्तराखंड के युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए मजबूरी में अपने गांव, घर और राज्य को न छोड़ना पड़े। हम चाहते हैं कि हमारे युवा भविष्य में केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें।' उन्होंने पर्यटन, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से रोज़गार के नए अवसर सृजित करने की बात कही।

सीएम धामी ने यह भी बताया कि पौड़ी, चमोली और अल्मोड़ा जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि मैदानी इलाकों के साथ-साथ पर्वतीय क्षेत्रों में भी उद्योगों का विस्तार हो सके।

AI और आधुनिक कौशल प्रशिक्षण पर ज़ोर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और डिजिटल टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'हमें अपने युवाओं को न केवल वर्तमान के लिए, बल्कि भविष्य की दुनिया के लिए भी तैयार करना होगा। इसी के अनुसार, हम एआई और रोबोटिक्स जैसे उद्योगों की ज़रूरतों के हिसाब से आधुनिक कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा दे रहे हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में तकनीकी बेरोज़गारी की चिंताएँ गहराती जा रही हैं।

उन्होंने युवाओं से मोबाइल फ़ोन का उपयोग सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग तक सीमित न रखने की अपील करते हुए कहा, 'आज आपके हाथ में मोबाइल फ़ोन है, जिससे दुनिया भर की जानकारी आपकी उंगलियों पर है; इसका इस्तेमाल सिर्फ स्क्रॉल करने के लिए नहीं, बल्कि अपनी स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए करें।'

युवा आयोग और नीति-निर्माण में युवा भागीदारी

सीएम धामी ने युवा आयोग के गठन के निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि यह आयोग कौशल विकास, रोज़गार, उद्यमिता और नवाचार के अवसर पैदा करने के साथ-साथ युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने जोर दिया, 'हम चाहते हैं कि युवाओं के लिए बनाई जाने वाली नीतियों में उन्हें शामिल किया जाए।'

गौरतलब है कि यह उत्तराखंड में युवाओं को नीति-निर्माण प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा बनाने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है, जो परंपरागत शासन के ढाँचे से अलग है।

नकल-रोधी कानून और पारदर्शी भर्ती

मुख्यमंत्री ने 2023 के नकल-रोधी कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और युवाओं के भविष्य की रक्षा के उद्देश्य से लागू किया गया है। उनके शब्दों में, 'किसी को भी किसी युवा की सालों की मेहनत और सपनों को छीनने या उनके साथ अन्याय करने का हक नहीं है। आखिर, नौकरी मिलना सिर्फ़ एक आँकड़ा नहीं है — यह किसी युवा की मेहनत और उसके परिवार की उम्मीदों का प्रतीक है।'

युवा भविष्य निर्माण योजना: घर बैठे कोचिंग

धामी ने 'युवा भविष्य निर्माण योजना' की जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को अब कमरा किराए पर लेने या बड़े कोचिंग संस्थानों पर ₹60,000 खर्च करने की ज़रूरत नहीं होगी — उन्हें गाँव, मोहल्ले और शहर में ही उच्च गुणवत्ता की कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के एक प्रसिद्ध कथन का हवाला देते हुए छात्रों से कड़ी मेहनत, अनुशासन और जिज्ञासा बनाए रखने का आग्रह किया।

नशीले पदार्थों के सेवन, साइबर अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों का भी उन्होंने उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार रास्ते बना सकती है, मंजिल तक पहुँचने का सफर युवाओं को स्वयं तय करना होगा — यह कदम राज्य की युवा नीति को एक नई दिशा दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक सामाजिक संकट है — राज्य के सैकड़ों गाँव खाली हो चुके हैं और जनगणना आँकड़े इसकी गवाही देते हैं। धामी की घोषणाएँ सही दिशा में हैं, लेकिन पौड़ी-चमोली जैसे पहाड़ी जिलों में औद्योगिक क्षेत्र बनाने की पिछली कोशिशें कनेक्टिविटी और निवेश की कमी से ठंडी पड़ती रही हैं। युवा आयोग की परिकल्पना सराहनीय है, पर बिना स्वतंत्र शक्तियों और बजट आवंटन के यह सलाहकार निकाय से अधिक कुछ नहीं बन पाएगा। असली सवाल यह है कि 'युवा भविष्य निर्माण योजना' और AI प्रशिक्षण के लिए धनराशि, समयसीमा और जवाबदेही का ढाँचा कब सार्वजनिक होगा।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तराखंड में 'युवा संकल्प दिवस' क्या है?
'युवा संकल्प दिवस' उत्तराखंड सरकार द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम है जिसमें राज्य के युवाओं के लिए रोज़गार, कौशल विकास और उद्यमिता से जुड़े संकल्प लिए जाते हैं। 16 सितंबर 2026 को देहरादून में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं।
उत्तराखंड का युवा आयोग क्या करेगा?
युवा आयोग का उद्देश्य रोज़गार और स्वरोज़गार के नए अवसर पैदा करना, युवाओं के अधिकारों और हितों को आगे बढ़ाना और उन्हें नीति-निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाना है। यह कौशल विकास, उद्यमिता, नवाचार और डिजिटल सशक्तीकरण में भी भूमिका निभाएगा।
युवा भविष्य निर्माण योजना से युवाओं को क्या फ़ायदा मिलेगा?
इस योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को उनके गाँव, मोहल्ले या शहर में ही उच्च गुणवत्ता की कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। इससे उन्हें बाहर कमरा किराए पर लेने या बड़े कोचिंग संस्थानों पर ₹60,000 तक खर्च करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
CM धामी ने उत्तराखंड से युवाओं के पलायन पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार ऐसे कदम उठा रही है जिससे युवाओं को सपने पूरे करने के लिए राज्य छोड़ने की मजबूरी न हो। पौड़ी, चमोली और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने और AI-आधारित कौशल प्रशिक्षण देने की योजना इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।
उत्तराखंड का 2023 का नकल-रोधी कानून क्या है?
2023 में लागू यह कानून राज्य की भर्ती परीक्षाओं में नकल और अनियमितताओं को रोकने के लिए बनाया गया था। मुख्यमंत्री धामी ने इसे भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और युवाओं के भविष्य की रक्षा करने के उपकरण के रूप में रेखांकित किया।
राष्ट्र प्रेस
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