हॉकी इंडिया का यूके एक्सपोजर टूर के लिए 24 सदस्यीय जूनियर महिला टीम का ऐलान, शिलेमा चानू बनीं कप्तान
सारांश
मुख्य बातें
हॉकी इंडिया ने 24 जून 2025 को 5 से 14 जुलाई तक यूनाइटेड किंगडम (यूके) में होने वाले एक्सपोजर टूर के लिए 24 सदस्यीय भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम की घोषणा की। टीम की कमान खैदेम शिलेमा चानू को सौंपी गई है, जो मिडफील्डर के रूप में खेलती हैं। नए मुख्य कोच टिम व्हाइट के नेतृत्व में यह दल स्कॉटलैंड और इंग्लैंड में कुल सात मैच खेलेगा।
दौरे का महत्व और उद्देश्य
यह 9 दिवसीय एक्सपोजर टूर जूनियर एशिया कप सहित आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की तैयारी का अहम हिस्सा है। दौरे का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को विदेशी परिस्थितियों में प्रतिस्पर्धी अनुभव दिलाना है, जिससे उनके व्यक्तिगत खेल और टीम की सामूहिक रणनीति दोनों में निखार आए। गौरतलब है कि दल में शामिल कई खिलाड़ियों को पहले कभी विदेशी टीमों के खिलाफ खेलने का अवसर नहीं मिला है।
मुख्य घटनाक्रम और मैच कार्यक्रम
दौरे की शुरुआत यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग में स्कॉटलैंड सीनियर महिला टीम के विरुद्ध दो मैचों से होगी। इसके बाद दल लिलेशॉल नेशनल स्पोर्ट्स सेंटर में संयुक्त राज्य अमेरिका, इंग्लैंड और बेल्जियम की जूनियर टीमों से भिड़ेगा। यह बहु-टीम प्रारूप भारतीय खिलाड़ियों को अलग-अलग खेल शैलियों के खिलाफ खुद को परखने का मौका देगा।
पूर्ण टीम संरचना
गोलकीपर: निधि, एंगिल हर्षा रानी मिंज।
डिफेंडर: पूजा साहू, सुप्रिया, मधु, एफ. लालबी अक्सियामी, लालनेइहपुई, पार्वती टोपनो।
मिडफील्डर: खैदेम शिलेमा चानू (कप्तान), तनुजा टोप्पो, सुप्रिया कुजूर, पूजा मलिक, बिनिमा धन, गीता यादव, रोशनी आइंद, तनुश्री दिनेश कडू।
फॉरवर्ड: सुखवीर कौर, शशि खासा, लालरिनपुई, निशा मिंज, पूर्णिमा यादव, काजल, सनिका चंद्रकांत माने, कृष्णा शर्मा।
कोच व्हाइट की रणनीति
मुख्य कोच टिम व्हाइट ने दौरे की अहमियत पर कहा, 'यूके का दौरा हमारे जूनियर स्क्वाड के विकास की प्रक्रिया का एक जरूरी हिस्सा है। हमने एक रोमांचक युवा ग्रुप चुना है, जिनमें से कई को विदेशी टीमों के साथ खेलने का मौका नहीं मिला है, इसलिए यह अकेले खिलाड़ियों और एक टीम के तौर पर ग्रुप के लिए सीखने का एक शानदार मौका होगा।'
व्हाइट ने आगे कहा, 'हम बहुत कड़े मुकाबले वाले खिलाड़ियों के खिलाफ खेलेंगे, इसलिए हमें उम्मीद है कि हमें चुनौती मिलेगी। हालांकि, हम हर मैच को सीखने के मौके के तौर पर लेंगे और पिछले 10 हफ्तों से जिस तरह के खेल पर काम कर रहे हैं, उसे भी अपनाएंगे। मुझे यकीन है कि यह आने वाले एशिया कप के लिए बहुत अच्छी तैयारी होगी।'
आगे क्या
यह दौरा भारतीय जूनियर महिला हॉकी की पाइपलाइन को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस कदम है। जूनियर एशिया कप से पहले इस तरह का बहु-देशीय एक्सपोजर टीम की रणनीतिक तैयारी को नई धार देगा और कोच व्हाइट को अपने सर्वश्रेष्ठ कॉम्बिनेशन को अंतिम रूप देने का अवसर मिलेगा।