उत्तराखंड CM धामी का वादा: युवाओं को सपनों के लिए राज्य नहीं छोड़ना पड़ेगा, 'युवा आयोग' और AI प्रशिक्षण की पहल
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 16 सितंबर 2026 को देहरादून में आयोजित 'युवा संकल्प दिवस' कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए राज्य के युवाओं को भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसे ठोस कदम उठा रही है जिससे उन्हें अपने सपने पूरे करने के लिए उत्तराखंड से बाहर जाने की मजबूरी न हो। धामी ने युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले उद्यमी बनाने का संकल्प दोहराया।
मुख्य घोषणाएँ और वादे
मुख्यमंत्री धामी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उत्तराखंड के युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए मजबूरी में अपने गांव, घर और राज्य को न छोड़ना पड़े। हम चाहते हैं कि हमारे युवा भविष्य में केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें।' उन्होंने पर्यटन, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से रोज़गार के नए अवसर सृजित करने की बात कही।
सीएम धामी ने यह भी बताया कि पौड़ी, चमोली और अल्मोड़ा जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि मैदानी इलाकों के साथ-साथ पर्वतीय क्षेत्रों में भी उद्योगों का विस्तार हो सके।
AI और आधुनिक कौशल प्रशिक्षण पर ज़ोर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और डिजिटल टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'हमें अपने युवाओं को न केवल वर्तमान के लिए, बल्कि भविष्य की दुनिया के लिए भी तैयार करना होगा। इसी के अनुसार, हम एआई और रोबोटिक्स जैसे उद्योगों की ज़रूरतों के हिसाब से आधुनिक कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा दे रहे हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में तकनीकी बेरोज़गारी की चिंताएँ गहराती जा रही हैं।
उन्होंने युवाओं से मोबाइल फ़ोन का उपयोग सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग तक सीमित न रखने की अपील करते हुए कहा, 'आज आपके हाथ में मोबाइल फ़ोन है, जिससे दुनिया भर की जानकारी आपकी उंगलियों पर है; इसका इस्तेमाल सिर्फ स्क्रॉल करने के लिए नहीं, बल्कि अपनी स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए करें।'
युवा आयोग और नीति-निर्माण में युवा भागीदारी
सीएम धामी ने युवा आयोग के गठन के निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि यह आयोग कौशल विकास, रोज़गार, उद्यमिता और नवाचार के अवसर पैदा करने के साथ-साथ युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने जोर दिया, 'हम चाहते हैं कि युवाओं के लिए बनाई जाने वाली नीतियों में उन्हें शामिल किया जाए।'
गौरतलब है कि यह उत्तराखंड में युवाओं को नीति-निर्माण प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा बनाने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है, जो परंपरागत शासन के ढाँचे से अलग है।
नकल-रोधी कानून और पारदर्शी भर्ती
मुख्यमंत्री ने 2023 के नकल-रोधी कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और युवाओं के भविष्य की रक्षा के उद्देश्य से लागू किया गया है। उनके शब्दों में, 'किसी को भी किसी युवा की सालों की मेहनत और सपनों को छीनने या उनके साथ अन्याय करने का हक नहीं है। आखिर, नौकरी मिलना सिर्फ़ एक आँकड़ा नहीं है — यह किसी युवा की मेहनत और उसके परिवार की उम्मीदों का प्रतीक है।'
युवा भविष्य निर्माण योजना: घर बैठे कोचिंग
धामी ने 'युवा भविष्य निर्माण योजना' की जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को अब कमरा किराए पर लेने या बड़े कोचिंग संस्थानों पर ₹60,000 खर्च करने की ज़रूरत नहीं होगी — उन्हें गाँव, मोहल्ले और शहर में ही उच्च गुणवत्ता की कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के एक प्रसिद्ध कथन का हवाला देते हुए छात्रों से कड़ी मेहनत, अनुशासन और जिज्ञासा बनाए रखने का आग्रह किया।
नशीले पदार्थों के सेवन, साइबर अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों का भी उन्होंने उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार रास्ते बना सकती है, मंजिल तक पहुँचने का सफर युवाओं को स्वयं तय करना होगा — यह कदम राज्य की युवा नीति को एक नई दिशा दे सकता है।